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दर्द की दवा कहीं किडनी पर न पड़े भारी, CDSCO की बड़ी चेतावनी
nidhi
23 Sept 2026 7:31 AM IST

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किडनी को नुकसान का खतरा
नई दिल्ली: सिरदर्द, बदन दर्द या बुखार होते ही बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर लेना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। दर्दनिवारक दवाओं के जरूरत से ज्यादा या लंबे समय तक इस्तेमाल से किडनी समेत शरीर के अन्य अंगों पर गंभीर असर पड़ सकता है। वहीं एंटीबायोटिक्स का गलत और अनावश्यक इस्तेमाल एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ाता है, जिसमें दवाएं संक्रमण पैदा करने वाले बैक्टीरिया के खिलाफ कम असरदार होने लगती हैं।
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) दवाओं के सुरक्षित और तर्कसंगत इस्तेमाल से जुड़े नियमों और निगरानी में अहम भूमिका निभाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ भी लगातार सलाह देते हैं कि पेनकिलर और एंटीबायोटिक्स जैसी दवाएं जरूरत और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ही ली जानी चाहिए। कुछ दर्दनिवारक दवाएं, खासकर NSAIDs श्रेणी की दवाएं, लंबे समय तक या अधिक मात्रा में लेने पर किडनी में रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकती हैं। इससे किडनी को नुकसान पहुंचने का जोखिम बढ़ सकता है। पहले से किडनी की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय संबंधी समस्या या डिहाइड्रेशन वाले लोगों में जोखिम अधिक हो सकता है।
इसका मतलब यह नहीं है कि डॉक्टर द्वारा निर्धारित सभी पेनकिलर किडनी खराब कर देते हैं। निर्धारित मात्रा और सीमित अवधि के लिए इस्तेमाल की जाने वाली दवाएं कई स्थितियों में जरूरी और उपयोगी होती हैं। समस्या तब बढ़ सकती है जब व्यक्ति बिना सलाह के बार-बार दवा लेता रहे या निर्धारित खुराक से अधिक सेवन करे।
एंटीबायोटिक्स के मामले में भी विशेष सावधानी जरूरी है। वायरल सर्दी-जुकाम जैसी स्थितियों में एंटीबायोटिक्स हर बार उपयोगी नहीं होतीं। बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेना, गलत खुराक लेना या उपचार को मनमर्जी से बदलना दवा प्रतिरोध की समस्या को बढ़ा सकता है।
लोगों को सलाह दी जाती है कि दर्द बार-बार हो रहा हो तो केवल पेनकिलर के सहारे उसे दबाने के बजाय उसके कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टर से संपर्क करें। किसी दूसरे व्यक्ति को लिखी गई दवा स्वयं न लें और पुरानी बची हुई एंटीबायोटिक का इस्तेमाल नए संक्रमण में न करें। यदि पेनकिलर लेने के बाद पेशाब की मात्रा में कमी, पैरों में सूजन, असामान्य कमजोरी, पेट में तेज परेशानी या अन्य गंभीर लक्षण दिखाई दें तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। दवाओं का सुरक्षित इस्तेमाल और डॉक्टर की सलाह का पालन गंभीर दुष्प्रभावों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
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