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CDSCO ने High-Risk फार्मा सॉल्वेंट्स की निगरानी हेतु डिजिटल प्लेटफॉर्म किया लॉन्च

SHIDDHANT
23 Oct 2025 7:46 PM IST
CDSCO ने High-Risk फार्मा सॉल्वेंट्स की निगरानी हेतु डिजिटल प्लेटफॉर्म किया लॉन्च
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Delhi दिल्ली। देश में दवाओं की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) ने एक नया डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू किया है। इस प्रणाली के माध्यम से अब उच्च-जोखिम वाले फार्मास्युटिकल सॉल्वेंट्स (High-Risk Pharmaceutical Solvents) के उत्पादन, वितरण और आवाजाही पर रीयल-टाइम निगरानी रखी जा सकेगी। यह कदम फार्मास्युटिकल सेक्टर में दुरुपयोग, अवैध व्यापार और गुणवत्ता में हेराफेरी जैसी समस्याओं पर नियंत्रण के लिए उठाया गया है। सीडीएससीओ ने बताया कि यह प्रणाली विशेष रूप से उन रासायनिक सॉल्वेंट्स पर केंद्रित होगी जिनका उपयोग दवाओं के निर्माण में किया जाता है, लेकिन उनका ग़लत इस्तेमाल ड्रग माफिया या अवैध सिंथेटिक ड्रग निर्माण में भी संभव है।
डिजिटल सिस्टम की मुख्य विशेषताएं:
उत्पादन इकाइयों को अब प्रत्येक बैच का ऑनलाइन पंजीकरण और ट्रैकिंग कोड जनरेट करना होगा।
हर खेप की डिजिटल एंट्री सीडीएससीओ के सेंट्रल सर्वर पर दर्ज होगी।
परिवहन और आपूर्ति के दौरान सिस्टम जीआईएस (GIS) आधारित लोकेशन ट्रैकिंग करेगा।
किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर स्वचालित अलर्ट सिस्टम से नियामक एजेंसियों को सूचना भेजी जाएगी।
सीडीएससीओ अधिकारियों के अनुसार, इस पहल से न केवल फार्मा उद्योग की पारदर्शिता बढ़ेगी बल्कि ड्रग कंट्रोल विभागों और पुलिस एजेंसियों को अवैध रसायन आपूर्ति की जांच में भी मदद मिलेगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत में हर साल बड़ी मात्रा में ऐसे सॉल्वेंट्स का उत्पादन होता है, जिनका उपयोग दवाओं के साथ-साथ गैर-कानूनी प्रयोगों में भी किया जा सकता है। इसलिए इस प्रणाली से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी रासायनिक बैच अवैध नेटवर्क में न पहुंचे।
फार्मा कंपनियों को अब अपने सभी हाई-रिस्क सॉल्वेंट्स की इन्वेंटरी, स्टॉक, और डिस्ट्रीब्यूशन डिटेल्स सीडीएससीओ के डिजिटल पोर्टल पर अपडेट करनी होंगी। नियमों के उल्लंघन पर लाइसेंस निलंबन और जुर्माने की कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया है। यह सिस्टम फार्मा सेक्टर के डिजिटलीकरण और डेटा-संचालित निगरानी मॉडल की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि अगले चरण में इस ट्रैकिंग सिस्टम को API (Active Pharmaceutical Ingredients) और फिनिश्ड ड्रग्स तक भी विस्तारित किया जाए।
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