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रिलायंस होम फाइनेंस मामले में CBI की दूसरी चार्जशीट दाखिल

Ratna Netam
1 Oct 2026 9:26 PM IST
रिलायंस होम फाइनेंस मामले में CBI की दूसरी चार्जशीट दाखिल
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मुंबई। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) से जुड़े मामले में गुरुवार को दूसरी चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट मुंबई में CBI मामलों के स्पेशल जज के सामने पेश की गई। इसमें कुल 11 लोगों और संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है। इनमें रिलायंस ADA ग्रुप से जुड़े तीन एग्जीक्यूटिव, सात कंपनियां और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट शामिल हैं। आरोपियों पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं।
CBI के मुताबिक, दूसरी चार्जशीट में RHFL के डायरेक्टर और चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर अमित बापना का नाम शामिल है। इसके अलावा रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और वाइस चेयरमैन अमिताभ झुनझुनवाला तथा रिलायंस पावर लिमिटेड के CFO सुरेश नागराजन को भी आरोपी बनाया गया है। एजेंसी ने अपनी जांच के आधार पर इन अधिकारियों की कथित भूमिका का उल्लेख चार्जशीट में किया है।
तीन वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा सात कंपनियों को भी आरोपी बनाया गया है। वहीं एक चार्टर्ड अकाउंटेंट को भी चार्जशीट में शामिल किया गया है। इस तरह दूसरी चार्जशीट में कुल 11 आरोपियों के नाम हैं। CBI ने अदालत के सामने अपनी जांच से संबंधित सामग्री और आरोपों का विवरण प्रस्तुत किया है।
एजेंसी के अनुसार आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं। अब विशेष अदालत चार्जशीट और उसके साथ पेश किए गए दस्तावेजों तथा साक्ष्यों पर कानूनी प्रक्रिया के अनुसार विचार करेगी। चार्जशीट दाखिल होना जांच एजेंसी की ओर से आरोपों और जांच के निष्कर्षों को अदालत के सामने रखने की प्रक्रिया है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
RHFL मामले में दूसरी चार्जशीट दाखिल किया जाना जांच में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। इससे पहले भी मामले में जांच आगे बढ़ाई गई थी और अब CBI ने अतिरिक्त आरोपियों तथा कंपनियों की कथित भूमिका को लेकर दूसरी चार्जशीट अदालत में पेश की है। एजेंसी मामले से जुड़े वित्तीय लेनदेन और विभिन्न पदाधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है।
CBI ने जांच के दौरान कंपनी से जुड़े अधिकारियों और अन्य संस्थाओं की भूमिका की पड़ताल की है। एजेंसी का आरोप है कि मामले में वित्तीय गतिविधियों के दौरान आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी से संबंधित कृत्य हुए। इन्हीं आरोपों के आधार पर संबंधित लोगों और कंपनियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।
चार्जशीट में अमित बापना की भूमिका का उल्लेख RHFL के डायरेक्टर और CFO के रूप में किया गया है। इसी तरह अमिताभ झुनझुनवाला को रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के ग्रुप MD और वाइस चेयरमैन के रूप में नामित किया गया है। सुरेश नागराजन का नाम रिलायंस पावर लिमिटेड के CFO के तौर पर शामिल किया गया है। इनके अलावा अन्य कंपनियों और चार्टर्ड अकाउंटेंट की कथित भूमिका भी जांच के दायरे में रखी गई है।
दूसरी चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब अदालत के स्तर पर आगे की कार्रवाई होगी। स्पेशल जज चार्जशीट में लगाए गए आरोपों और जांच एजेंसी द्वारा पेश सामग्री पर विचार करेंगे। इसके बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
वित्तीय मामलों की जांच में एजेंसी आम तौर पर कंपनियों के रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों, लेनदेन से संबंधित जानकारियों और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल करती है। RHFL मामले में भी CBI की जांच का दायरा कई लोगों और संस्थाओं तक पहुंचा है। दूसरी चार्जशीट में तीन एग्जीक्यूटिव, सात कंपनियों और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट का शामिल होना इसी जांच का हिस्सा है।
CBI की ओर से लगाए गए आरोप फिलहाल अभियोजन पक्ष के दावे हैं। आरोपियों को अदालत में अपना पक्ष रखने और आरोपों का जवाब देने का अधिकार होगा। अदालत में साक्ष्यों और कानूनी दलीलों के आधार पर ही आगे की जिम्मेदारी या दोष का निर्धारण किया जाएगा।
इस मामले में दूसरी चार्जशीट दाखिल होने से जांच का एक और चरण अदालत तक पहुंच गया है। एजेंसी ने अपनी जांच में जिन लोगों और कंपनियों की भूमिका सामने आने का दावा किया है, उनका विवरण अब विशेष अदालत के समक्ष है।
फिलहाल मामले की न्यायिक प्रक्रिया जारी रहेगी। CBI की दूसरी चार्जशीट के बाद अब अदालत की ओर से होने वाली अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी। RHFL से जुड़े इस मामले में तीन वरिष्ठ अधिकारियों समेत 11 आरोपियों को चार्जशीट में शामिल किए जाने के बाद जांच और न्यायिक प्रक्रिया दोनों महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गई हैं।
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