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नई दिल्ली: उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर इलाके में एक डे-केयर सेंटर से जुड़ा मामला सामने आया है, जिसने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कथित तौर पर एक केयरटेकर तीन साल के बच्चे के साथ बेरहमी से मारपीट करता दिखाई दे रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने इस मामले में बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत केस दर्ज किया है। मामले में चार लोगों को आरोपी बनाया गया है, जबकि केयरटेकर को गिरफ्तार कर लिया गया है।
CCTV वीडियो सामने आने के बाद खुला मामला
#BREAKING A 3-year-old was allegedly assaulted and tied to a chair at a #Maujpur playschool. Doctor diagnosed swollen eardrums. CCTV confirmed abuse. #DelhiPolice registered a #POCSO case, arresting the nanny and probing the teacher.
— jarvis ☠️ (@Vishii14) August 31, 2026
@DelhiPolice @CPDelhi
#Delhi #POCSO pic.twitter.com/4tLvKaqszI
जानकारी के अनुसार, यह घटना मौजपुर इलाके के एक डे-केयर सेंटर की बताई जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में एक छोटा बच्चा पीले रंग की प्लास्टिक कुर्सी पर बैठा दिखाई दे रहा है। आरोप है कि केयरटेकर ने बच्चे को पैर से धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया और उसके साथ मारपीट की।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी फैल गई और बच्चे की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे।
माता-पिता ने लगाए गंभीर आरोप
बच्चे के माता-पिता का आरोप है कि शुरुआत में स्कूल प्रशासन ने ऐसी किसी भी घटना से इनकार किया था।
परिजनों का कहना है कि उन्हें बच्चे के साथ कुछ गलत होने का शक था, जिसके बाद उन्होंने स्कूल के अंदर लगे CCTV फुटेज की मांग की।
आरोप है कि CCTV फुटेज हासिल करने के लिए उन्हें 1,500 रुपये देने पड़े। वीडियो मिलने के बाद स्टाफ की कथित हरकतें सामने आईं।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार, केयरटेकर को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
इसके अलावा स्कूल की डायरेक्टर सुनीता बंसल, प्रिंसिपल नीलम और टीचर सिमरन व पूजा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है और मामले से जुड़े अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं।
POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई
नाबालिग बच्चों से जुड़े मामलों में पुलिस POCSO एक्ट के तहत कार्रवाई करती है।
इस कानून के तहत बच्चों के साथ किसी भी तरह के शोषण या अपराध को गंभीर श्रेणी में रखा जाता है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
स्कूल प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
इस घटना के बाद डे-केयर सेंटर और स्कूल प्रशासन की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
बच्चों की देखभाल के लिए नियुक्त कर्मचारियों की निगरानी और सत्यापन प्रक्रिया पर चर्चा शुरू हो गई है।
अभिभावकों का कहना है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों और डे-केयर सेंटरों में बेहतर निगरानी व्यवस्था होनी चाहिए।
बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे बच्चे अपनी परेशानियां कई बार ठीक से बता नहीं पाते हैं।
ऐसे में माता-पिता और संस्थानों को बच्चों के व्यवहार में बदलाव, डर या असामान्य गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए।
डे-केयर सेंटरों में काम करने वाले कर्मचारियों का प्रशिक्षण और नियमित निगरानी बेहद जरूरी है।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू कर दी है।
CCTV फुटेज, बच्चे और परिवार के बयान तथा अन्य सबूतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के दौरान कौन-कौन लोग मौजूद थे और किसकी क्या भूमिका रही।
दिल्ली के मौजपुर इलाके में सामने आए इस मामले ने बच्चों की सुरक्षा और डे-केयर सेंटरों की निगरानी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर पुलिस जांच और आरोपियों के खिलाफ होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है।





