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दिल्ली के अनुरूप पाठ्यक्रम व मूल्यांकन को डिजाइन करेगा कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड असेसमेंट

Rani Sahu
19 Jan 2023 3:29 PM GMT
दिल्ली के अनुरूप पाठ्यक्रम व मूल्यांकन को डिजाइन करेगा कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड असेसमेंट
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नई दिल्ली, (आईएएनएस)| दिल्ली बोर्ड ऑफ एजुकेशन के विजन के अनुरूप स्कूलों के पाठ्यक्रम, मूल्यांकन और टीचर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम को डिजाइन करने में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड असेसमेंट (सीयूपीए) मदद करेगा। शिक्षा क्रांति को आगे ले जाने के क्रम में दिल्ली सरकार ने असेसमेंट के क्षेत्र में विश्व की बेस्ट प्रैक्टिसेज को समझने के लिए आगे बढ़ रही है। इस प्रक्रिया में कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड असेसमेंट (सीयूपीए) दिल्ली सरकार का सहयोगी है। दोनों के बीच इस विषय को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता भी हो चुका है।
गुरुवार को एससीईआरटी दिल्ली व दिल्ली शिक्षक विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित 'लेट्स रि-लर्न टू असेसमेंट' विषय पर परिचर्चा की गई। इस परिचर्चा में असेसमेंट के क्षेत्र में विख्यात कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड असेसमेंट के ग्रुप डायरेक्टर टिम ओटस व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने भी शिरकत की।
शिक्षाविदों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए, टिम ओट्स ने कहा, जब हम पारंपरिक मूल्यांकन प्रणाली में बदलाव करने की कोशिश कर रहे हैं, तो हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उस हम मूल्यांकन मॉडल पर काम करें जो मैनेजेबल हो। यदि वे अव्यावहारिक हैं और सिस्टम पर बहुत अधिक दबाव डालते हैं तो वह नियंत्रण से बाहर हो जाएगा। इसलिए जब भी जब हम अपनी मूल्यांकन प्रणाली में किसी भी प्रकार का संशोधन कर रहे हों तो हमें बहुत सावधान रहने की आवश्यकता है।
टिम ने कहा कि मूल्यांकन युवा व्यक्ति के दिमाग के अंदर जाने और यह जानने की प्रक्रिया है कि वे इस विषय में क्या जानते और समझते हैं कि वे क्या कर सकते हैं और क्यों करते हैं। यह वास्तव में उच्च गुणवत्ता वाले प्रश्न हैं जो बताते हैं कि कोई कैसे सोच रहा है। इसलिए अगर हम इस बारे में गहराई से सोचते हैं कि हम बच्चे से क्या जवाब चाहते हैं, तो हम शिक्षा के प्रत्येक चरण में प्रश्नों को क्यूरेट कर सकते हैं और फिर विचार कर सकते हैं कि उन प्रश्नों को रखने और प्रतिक्रियाओं को इकट्ठा करने का सबसे अच्छा तरीका क्या है।
वहीं सिसोदिया ने कहा, मूल्यांकन और मूल्यांकन सुधार वह स्तंभ है जिस पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का भविष्य टिका है। दिल्ली सरकार द्वारा शिक्षा क्रांति का पहला और सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य दिल्ली सरकार के स्कूल भवनों को विश्वस्तरीय बनाना रहा। इसके बाद हमारे स्कूलों में कक्षा के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षक प्रशिक्षण दिया गया और अब मूल्यांकन सुधार पर काम किया जा रहा है, क्योंकि मूल्यांकन में सुधार ही शिक्षा प्रणाली को इसकी सबसे बड़ी क्षमता का एहसास कराने में मदद कर सकता है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि क्वालिटी असेसमेंट का सबसे महत्वपूर्ण घटक कंपीटेंसी का आंकलन करने में सक्षम होना है। इस आकलन के 2 घटक हैं। सबसे पहले, अपने साथियों की तुलना में अपेक्षाकृत एक छात्र की क्षमता का मूल्यांकन करना। यह कुछ ऐसा है जिसे मौजूदा आकलन प्रणाली सफलतापूर्वक पूरा करती है। हालांकि, जहां तक माइंडसेट का आकलन करने और समय के साथ एक व्यक्तिगत छात्र के विकास का मूल्यांकन करने की बात है, हमें बहुत कुछ सीखना है। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए हमारे उपकरणों और मूल्यांकन के तरीकों पर लगातार सवाल करना हमारे लिए महत्वपूर्ण है। इस परिवर्तन को संभव बनाने, मूल्यांकन को और बेहतर बनाने और हमारे शिक्षा मॉडल को विश्वस्तरीय बनाने में आज जैसे सत्र महत्वपूर्ण होंगे।
टिम ओट्स कैम्ब्रिज असेसमेंट में असेसमेंट रिसर्च एंड डेवलपमेंट के ग्रुप डायरेक्टर हैं, जो मूल्यांकन के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय शोध पर ध्यान केंद्रित करता है। टिम ओट्स 2010-2013 के बीच इंग्लैंड में राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की समीक्षा के लिए विशेषज्ञ पैनल के अध्यक्ष थे। उन्होंने मूल्यांकन और पाठ्यक्रम के मुद्दों पर व्यापक रूप से रिसर्च किया है, और नियमित रूप से यूके और अन्य सरकारों और ओईसीडी को ब्रीफिंग और सलाह प्रदान करते हैं।
--आईएएनएस
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