दिल्ली-एनसीआर

दिल्ली में भरभराकर गिरी इमारत, 2 की मौत, CM रेखा गुप्ता ने लिया बड़ा एक्शन

Ratna Netam
5 Nov 2026 3:46 PM IST
दिल्ली में भरभराकर गिरी इमारत, 2 की मौत, CM रेखा गुप्ता ने लिया बड़ा एक्शन
x
नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक चावड़ी बाजार इलाके में गुरुवार, 5 नवंबर 2026 की सुबह बड़ा हादसा हो गया। यहां निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोगों के घायल होने की खबर है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की टीमें मौके पर पहुंचीं और मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू किया। हादसे की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी घटनास्थल पर पहुंचीं और अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने संबंधित ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने, मामले की विस्तृत जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।यह हादसा पुरानी दिल्ली के चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन के पास गली सितारा स्थित शीश महल इलाके में हुआ। दिल्ली अग्निशमन सेवा के अनुसार, सुबह करीब 9 बजकर 50 मिनट पर इमारत गिरने की सूचना प्राप्त हुई। इसके बाद दमकल विभाग की छह इकाइयों को राहत एवं बचाव कार्य के लिए भेजा गया। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद बचावकर्मियों ने मलबा हटाने का काम शुरू किया। स्थानीय लोगों ने भी शुरुआती दौर में घायलों को बाहर निकालने में मदद की।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, निर्माणाधीन इमारत में पिछले कुछ महीनों से काम चल रहा था। गुरुवार सुबह अचानक तेज आवाज सुनाई दी और देखते ही देखते इमारत का एक हिस्सा ढह गया। आसपास के मकानों में रहने वाले लोग घबराकर बाहर निकल आए। शुरुआत में किसी को समझ नहीं आया कि आखिर क्या हुआ है। कुछ ही देर में घटनास्थल के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिया घटनास्थल का जायजा
हादसे की सूचना मिलने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घटनास्थल पर पहुंचीं। उन्होंने राहत एवं बचाव अभियान का निरीक्षण किया और संबंधित विभागों के अधिकारियों से बातचीत की।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए सभी जरूरी संसाधनों का इस्तेमाल किया जाए। उन्होंने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता देने के निर्देश भी जारी किए।मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, हादसे के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में लापरवाही और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया जाएगा।
दो इंजीनियरों को किया गया निलंबित
हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने दिल्ली नगर निगम (MCD) के संबंधित जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को तत्काल निलंबित करने के निर्देश दिए।इसके बाद नगर निगम ने दोनों अधिकारियों के निलंबन की कार्रवाई की। निर्माण कार्य की निगरानी में कथित लापरवाही को लेकर उनकी भूमिका जांच के दायरे में है।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।पुलिस ने इमारत के मालिकों और ठेकेदार की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। संबंधित अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य की वैधता और सुरक्षा व्यवस्था की भी जांच की जा रही है।
अवैध निर्माण का मामला आया सामने
पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस इमारत में हादसा हुआ, वहां निर्माण कार्य बिना आवश्यक अनुमति के किया जा रहा था।मध्य दिल्ली के पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि इमारत की तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान इमारत का हिस्सा गिरने लगा और वहां मौजूद कुछ मजदूर मलबे में फंस गए।पुलिस के अनुसार, इमारत सुरक्षित नहीं थी। हादसे के बाद आसपास की कुछ इमारतों में भी दरारें दिखाई देने की जानकारी मिली।सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास के प्रभावित भवनों को खाली कराने की कार्रवाई शुरू की गई।पुलिस ने नगर निगम को भी स्थिति से अवगत कराया है।
पांच महीने पहले दी गई थी निर्माण की सूचना
इस घटना में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने जून 2026 में ही नगर निगम को संबंधित स्थान पर कथित अनधिकृत निर्माण के संबंध में जानकारी दी थी।बताया गया कि 15 जून को पुलिस की ओर से इस संबंध में सूचना भेजी गई थी। हालांकि, इसके बाद नगर निगम द्वारा क्या कार्रवाई की गई, यह जांच का विषय है।इस जानकारी के सामने आने के बाद संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।नगर निगम के एक अधिकारी के अनुसार, इमारत में निर्माण कार्य लगभग 15 दिन पहले रुकवाया गया था।प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि छत के नीचे लगाए गए सहायक ढांचे को हटाने के दौरान इमारत गिर गई। निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और मजबूती को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि विस्तृत तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए चला अभियान
हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य में दिल्ली अग्निशमन सेवा, दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, नगर निगम, कैट्स एंबुलेंस सेवा और NDRF की टीमों को लगाया गया।बचावकर्मियों ने मलबे को सावधानीपूर्वक हटाकर दबे हुए लोगों की तलाश की।अधिकारियों के अनुसार, दो लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। शुरुआती पुलिस जानकारी में एक घायल व्यक्ति का उल्लेख था, जबकि बाद की रिपोर्टों में चार लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई।हादसे के दौरान मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका के कारण तलाशी अभियान जारी रखा गया।
विपक्ष ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
घटना के बाद दिल्ली की राजनीति भी गरमा गई है। आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने नगर निगम और दिल्ली सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।उन्होंने आरोप लगाया कि राजधानी में इमारतों की सुरक्षा जांच के दावों के बावजूद ऐसी दुर्घटनाएं सामने आ रही हैं।भारद्वाज ने निर्माण कार्यों की निगरानी और संबंधित विभागों की जवाबदेही को लेकर भी सवाल खड़े किए। हालांकि, उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पुरानी दिल्ली में जर्जर और निर्माणाधीन इमारतों की सुरक्षा पर चिंता
चावड़ी बाजार पुरानी दिल्ली के प्रमुख व्यापारिक क्षेत्रों में शामिल है। यहां संकरी गलियां, घनी आबादी और पुरानी इमारतें बड़ी संख्या में मौजूद हैं।ऐसे इलाकों में निर्माण या मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन बेहद आवश्यक होता है।विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी पुरानी इमारत में अतिरिक्त निर्माण से पहले उसकी संरचनात्मक मजबूती का आकलन किया जाना चाहिए।इस घटना ने एक बार फिर राजधानी में अनधिकृत निर्माण और इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।फिलहाल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने हादसे की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस तथा नगर निगम की जांच से यह स्पष्ट होगा कि निर्माण कार्य में किन स्तरों पर लापरवाही हुई और हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है।
Next Story