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दिल्ली-एनसीआर
कांग्रेस की महारैली के जवाब में BJP का बड़ा ऐलान, दिल्ली में निकलेगा विरोध मार्च
Ratna Netam
30 Oct 2026 9:37 PM IST

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नई दिल्ली : 30 अक्टूबर 2026। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 1 नवंबर को राजनीतिक गतिविधियां तेज होने वाली हैं। कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन की प्रस्तावित महारैली के जवाब में भारतीय जनता पार्टी ने भी बड़े विरोध मार्च की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा का यह मार्च रविवार सुबह 11 बजे तिलक नगर से हरि नगर तक निकाला जाएगा। इसमें 5,000 से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है। मार्च में सिख समुदाय के सदस्य, 1984 के सिख विरोधी दंगों के पीड़ित और उनके परिवार शामिल हो सकते हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं की भी भागीदारी प्रस्तावित है।भाजपा ने यह विरोध मार्च ऐसे समय में आयोजित करने का निर्णय लिया है, जब विपक्षी INDIA गठबंधन दिल्ली के रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के तहत बड़ी रैली करने जा रहा है। दोनों आयोजनों की तारीख एक होने के कारण राजधानी में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। भाजपा ने कांग्रेस की रैली की तारीख पर सवाल उठाते हुए 1984 के सिख विरोधी दंगों का मुद्दा प्रमुखता से उठाने की तैयारी की है।
रिपोर्टों के अनुसार, भाजपा के विरोध मार्च में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों से पार्टी कार्यकर्ताओं और सिख समुदाय के लोगों को शामिल करने की योजना है। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 11 बजे होगी। इसमें 1984 की हिंसा में अपने परिजनों को खोने वाले परिवारों की भागीदारी भी प्रस्तावित है। भाजपा इस मार्च के माध्यम से कांग्रेस से ऐतिहासिक घटनाओं को लेकर जवाबदेही की मांग कर सकती है।केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के मार्च का नेतृत्व करने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भाजपा के अन्य प्रमुख सिख नेताओं और दिल्ली इकाई के पदाधिकारियों के भी शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, आयोजन में शामिल होने वाले लोगों की वास्तविक संख्या और सभी नेताओं की उपस्थिति कार्यक्रम के दिन ही स्पष्ट होगी।भाजपा ने कांग्रेस और INDIA गठबंधन की रैली को लेकर सवाल उठाया है कि इसके लिए 1 नवंबर की तारीख क्यों चुनी गई। दरअसल, 1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में सिख विरोधी हिंसा हुई थी। इस हिंसा में हजारों लोगों की जान गई थी और बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए थे।
भाजपा का कहना है कि 1 नवंबर का दिन सिख समुदाय के लिए दर्दनाक इतिहास की याद दिलाता है। पार्टी ने आरोप लगाया कि इस तारीख को राजनीतिक रैली आयोजित करने का निर्णय पीड़ित परिवारों की भावनाओं के प्रति संवेदनशीलता नहीं दर्शाता। भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे पर कांग्रेस से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की है।हालांकि, कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने 1 नवंबर की रैली को मतदाता अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े अभियान का हिस्सा बताया है। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि इस प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम हटने से उनके मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।कांग्रेस और INDIA गठबंधन के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। विपक्षी दलों की मांग है कि मतदाता सूची से जुड़े सभी मामलों की पारदर्शी जांच हो और पात्र नागरिकों को मतदान अधिकार से वंचित न होना पड़े। हालांकि, ये विपक्ष के आरोप और राजनीतिक मांगें हैं; इन्हें किसी न्यायिक निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
निर्वाचन आयोग का पक्ष है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य उसकी शुद्धता सुनिश्चित करना है। इसमें निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से अपात्र, दोहरी या गलत प्रविष्टियों की पहचान की जाती है। पात्र मतदाताओं को नाम जुड़वाने और संबंधित आपत्तियां दर्ज कराने की व्यवस्था भी उपलब्ध होती है।कांग्रेस ने 1 नवंबर को आयोजित होने वाली महारैली से पहले 'चलो दिल्ली' मार्च की भी घोषणा की है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के अनुसार, यह मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस के जंक्शन से शुरू होकर रामलीला मैदान पहुंचेगा। इसके बाद विपक्षी नेता रैली को संबोधित करेंगे। कांग्रेस ने विभिन्न राज्यों से पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया है।रामलीला मैदान की रैली के लिए दिल्ली पुलिस ने पहले ही अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी कर दिया है। पुलिस के अनुसार, आयोजन की अनुमति निर्धारित शर्तों के तहत दी गई है। कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर आयोजकों तथा संबंधित विभागों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
दिल्ली पुलिस ने बताया है कि रैली के दौरान यातायात व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए आवश्यक इंतजाम किए जाएंगे। बड़ी संख्या में लोगों के एकत्र होने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा प्रबंधों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।एक ही दिन राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में भाजपा और INDIA गठबंधन के कार्यक्रम होने से यातायात प्रभावित होने की संभावना है। तिलक नगर, हरि नगर, मिंटो रोड और रामलीला मैदान के आसपास सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, किसी विशेष सड़क को बंद करने या मार्ग परिवर्तन की अंतिम जानकारी दिल्ली यातायात पुलिस की आधिकारिक एडवाइजरी से ही स्पष्ट होगी।राजनीतिक दृष्टि से दोनों आयोजनों के मुद्दे अलग हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल मतदाता सूची तथा निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी मांगें सामने रखना चाहते हैं। वहीं भाजपा 1984 के सिख विरोधी दंगों और कांग्रेस की रैली की तारीख को लेकर राजनीतिक तथा ऐतिहासिक सवाल उठा रही है।भाजपा का प्रस्तावित मार्च कांग्रेस की महारैली के समानांतर होने के कारण दोनों पक्षों की तैयारियों पर नजर बनी हुई है। राजनीतिक दल अपने-अपने मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाने और समर्थकों को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं।फिलहाल 1 नवंबर को सुबह 11 बजे भाजपा का मार्च और दोपहर 12 बजे INDIA गठबंधन का 'चलो दिल्ली' मार्च प्रस्तावित है। दोनों कार्यक्रमों के कारण दिल्ली में व्यापक राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। अब यह देखना होगा कि दोनों आयोजनों में कितने लोग हिस्सा लेते हैं और नेताओं की ओर से कौन-कौन से मुद्दे उठाए जाते हैं।
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