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युवाओं को जोड़ने की कवायद तेज भाजपा ने स्मृति ईरानी पर जताया भरोसा

Ratna Netam
22 Aug 2026 2:40 PM IST
युवाओं को जोड़ने की कवायद तेज भाजपा ने स्मृति ईरानी पर जताया भरोसा
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दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी अब युवा मतदाताओं खासकर Gen-Z पीढ़ी तक अपनी पहुंच मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। बदलते राजनीतिक परिदृश्य में युवाओं की बढ़ती भूमिका को देखते हुए पार्टी ने डिजिटल दौर की नई पीढ़ी से संवाद बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में युवाओं से जुड़ाव बढ़ाने के लिए नई जिम्मेदारियां तय की जा रही हैं।
जानकारी के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी की वरिष्ठ नेता स्मृति ईरानी को Gen-Z यानी नई युवा पीढ़ी के साथ संवाद और जुड़ाव की जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी का उद्देश्य युवाओं के बीच अपनी नीतियों, योजनाओं और विचारों को प्रभावी तरीके से पहुंचाना है।
Gen-Z वह पीढ़ी है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म, सोशल मीडिया और ऑनलाइन माध्यमों के साथ बड़ी हुई है। इस पीढ़ी की सोच, मुद्दे और संवाद का तरीका पिछली पीढ़ियों से अलग माना जाता है। ऐसे में राजनीतिक दल भी युवाओं तक पहुंचने के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ नए डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
भाजपा का मानना है कि देश की बड़ी युवा आबादी आने वाले चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। युवाओं के बीच रोजगार, शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप, आत्मनिर्भरता और अवसर जैसे मुद्दे अहम हैं। पार्टी इन्हीं विषयों के माध्यम से युवाओं के साथ संवाद स्थापित करने की कोशिश कर रही है।
स्मृति ईरानी भाजपा की उन नेताओं में शामिल हैं, जिनकी युवाओं के बीच अच्छी पकड़ मानी जाती है। केंद्रीय मंत्री के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक मुद्दों से जुड़े विषयों पर उनकी सक्रियता रही है। पार्टी अब उनके अनुभव और संवाद क्षमता का इस्तेमाल नई पीढ़ी तक पहुंच बनाने के लिए करना चाहती है।
भाजपा की रणनीति केवल राजनीतिक संदेश पहुंचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए कॉलेजों, युवा समूहों और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सक्रियता बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, Gen-Z के साथ जुड़ने के लिए ऐसे कार्यक्रमों पर ध्यान दिया जाएगा, जहां युवा अपने विचार खुलकर रख सकें। युवाओं के सवालों, उनकी चिंताओं और भविष्य से जुड़े मुद्दों को समझने की कोशिश की जाएगी।
आज की युवा पीढ़ी राजनीति को केवल भाषणों या रैलियों के माध्यम से नहीं देखती, बल्कि सोशल मीडिया और डिजिटल कंटेंट के जरिए भी अपनी राय बनाती है। ऐसे में राजनीतिक दलों के लिए यह जरूरी हो गया है कि वे युवाओं के पसंदीदा माध्यमों पर अपनी मौजूदगी मजबूत करें।
भाजपा पहले भी युवाओं को जोड़ने के लिए कई अभियान चला चुकी है। पार्टी का छात्र संगठनों, युवा मोर्चा और डिजिटल अभियानों के जरिए युवाओं तक पहुंच बनाने का लंबा अनुभव रहा है। अब Gen-Z को केंद्र में रखते हुए रणनीति को और विस्तार देने की तैयारी है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में युवा मतदाता किसी भी पार्टी के लिए निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। युवा वर्ग रोजगार, विकास, शिक्षा और तकनीकी बदलाव जैसे मुद्दों पर ज्यादा ध्यान देता है। इसलिए राजनीतिक दलों के लिए युवाओं की अपेक्षाओं को समझना जरूरी हो गया है।
स्मृति ईरानी को दी गई यह जिम्मेदारी भाजपा की युवा केंद्रित रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है। पार्टी कोशिश कर रही है कि नई पीढ़ी के साथ बेहतर संवाद स्थापित किया जाए और उन्हें राजनीतिक प्रक्रिया से जोड़ा जाए।
अब देखना होगा कि भाजपा की यह रणनीति Gen-Z मतदाताओं के बीच कितना प्रभाव डालती है और आने वाले समय में युवा राजनीति को किस दिशा में ले जाते हैं।
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