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छात्र प्रदर्शनों पर सोनिया गांधी के आरोपों को BJP ने नकारा

Kavita2
24 July 2026 2:07 PM IST
छात्र प्रदर्शनों पर सोनिया गांधी के आरोपों को BJP ने नकारा
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नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की ओर से छात्र प्रदर्शनों को लेकर केंद्र सरकार पर लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया। भाजपा ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह छात्रों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों का राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है।

सोनिया गांधी ने हाल ही में एक लेख के माध्यम से छात्र आंदोलनों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया था कि छात्र जवाबदेही और शिक्षा क्षेत्र में सुधार की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने उनकी आवाज सुनने के बजाय उनके साथ सख्ती का व्यवहार किया।

कांग्रेस नेता ने अपने लेख में कहा कि छात्रों ने अपने भविष्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं को समझने और समाधान निकालने के बजाय उनकी मांगों को दबाने की कोशिश की गई।

सोनिया गांधी का यह लेख अंग्रेजी अखबार ‘द हिंदू’ में प्रकाशित हुआ था, जिसका शीर्षक था ‘एन एजुकेशन सिस्टम्स कोलैप्स, यंग इंडियाज़ ट्रॉमा’। लेख में उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि युवाओं के बीच बढ़ती चिंताओं को गंभीरता से लेने की जरूरत है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था में कई स्तरों पर समस्याएं सामने आ रही हैं। उनके अनुसार, छात्रों ने परीक्षा व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे मुद्दों को लेकर आवाज उठाई है। उन्होंने दावा किया कि इन प्रदर्शनों ने सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं।

भाजपा ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। पार्टी नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार छात्रों के हितों को लेकर गंभीर है और शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए लगातार कदम उठा रही है। भाजपा ने कहा कि विपक्ष को छात्रों के मुद्दों पर राजनीति करने के बजाय समाधान के लिए रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए।

भाजपा की ओर से कहा गया कि सरकार ने परीक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए कई कदम उठाए हैं। पार्टी नेताओं ने कहा कि किसी भी मामले में जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया कानून के अनुसार की जा रही है।

छात्र आंदोलनों के संदर्भ में भाजपा ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है, लेकिन किसी भी मुद्दे को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। पार्टी ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह युवाओं की चिंताओं को अपनी राजनीतिक लड़ाई का माध्यम बना रहा है।

यह विवाद खास तौर पर परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के बीच सामने आया है। छात्रों और विपक्षी दलों की ओर से लगातार पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई जा रही है।

कांग्रेस का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को अधिक संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। वहीं, भाजपा का तर्क है कि सरकार पहले से ही सुधारात्मक कदम उठा रही है और विपक्ष बिना तथ्यों के आरोप लगा रहा है।

भाजपा नेताओं ने सोनिया गांधी के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार किया गया जैसे वे देश के दुश्मन हों। भाजपा ने इसे बेहद गंभीर आरोप बताते हुए कहा कि सरकार छात्रों के हितों के लिए काम कर रही है और ऐसे बयान केवल भ्रम पैदा करने वाले हैं।

शिक्षा क्षेत्र को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच यह बहस ऐसे समय में तेज हुई है, जब देश में परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और युवाओं के रोजगार जैसे मुद्दे राजनीतिक चर्चा के केंद्र में हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करने की जरूरत है।

फिलहाल भाजपा और कांग्रेस के बीच इस मुद्दे पर बयानबाजी जारी है। जहां कांग्रेस सरकार की नीतियों पर सवाल उठा रही है, वहीं भाजपा विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक अभियान का हिस्सा बता रही है। आने वाले दिनों में संसद और राजनीतिक मंचों पर शिक्षा और छात्र हितों से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठने की संभावना है।

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