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राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर BJP का सवाल, फंडिंग और संपत्ति को लेकर उठी मांग

Kavita2
14 May 2026 2:54 PM IST
राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर BJP का सवाल, फंडिंग और संपत्ति को लेकर उठी मांग
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Delhi दिल्ली: नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विदेश यात्राओं और उनकी फंडिंग को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मांग की है कि उनकी विदेश यात्राओं के खर्च का स्रोत सार्वजनिक किया जाए और स्पष्ट किया जाए कि इन यात्राओं को किसने वित्तपोषित किया।

BJP ने दावा किया कि राहुल गांधी पिछले 22 वर्षों में 54 विदेश यात्राओं पर गए हैं, जिन पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह दावा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने गुरुवार को BJP मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान किया। उन्होंने कहा कि यह खर्च उनकी घोषित आय और संपत्ति के अनुपात में मेल नहीं खाता।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में संबित पात्रा ने आगे कहा कि पिछले 10 वर्षों में राहुल गांधी के चुनावी हलफनामों में बताई गई वार्षिक आय का कुल योग लगभग 11 करोड़ रुपये है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आय सीमित है तो विदेश यात्राओं पर इतना बड़ा खर्च कैसे संभव है।

BJP सांसद ने यह भी दावा किया कि राहुल गांधी द्वारा चुनावी हलफनामों में दी गई संपत्ति और देनदारियों के अनुसार, वर्ष 2004 में उनकी कुल संपत्ति 55.38 लाख रुपये थी, जो 2024 में बढ़कर लगभग 20.39 करोड़ रुपये हो गई है। पार्टी ने इसे भी जांच का विषय बताया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि यदि विदेश यात्राओं पर 60 करोड़ रुपये का खर्च माना जाए, तो यह उनकी घोषित संपत्ति और आय के आंकड़ों से मेल नहीं खाता। संबित पात्रा ने कहा कि कुल घोषित संपत्ति और देनदारी लगभग 21 करोड़ रुपये के आसपास है, जबकि यात्रा खर्च इससे कहीं अधिक बताया जा रहा है।

BJP ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनकी विदेश यात्राओं की फंडिंग कहां से हुई और क्या इसमें किसी प्रकार की बाहरी मदद या अनघोषित स्रोत शामिल हैं।

पार्टी ने कहा कि यह मामला केवल राजनीतिक नहीं बल्कि पारदर्शिता और वित्तीय जवाबदेही से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसका सार्वजनिक रूप से जवाब दिया जाना चाहिए।

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से इस मुद्दे पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में इस बयान के बाद बहस तेज हो गई है।

फिलहाल, यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का हिस्सा बन गया है और आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी तेज होने की संभावना है।

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