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Jantar -मंतर प्रदर्शन पर भाजपा नेता का बयान चर्चा में

Ratna Netam
22 July 2026 3:21 PM IST
Jantar -मंतर प्रदर्शन पर भाजपा नेता का बयान चर्चा में
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Delhi दिल्ली : पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा छात्रों और युवाओं का प्रदर्शन लगातार जारी है। ‘कॉकरोज जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले हो रहे इस आंदोलन को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। अब भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने भी इस आंदोलन को लेकर अपनी राय रखी है।

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि छात्रों ने एक अच्छे और पवित्र उद्देश्य के साथ आंदोलन शुरू किया था, लेकिन बाद में राजनीतिक विचारधारा से जुड़े लोगों ने इसमें हस्तक्षेप कर दिया और आंदोलन का स्वरूप बदल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि लेफ्ट और राइट विचारधारा से जुड़े लोगों ने छात्रों के आंदोलन को हाईजैक कर लिया, जिससे असली मुद्दा पीछे छूट गया।

पूर्व सांसद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह छात्रों के आंदोलन को लेकर अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका आवास जंतर-मंतर के पास है और उन्होंने सुबह से शाम तक छात्रों के प्रदर्शन को देखा है। उनके मुताबिक, शुरुआत में छात्रों का उद्देश्य अपनी समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करना था।

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि हर आंदोलन के साथ अक्सर ऐसा होता है कि बाद में अलग-अलग विचारधाराओं के लोग उसमें शामिल हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों का आंदोलन भी इसी तरह प्रभावित हुआ और एक बार फिर छात्र ठगा महसूस कर सकते हैं।

उन्होंने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि उन्हें अपनी मांगों को लेकर सरकार से सीधे बातचीत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान किसी भी राजनीतिक समूह या विचारधारा को बीच में नहीं आना चाहिए। छात्रों को अपनी समस्याओं को खुद सरकार के सामने रखना चाहिए ताकि समाधान निकाला जा सके।

बृजभूषण शरण सिंह ने सरकार को भी सलाह दी कि छात्रों के साथ बातचीत की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कहीं कोई गलती या चूक हुई है तो सरकार को उसे स्वीकार करते हुए खेद प्रकट करना चाहिए। उनके अनुसार, बातचीत के माध्यम से ही इस तरह के विवादों का समाधान संभव है।

बता दें कि जंतर-मंतर पर चल रहे इस प्रदर्शन में छात्र पेपर लीक की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी लगातार सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

इस आंदोलन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां छात्रों की मांगों का समर्थन कर रहे हैं, वहीं सरकार की ओर से बातचीत के संकेत दिए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी संगठन भी बातचीत के लिए तैयार होने की बात कह चुका है, लेकिन उसने शर्त रखी है कि सरकार को खुद पहल करनी होगी।

बृजभूषण शरण सिंह का बयान ऐसे समय में आया है, जब आंदोलन को लेकर राजनीतिक बहस तेज है। उन्होंने जहां छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए उनकी समस्याओं पर बातचीत की जरूरत बताई, वहीं आंदोलन में राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर सवाल भी उठाए हैं।

अब देखना होगा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है और क्या इस आंदोलन को लेकर कोई समाधान निकल पाता है या नहीं।

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