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पांच राज्यों के चुनाव नतीजों के बाद INDI गठबंधन पर BJP का तीखा हमला, कांग्रेस नेतृत्व पर उठे सवाल

Delhi दिल्ली: पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के शुरुआती और अंतिम रुझानों के बाद राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है। इन नतीजों में केरल को छोड़कर बाकी चार राज्यों में कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDI गठबंधन के कमजोर प्रदर्शन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विपक्ष पर कड़ा हमला बोला है।
चुनाव परिणामों के अनुसार, BJP ने असम और पश्चिम बंगाल में जीत हासिल की है, जिससे पार्टी को पूर्वी भारत में बड़ी बढ़त मिली है। वहीं पुडुचेरी में NDA गठबंधन सरकार बनाने की स्थिति में दिखाई दे रहा है। इन तीन क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन के बाद BJP ने इसे अपनी राजनीतिक रणनीति की सफलता बताया है।
तमिलनाडु में स्थिति कुछ अलग रही, जहां अभिनेता विजय की पार्टी TVK ने शुरुआती रुझानों में मजबूत प्रदर्शन किया है और बहुमत के आंकड़े की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। यहां कांग्रेस और DMK दोनों ही पीछे रहते हुए तीसरे स्थान पर खिसकते नजर आए हैं, जिससे राज्य की राजनीति में नया समीकरण बनता दिख रहा है।
केरल में कांग्रेस को राहत मिली है, जहां वह UDF गठबंधन के साथ मिलकर सरकार बनाने की स्थिति में पहुंचती दिख रही है। यही राज्य इस चुनावी दौर में कांग्रेस के लिए एकमात्र सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।
इन चुनावी नतीजों के बीच BJP ने INDI गठबंधन पर तीखा हमला बोला है। BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर कई पोस्ट करते हुए विपक्षी गठबंधन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन चुनावों में INDI गठबंधन का प्रदर्शन बेहद खराब रहा है और यह राजनीतिक रूप से कमजोर होता दिख रहा है।
अपने पोस्ट में शहजाद पूनावाला ने लिखा कि “INDI गठबंधन पूरी तरह बिखर गया है और इसका राजनीतिक भविष्य खत्म होता दिख रहा है।” उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी सीधा निशाना साधते हुए कहा कि वे गठबंधन को नेतृत्व देने में असफल रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पूरे चुनावी नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि INDI गठबंधन में न तो एकजुटता है और न ही मजबूत नेतृत्व, जिसके कारण कई राज्यों में विपक्ष को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इन चुनावों ने देश की राजनीति में नए संकेत दिए हैं, जहां क्षेत्रीय दलों का प्रभाव बढ़ता दिख रहा है और राष्ट्रीय गठबंधनों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं।
कुल मिलाकर, पांच राज्यों के चुनाव परिणामों ने सत्ता समीकरण को बदल दिया है और इसके बाद राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी और तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस चुनावी नतीजे के राजनीतिक असर और अधिक स्पष्ट होने की संभावना है।





