दिल्ली-एनसीआर

पवन खेड़ा को लेकर BJP का कांग्रेस पर हमला, गुवाहाटी हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत

Kavita2
24 April 2026 2:52 PM IST
पवन खेड़ा को लेकर BJP का कांग्रेस पर हमला, गुवाहाटी हाई कोर्ट के फैसले का स्वागत
x

Delhi दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका को गुवाहाटी हाई कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने का स्वागत किया है। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान सरमा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है, जिसमें कथित रूप से जाली दस्तावेजों और गलत जानकारी फैलाने के आरोप लगाए गए हैं।

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने इस फैसले को कांग्रेस नेता के लिए एक और बड़ा झटका बताया। उन्होंने कहा कि खेड़ा ने झूठे और मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर विवाद खड़ा किया था, और अब अदालत के फैसले ने उनकी स्थिति और कमजोर कर दी है।

पूनावाला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पवन खेड़ा का समर्थन करने के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस पूरे मामले में गलत बयानी कर रही है और आरोपी नेता को बचाने की कोशिश कर रही है।

BJP प्रवक्ता ने आगे कहा कि पवन खेड़ा जांच एजेंसियों से बच रहे हैं और उन्हें जांच में पूरा सहयोग करना चाहिए। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि जिसे पहले राहुल गांधी ने “शेर” कहा था, वह अब “भीगी बिल्ली” की तरह चुप है और कानून से बचने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पवन खेड़ा को किसी भी अदालत से राहत नहीं मिली है। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें कोई विशेष राहत नहीं दी और उन्हें गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने को कहा था। साथ ही, उन्होंने कहा कि पहले तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली अंतरिम राहत भी आगे जारी नहीं रह सकी।

पूनावाला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि खेड़ा ने कथित तौर पर गलत और संपादित दस्तावेजों के आधार पर असम के मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी को निशाना बनाया। उन्होंने इसे एक “राजनीतिक हत्या” की कोशिश करार दिया और आरोप लगाया कि इसके पीछे विदेशी तत्वों की भूमिका भी हो सकती है, हालांकि इसके समर्थन में कोई आधिकारिक सबूत नहीं दिया गया।

गौरतलब है कि गुवाहाटी हाई कोर्ट ने शुक्रवार को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह याचिका उन्होंने उस मामले में दायर की थी, जिसमें रिनिकी भुयान सरमा पर कई पासपोर्ट और अघोषित विदेशी संपत्ति रखने के आरोप लगाए गए थे।

इससे पहले खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये आरोप लगाए थे, जिसके बाद मुख्यमंत्री की पत्नी ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई थी और FIR दर्ज हुई थी।

बाद में तेलंगाना हाई कोर्ट ने उन्हें अंतरिम ट्रांजिट अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन असम पुलिस ने इस पर आपत्ति जताते हुए मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाया। 17 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें राहत देने से इनकार करते हुए गुवाहाटी हाई कोर्ट जाने को कहा था।

अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से और गरमा गया है, और दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं।

Next Story