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ऑपरेशन ट्राइडेंट में बड़ा खुलासा, 500 डेटोनेटर और 12 लाख नकद जब्त

Kavita2
25 Oct 2026 11:31 AM IST
ऑपरेशन ट्राइडेंट में बड़ा खुलासा, 500 डेटोनेटर और 12 लाख नकद जब्त
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नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए गए 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिलने का दावा किया गया है। असम, मिजोरम और मणिपुर में 38 स्थानों पर की गई संयुक्त छापेमारी के दौरान 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 1,424 बैंक खातों को फ्रीज किया गया और 17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई। इस अभियान में करीब 100 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का भी पता चलने की जानकारी सामने आई है। कार्रवाई के दौरान 500 डेटोनेटर और 12 लाख रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं।

रविवार को सामने आई जानकारी के अनुसार, कई एजेंसियों ने संयुक्त रूप से इस अभियान को अंजाम दिया। कार्रवाई का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय बताए जा रहे नशीले पदार्थों के नेटवर्क और उससे जुड़े वित्तीय लेनदेन की जांच करना था।

तीन राज्यों में 38 ठिकानों पर संयुक्त कार्रवाई

ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत पूर्वोत्तर भारत के तीन राज्यों असम, मिजोरम और मणिपुर में एक साथ छापेमारी की गई।

जांच एजेंसियों ने कुल 38 स्थानों पर कार्रवाई करते हुए संदिग्ध नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों और संपत्तियों की जांच की।

इस अभियान में कई एजेंसियों की संयुक्त भागीदारी रही।

तीनों राज्यों में एक साथ कार्रवाई किए जाने से संकेत मिलता है कि जांच एजेंसियां विभिन्न स्थानों पर फैले कथित नेटवर्क के संपर्कों की पड़ताल कर रही थीं।

हालांकि छापेमारी किन जिलों और किन परिसरों में की गई, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

18 लोगों को किया गया गिरफ्तार

संयुक्त अभियान के दौरान कुल 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार किए गए लोगों पर अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों के नेटवर्क से जुड़े होने का संदेह है।

जांच एजेंसियां अब इन व्यक्तियों की कथित भूमिकाओं और आपसी संपर्कों की पड़ताल कर सकती हैं।

विशेष रूप से यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि नेटवर्क के संचालन में कौन-कौन लोग शामिल थे और विभिन्न स्थानों के बीच किस प्रकार का समन्वय था।

हालांकि गिरफ्तार व्यक्तियों के नाम, उनकी पहचान और उनके खिलाफ दर्ज विशिष्ट कानूनी धाराओं का विवरण उपलब्ध नहीं है।

गिरफ्तारी के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जा सकता। आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार होगी।

100 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का पता चला

इस ऑपरेशन में करीब 100 करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का खुलासा होने की जानकारी सामने आई है।

यह रकम कथित नेटवर्क के वित्तीय पहलू की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

हवाला व्यवस्था में औपचारिक बैंकिंग चैनलों से अलग माध्यमों के जरिए धन के हस्तांतरण की व्यवस्था हो सकती है।

अवैध कारोबार से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां ऐसे लेनदेन के स्रोत और अंतिम लाभार्थियों का पता लगाने का प्रयास करती हैं।

ऑपरेशन ट्राइडेंट में सामने आए कथित हवाला लेनदेन की जांच से संबंधित व्यक्तियों और वित्तीय गतिविधियों के बीच संपर्कों की जानकारी मिल सकती है।

हालांकि यह रकम किस अवधि में स्थानांतरित की गई और किन व्यक्तियों या संस्थाओं से संबंधित है, इसका पूरा विवरण उपलब्ध नहीं है।

1,424 बैंक खाते किए गए फ्रीज

कार्रवाई के दौरान 1,424 बैंक खातों को फ्रीज किया गया है।

इतनी बड़ी संख्या में बैंक खातों पर कार्रवाई इस अभियान के वित्तीय जांच वाले पहलू को दर्शाती है।

बैंक खाते फ्रीज किए जाने से संबंधित धनराशि के हस्तांतरण और निकासी पर रोक लगाई जा सकती है।

इससे जांच एजेंसियों को संदिग्ध लेनदेन की पड़ताल करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि इन खातों में कुल कितनी राशि जमा थी और कितने खाताधारक जांच के दायरे में हैं, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि सभी खाते गिरफ्तार व्यक्तियों से संबंधित हैं या अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं के नाम पर संचालित किए जा रहे थे।

17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त

ऑपरेशन ट्राइडेंट के दौरान 17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।

इस कार्रवाई को कथित अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क के आर्थिक संसाधनों के खिलाफ महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

संगठित अपराध से जुड़े मामलों में जांच एजेंसियां अवैध गतिविधियों से प्राप्त धन और उससे बनाई गई संपत्तियों का पता लगाने का प्रयास करती हैं।

हालांकि इस अभियान में जब्त संपत्ति में जमीन, भवन, वाहन या अन्य किन-किन प्रकार की संपत्तियां शामिल हैं, इसका विस्तृत विवरण उपलब्ध नहीं है।

जांच के दौरान संपत्ति के स्वामित्व, खरीद के स्रोत और कथित अपराध से उसके संबंधों की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।

500 डेटोनेटर मिलने से जांच का दायरा बढ़ा

इस अभियान में 500 डेटोनेटर जब्त किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

डेटोनेटर विस्फोटक प्रणालियों से संबंधित संवेदनशील उपकरण होते हैं। इसलिए इनकी बरामदगी सुरक्षा के लिहाज से गंभीर विषय है।

जांच एजेंसियों के लिए यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि ये डेटोनेटर कहां से लाए गए थे और इन्हें किस उद्देश्य से रखा गया था।

इसके अलावा इनका स्वामित्व और संभावित उपयोग भी जांच का विषय हो सकता है।

हालांकि बरामद डेटोनेटरों को किसी विशेष आपराधिक योजना से जोड़ने वाला आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं है।

इसलिए इनकी बरामदगी के आधार पर किसी संभावित हमले या साजिश के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

12 लाख रुपये नकद भी बरामद

ऑपरेशन के दौरान 12 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं।

नकदी की बरामदगी के बाद जांच एजेंसियां उसके स्रोत और संबंधित व्यक्तियों से उसके संबंधों की पड़ताल कर सकती हैं।

विशेष रूप से कथित हवाला लेनदेन और अन्य वित्तीय गतिविधियों के संदर्भ में यह जांच महत्वपूर्ण हो सकती है।

हालांकि नकदी किन स्थानों से बरामद की गई और वह किन व्यक्तियों के कब्जे में थी, इसकी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है।

इसके अलावा यह भी स्पष्ट नहीं है कि 12 लाख रुपये की नकदी 17.82 करोड़ रुपये की कुल जब्त संपत्ति में शामिल है या उससे अलग है।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के संपर्कों की होगी जांच

अभियान का लक्ष्य एक अंतरराष्ट्रीय नशीले पदार्थों का नेटवर्क बताया गया है।

ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों के सामने यह पता लगाने की चुनौती होती है कि कथित नेटवर्क किन क्षेत्रों में सक्रिय था और उसके वित्तीय तथा परिचालन संपर्क कहां तक फैले थे।

असम, मिजोरम और मणिपुर में हुई संयुक्त कार्रवाई के बाद विभिन्न स्थानों के बीच संबंधों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

हालांकि इस मामले में किसी विशेष विदेशी देश, संगठन या व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं की गई है।

इसी तरह अभियान के दौरान नशीले पदार्थों की बरामदगी की मात्रा और उनके अनुमानित मूल्य का विवरण भी सामने नहीं आया है।

आर्थिक नेटवर्क पर भी एजेंसियों का शिकंजा

ऑपरेशन ट्राइडेंट की विशेष बात यह है कि इसमें गिरफ्तारियों के साथ बड़ी वित्तीय कार्रवाई भी की गई है।

1,424 बैंक खातों को फ्रीज करना, करोड़ों रुपये की संपत्ति जब्त करना और हवाला लेनदेन का पता लगाना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

संगठित नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई में आर्थिक संसाधनों और धन के प्रवाह की जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है।

इससे कथित नेटवर्क के संचालन और उससे जुड़े व्यक्तियों की भूमिका को समझने में मदद मिल सकती है।

हालांकि जब्त संपत्ति और वित्तीय लेनदेन को कथित आपराधिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए जांच एजेंसियों को संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे।

आगे की जांच में सामने आएंगे नए तथ्य

ऑपरेशन ट्राइडेंट के तहत तीन राज्यों में 38 स्थानों पर छापेमारी के दौरान 18 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

इसके अलावा 1,424 बैंक खाते फ्रीज किए गए, 17.82 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई और 100 करोड़ रुपये के कथित हवाला लेनदेन का पता चला।

कार्रवाई के दौरान 500 डेटोनेटर और 12 लाख रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं।

अब जांच एजेंसियों के सामने गिरफ्तार व्यक्तियों की भूमिकाओं, वित्तीय लेनदेन, जब्त संपत्तियों और डेटोनेटरों की बरामदगी से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करने की चुनौती है।

आगे की जांच और कानूनी प्रक्रिया से ही कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के वास्तविक विस्तार और गतिविधियों की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी।

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