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पेंशनधारकों को बड़ी राहत, देशभर में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान शुरू
Ratna Netam
2 Nov 2026 7:55 PM IST

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नई दिल्ली। देशभर के करोड़ों पेंशनधारकों को बड़ी राहत देने की दिशा में केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के सहयोग से देशव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 5.0 (DLC Campaign 5.0) शुरू किया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पेंशनधारकों के लिए जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया को आसान, तेज और सुविधाजनक बनाना है। अभियान के तहत देशभर में दो करोड़ से अधिक डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जारी करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग और चलने-फिरने में असमर्थ पेंशनधारकों के लिए उपयोगी माना जा रहा है। अब पेंशनधारक डिजिटल तकनीक के माध्यम से अपनी पहचान सत्यापित कर जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। इससे उन्हें हर साल बैंक या संबंधित कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की परेशानी से राहत मिल सकती है।केंद्र सरकार की इस पहल का उद्देश्य पेंशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और नागरिकों के अनुकूल बनाना भी है। अभियान में बैंकों, पेंशन वितरण एजेंसियों और अन्य संबंधित संस्थाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण रहेगी।
देश के 2,000 शहरों और जिलों में चलेगा अभियान
पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की ओर से 30 अक्टूबर 2026 को जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 5.0 का आयोजन 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक किया जा रहा है। यह अब तक का सबसे बड़ा डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान बताया गया है।सरकार ने इस बार कुल 2.30 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इनमें से 1.50 करोड़ प्रमाण पत्र फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक के माध्यम से बनाने की योजना है। अभियान के लिए 13 अगस्त 2026 को दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।
SBI समेत 19 बैंक और 785 डाकघर करेंगे सहयोग
इस अभियान को सफल बनाने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों और वित्तीय संस्थानों को एक साथ जोड़ा गया है। भारतीय स्टेट बैंक सहित कुल 19 पेंशन वितरण बैंकों, 785 जिला डाकघरों और 56 पेंशनभोगी कल्याण संगठनों की भागीदारी निर्धारित की गई है।इसके अलावा इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, रेलवे, रक्षा लेखा महानियंत्रक, दूरसंचार विभाग, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO), राज्य सरकारें और अन्य संबंधित संस्थाएं भी अभियान में सहयोग करेंगी।सरकार का विशेष ध्यान उन पेंशनधारकों तक पहुंचने पर है, जो दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं। ऐसे लोगों को डिजिटल सुविधाओं की जानकारी और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराना अभियान की प्राथमिकताओं में शामिल है।
चेहरे की पहचान से बनेगा जीवन प्रमाण पत्र
इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक है। इसके जरिए पेंशनधारक स्मार्टफोन के कैमरे से अपने चेहरे की पहचान सत्यापित करके डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार कर सकते हैं।यह सुविधा एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्रकार के स्मार्टफोन पर उपलब्ध है। इससे कई पेंशनधारकों को अलग से फिंगरप्रिंट स्कैनर का उपयोग करने की आवश्यकता नहीं पड़ती।इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) इस तकनीक के संचालन में सहायता प्रदान करेंगे।विशेषज्ञों के अनुसार, चेहरे की पहचान आधारित डिजिटल सत्यापन से बुजुर्ग पेंशनधारकों को काफी सुविधा मिल सकती है। उम्र बढ़ने के साथ कुछ लोगों के फिंगरप्रिंट का सत्यापन कठिन हो जाता है। ऐसे में फेस ऑथेंटिकेशन एक उपयोगी विकल्प बन सकता है।
घर बैठे जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र व्यवस्था का उद्देश्य पेंशनधारकों को बार-बार बैंक शाखाओं और सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है।परंपरागत व्यवस्था में पेंशनधारकों को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना पड़ता है। कई बुजुर्गों के लिए बैंक तक पहुंचना मुश्किल होता है। विशेष रूप से बीमार और दिव्यांग पेंशनधारकों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।डिजिटल व्यवस्था में पात्र पेंशनधारक उपलब्ध तकनीकी साधनों से प्रमाण पत्र तैयार कर सकते हैं। जिन लोगों को सहायता की जरूरत होगी, उनके लिए अभियान के दौरान विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।सरकार ने आवश्यकता के अनुसार घर पर सेवाएं पहुंचाने का भी प्रावधान किया है। इससे ऐसे पेंशनधारकों को मदद मिलेगी, जो स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के कारण घर से बाहर नहीं जा सकते।
स्वास्थ्य जांच और आधार अपडेट की भी सुविधा
सरकार इस अभियान को उत्सव के रूप में आयोजित करने की तैयारी कर रही है। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार करने के अलावा शिविरों में पेंशनधारकों के लिए स्वास्थ्य जांच और आधार से संबंधित जानकारी अपडेट कराने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।अभियान के दौरान पेंशनधारकों की शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारी तैनात रहेंगे। इन अधिकारियों का उद्देश्य डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान सुनिश्चित करना होगा।जहां पेंशनधारकों की संख्या अधिक है, वहां बड़े शिविर आयोजित किए जाएंगे। विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी इन शिविरों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेंगे।
पिछले अभियान में भी बड़ी सफलता
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान के पिछले संस्करणों में बड़ी संख्या में पेंशनधारकों ने डिजिटल सेवाओं का उपयोग किया था।पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग की अप्रैल 2026 की जानकारी के अनुसार, पिछले अभियान से जुड़े वित्तीय वर्ष के दौरान 1.91 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र तैयार किए गए थे। इनमें 1.16 करोड़ से अधिक प्रमाण पत्र फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक से बनाए गए।इस उपलब्धि के आधार पर सरकार ने पांचवें अभियान में और अधिक पेंशनधारकों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 5.0 के बारे में लोगों को जानकारी देने के लिए दूरदर्शन, आकाशवाणी और पत्र सूचना कार्यालय की सहायता ली जाएगी।इसके अतिरिक्त एसएमएस, सोशल मीडिया, लघु फिल्मों और प्रचार संदेशों के माध्यम से पेंशनधारकों को अभियान के बारे में जागरूक किया जाएगा। सोशल मीडिया पर #DLCCampaign5 का भी उपयोग किया जा रहा है।अभियान की प्रगति पर पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी निगरानी रखेंगे। विभिन्न राज्यों में आयोजित शिविरों की समीक्षा की जाएगी, ताकि निर्धारित लक्ष्य हासिल करने में आने वाली समस्याओं को समय रहते दूर किया जा सके।
करोड़ों पेंशनधारकों को मिलेगी राहत
डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 5.0 सरकार की डिजिटल सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका सबसे अधिक लाभ उन वरिष्ठ नागरिकों को मिलने की उम्मीद है, जिन्हें शारीरिक परेशानियों या दूरी के कारण बैंक तक पहुंचने में कठिनाई होती है।सरकार का प्रयास है कि पेंशनधारकों को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए कम से कम परेशानी उठानी पड़े और उनकी पेंशन संबंधी प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।अब 30 नवंबर तक चलने वाले इस अभियान में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि 2.30 करोड़ डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने और इनमें 1.50 करोड़ फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए तैयार करने का लक्ष्य किस हद तक पूरा होता है।
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