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दिल्ली की CM रेखा गुप्ता को बड़ी राहत पुलिस ने दी क्लीन चिट

Ratna Netam
15 Oct 2026 6:05 PM IST
दिल्ली की CM रेखा गुप्ता को बड़ी राहत पुलिस ने दी क्लीन चिट
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नई दिल्ली। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को सरकारी अधिकारियों के संबंध में की गई कथित टिप्पणी के मामले में पुलिस की जांच से राहत मिली है। गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस ने अदालत में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के खिलाफ की गई शिकायत में कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता है। यह मामला सितंबर 2025 में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान रेखा गुप्ता द्वारा अधिकारियों के कामकाज की तुलना भगवान हनुमान से किए जाने से जुड़ा है।दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट में मुख्यमंत्री के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई के लिए पर्याप्त आधार नहीं मिलने की बात कही गई है। हालांकि, मामले में अदालत का अंतिम निर्णय अभी बाकी है।
सरकारी अधिकारियों की हनुमान से तुलना पर हुआ था विवाद
यह मामला 23 सितंबर 2025 का है, जब दिल्ली के कश्मीरी गेट आईएसबीटी पर दिल्ली परिवहन निगम की दिल्ली से उत्तर प्रदेश के बड़ौत तक बस सेवा शुरू करने के लिए एक सरकारी कार्यक्रम आयोजित किया गया था।इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सरकारी अधिकारियों के कामकाज को लेकर टिप्पणी की थी।शिकायत के अनुसार, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की तुलना भगवान हनुमान से करते हुए कहा था कि अधिकारियों को अपनी शक्तियों का एहसास तब होता है, जब उनकी पूंछ में आग लगती है।उनकी इस टिप्पणी को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक मंच से इस प्रकार की टिप्पणी करना अनुचित था।
अदालत में मुख्यमंत्री के खिलाफ दाखिल हुई थी शिकायत
इस मामले में राम निवास शर्मा नामक व्यक्ति ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया था।शिकायतकर्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 223 के तहत शिकायत दाखिल की थी। इसके साथ ही धारा 175(3) के अंतर्गत पुलिस कार्रवाई के निर्देश देने की मांग की गई थी।शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता संजीत कुमार अदालत में पेश हुए थे।मामले की सुनवाई के दौरान अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने शिकायत और उपलब्ध दस्तावेजों पर विचार करते हुए दिल्ली पुलिस से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा था।
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दी क्लीन चिट
गुरुवार को दिल्ली पुलिस ने अदालत के निर्देश के अनुसार अपनी स्थिति रिपोर्ट पेश की। पुलिस ने बताया कि शिकायत से संबंधित तथ्यों का परीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के खिलाफ किसी संज्ञेय अपराध का मामला नहीं बनता है।पुलिस की इस रिपोर्ट को मुख्यमंत्री के लिए महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, पुलिस की ओर से क्लीन चिट दिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने भी शिकायत को खारिज कर दिया है।अदालत अब रिपोर्ट और शिकायतकर्ता के पक्ष को सुनने के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी।
शिकायतकर्ता के वकील की दलीलें सुनेगी अदालत
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अश्वनी पंवार ने पुलिस द्वारा दाखिल रिपोर्ट पर शिकायतकर्ता के वकील की दलीलें सुनने के लिए मामले को सूचीबद्ध किया है।अदालत इस बात पर विचार करेगी कि पुलिस की रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या शिकायतकर्ता की ओर से उठाए गए मुद्दों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया आवश्यक है।यह मामला राउज एवेन्यू कोर्ट में विचाराधीन है। इससे पहले 3 अक्टूबर को अदालत ने कश्मीरी गेट थाने के एसएचओ को 15 अक्टूबर तक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था।
अंतिम न्यायिक फैसले पर बनी नजर
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के बयान से जुड़ा यह मामला अब पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट के बाद अगले चरण में पहुंच गया है।पुलिस के अनुसार, मुख्यमंत्री की कथित टिप्पणी से कोई संज्ञेय अपराध नहीं बनता। दूसरी ओर, शिकायतकर्ता को अदालत के सामने अपनी आपत्तियां रखने का अवसर मिलेगा।कानूनी दृष्टि से पुलिस की रिपोर्ट और अदालत का अंतिम आदेश अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। इसलिए मुख्यमंत्री को पुलिस से राहत मिलने के बावजूद मामले का अंतिम निपटारा न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगा।फिलहाल अदालत की अगली कार्यवाही पर नजर बनी हुई है।
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