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वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर दिल्ली CEO का बड़ा स्पष्टीकरण

Ratna Netam
20 Sept 2026 7:06 PM IST
वोटर लिस्ट से नाम हटाने पर दिल्ली CEO का बड़ा स्पष्टीकरण
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नई दिल्ली। दिल्ली में चल रही मतदाता सूची के **स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR)** प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) ने रविवार को स्थिति स्पष्ट की है। CEO कार्यालय ने कहा कि SIR के दौरान जिन मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं, इसका मतलब यह नहीं है कि उनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए जाएंगे।अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता का नाम बिना उसे अपनी बात रखने का अवसर दिए और बिना उचित, तर्कसंगत तथा अपील योग्य आदेश पारित किए नहीं हटाया जा सकता। निर्वाचन कार्यालय ने कहा कि मतदाता सूची में नाम हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुसार ही की जाएगी।
नोटिस को लेकर फैली खबरों पर स्पष्टीकरण
दिल्ली CEO कार्यालय का यह बयान उन खबरों के बाद आया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि राष्ट्रीय राजधानी में SIR प्रक्रिया के दौरान कुछ VIP और चिह्नित मतदाताओं को नोटिस भेजे जा रहे हैं।इन खबरों के बाद कई लोगों के बीच यह आशंका पैदा हुई थी कि नोटिस मिलने के बाद मतदाता सूची से नाम हटाया जा सकता है। इसी को लेकर निर्वाचन कार्यालय ने साफ किया कि नोटिस केवल प्रक्रिया का हिस्सा है और इसका सीधा अर्थ नाम हटाना नहीं है।
ड्राफ्ट वोटर लिस्ट हो चुकी है प्रकाशित
CEO कार्यालय ने बताया कि SIR प्रक्रिया के तहत तैयार की गई ड्राफ्ट मतदाता सूची 31 अगस्त को प्रकाशित की जा चुकी है। यह सूची बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को जमा किए गए एन्यूमरेशन फॉर्म में मतदाताओं द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है।अधिकारियों के अनुसार, ड्राफ्ट सूची में शामिल जानकारी की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया नियमों के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
कहां देख सकते हैं ड्राफ्ट सूची?
निर्वाचन कार्यालय के मुताबिक, ड्राफ्ट मतदाता सूची को आम लोगों के लिए उपलब्ध कराया गया है। मतदाता इसे दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट, इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (EROs) और असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन अधिकारियों (AEROs) के कार्यालयों में देख सकते हैं।इसके अलावा निर्धारित मतदान केंद्रों पर भी सूची उपलब्ध कराई गई है, ताकि मतदाता अपने नाम और जानकारी की जांच कर सकें।
मतदाताओं को मिलेगा जवाब देने का मौका
CEO कार्यालय ने कहा कि मतदाता सूची में किसी भी बदलाव से पहले संबंधित व्यक्ति को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।यदि किसी मतदाता के नाम, पते या अन्य जानकारी को लेकर कोई आपत्ति सामने आती है तो उसे नियमों के अनुसार प्रक्रिया पूरी करने का मौका मिलेगा।अधिकारियों ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना प्राथमिकता है।
SIR प्रक्रिया का उद्देश्य
स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अपडेट करना होता है। इसके तहत नए मतदाताओं को शामिल करने, गलतियों को सुधारने और सूची में मौजूद जानकारी का सत्यापन किया जाता है।निर्वाचन आयोग समय-समय पर मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया चलाता है, ताकि चुनाव के समय सही और अद्यतन सूची उपलब्ध हो सके।
मतदाताओं से अपील
निर्वाचन अधिकारियों ने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपनी जानकारी की जांच करें और किसी भी गलती की स्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए आवेदन करें।अधिकारियों का कहना है कि मतदाता सूची को बेहतर बनाने के लिए नागरिकों का सहयोग जरूरी है।
बिना प्रक्रिया के नहीं हटेगा नाम
CEO कार्यालय ने दोहराया कि किसी भी मतदाता का नाम हटाने के लिए कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है। केवल नोटिस जारी होने के आधार पर किसी का नाम सूची से हटाया नहीं जा सकता।अधिकारियों ने कहा कि अंतिम निर्णय से पहले सभी तथ्यों की जांच की जाएगी और संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा।
राजनीतिक चर्चाओं के बीच बयान महत्वपूर्ण
SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा हो रही थी। ऐसे समय में निर्वाचन कार्यालय की ओर से आया यह स्पष्टीकरण मतदाताओं के बीच फैली आशंकाओं को दूर करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
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