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ब्रिक्स के लिए जगमगाया भारत मंडपम विदेशी मेहमानों का स्वागत

Kavita2
12 Sept 2026 12:47 PM IST
ब्रिक्स के लिए जगमगाया भारत मंडपम विदेशी मेहमानों का स्वागत
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नई दिल्ली। राजधानी के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए दुनिया के प्रमुख नेताओं और विदेशी प्रतिनिधिमंडलों का जुटान हो रहा है। भारत की अध्यक्षता में 12 और 13 सितंबर को होने वाली बैठकों के लिए आयोजन स्थल और राजधानी के प्रमुख इलाकों में व्यापक तैयारियां की गई हैं। विदेशी मेहमानों के स्वागत के साथ सुरक्षा, यातायात और नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया है। दो दिवसीय आयोजन में सदस्य देशों, साझेदार देशों और आमंत्रित प्रतिनिधियों के बीच कई महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत होगी।

भारत मंडपम को सम्मेलन के लिए रोशनी से सजाया गया है। आयोजन स्थल के बाहरी हिस्सों और राजधानी के प्रमुख मार्गों पर सजावट की गई है। एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल के अनुसार, परिषद क्षेत्र की 41 प्रमुख सड़कों पर तैयारी की गई है। मेहमानों को रास्ता बताने वाले संकेतक और सड़क चिह्न लगाने के साथ एलईडी स्क्रीन तथा अन्य स्थानों पर ब्रिक्स से संबंधित प्रस्तुति की गई है। सफाई के लिए रात में भी स्वीपिंग, मशीनों से सफाई और जेट वाशिंग का काम किया गया।

सजावट के साथ सड़क और पैदल आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम भी तैयारियों का हिस्सा रहा है। सड़क मरम्मत, किनारों की रंगाई, जेब्रा क्रॉसिंग के स्पष्ट निशान और फुटपाथों में सुधार जैसे कार्य किए गए हैं। सार्वजनिक स्थानों को व्यवस्थित करने पर भी ध्यान दिया गया है। ये तैयारियां सम्मेलन स्थल तक सीमित रहने के बजाय प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही से जुड़े क्षेत्रों तक फैली हैं। उद्देश्य राजधानी में अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान सुगम और व्यवस्थित आवागमन बनाए रखना है।

सम्मेलन के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 15 हजार पुलिसकर्मियों और करीब 200 कंपनियों अर्धसैनिक बलों की तैनाती की व्यवस्था की गई है। प्रवेश नियंत्रण, निगरानी और आपात स्थिति में प्रतिक्रिया जैसी तैयारियां सुरक्षा योजना का हिस्सा हैं। प्रतिनिधिमंडलों के मार्गों पर निगरानी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। आयोजन स्थल, ठहरने के स्थानों और आवाजाही के बीच समन्वय इस व्यवस्था का महत्वपूर्ण पहलू है।

सुरक्षा जांच में प्रशिक्षित खोजी कुत्तों की भी मदद ली जा रही है। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, भारत मंडपम और विभिन्न होटलों में दिल्ली पुलिस के 100 से अधिक के-9 खोजी कुत्ते तैनात किए गए हैं। इनका इस्तेमाल संदिग्ध सामग्री और संभावित तोड़फोड़ से संबंधित जांच में किया जा रहा है। यह तैनाती आयोजन स्थल तथा प्रतिनिधिमंडलों के ठहरने वाले परिसरों की जांच को मजबूत करने के लिए है। सुरक्षा तैयारियों को संभावित जोखिमों से निपटने की व्यवस्था के रूप में देखा जाना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडलों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सम्मेलन से पहले काफिलों की रिहर्सल भी की गई। तैयारियों के दौरान शहर में अलग-अलग स्थानों पर नियंत्रित यातायात और डायवर्जन की व्यवस्था अपनाई गई थी। यमुना के आसपास की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा तथा पुराना किला क्षेत्र से निगरानी का भी उल्लेख सामने आया है। हालांकि, रिहर्सल के लिए लागू व्यवस्थाओं और सम्मेलन के दिन की वास्तविक पाबंदियों में अंतर हो सकता है। यात्रियों के लिए संबंधित समय की आधिकारिक यातायात सूचना महत्वपूर्ण होगी।

भारत मंडपम के भीतर बैठकों के साथ अन्य गतिविधियों के लिए भी अलग व्यवस्थाएं हैं। सम्मेलन कक्ष, बिजनेस फोरम, नवाचार प्रदर्शनी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया केंद्र आयोजन के प्रमुख हिस्सों में शामिल बताए गए हैं। इन सुविधाओं के माध्यम से नेताओं की बातचीत, कारोबारी संवाद और मीडिया कवरेज को व्यवस्थित किया जा रहा है। एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में इन गतिविधियों का समन्वय महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि विभिन्न प्रतिनिधिमंडल और संस्थाएं एक ही अवधि में अलग-अलग कार्यक्रमों में भाग लेते हैं।

चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग भी सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंच गए हैं। उनकी भारत यात्रा सात वर्षों के अंतराल के बाद हो रही है। आगमन पर लाल कालीन और पारंपरिक नृत्य प्रस्तुतियों के साथ उनका स्वागत किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय बातचीत भी इस यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सम्मेलन की सामूहिक बैठकों के अतिरिक्त इस तरह की मुलाकातें संबंधित देशों को आपसी संबंधों और सहयोग के विषयों पर चर्चा का अवसर देती हैं।

इस आयोजन में स्वागत की भव्यता के साथ बैठकों की वास्तविक प्रगति पर भी नजर रहेगी। व्यापार, वैश्विक संघर्ष और सहयोग से जुड़े विषय सम्मेलन की चर्चा का हिस्सा हैं। अलग-अलग देशों की प्राथमिकताओं के बीच साझा सहमति बनाना महत्वपूर्ण होगा। किसी बैठक का आयोजित होना और उससे समझौता निकलना अलग चरण हैं। इसलिए संभावित परिणामों को अंतिम उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत करने के बजाय आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार जरूरी है।

दो दिनों तक भारत मंडपम प्रमुख कूटनीतिक गतिविधियों का केंद्र रहेगा। राजधानी में सजावट, सफाई और सुरक्षा की तैयारियों के बीच प्रतिनिधिमंडलों का कार्यक्रम आगे बढ़ रहा है। आयोजन की सफलता का आकलन सुचारु व्यवस्थाओं के साथ बैठकों के निष्कर्षों से भी होगा। फिलहाल दिल्ली विदेशी मेहमानों की मेजबानी कर रही है और सम्मेलन के दौरान होने वाली बातचीत पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान बना हुआ है।

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