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फर्जी दावे से सावधान! सेना को लेकर वायरल पोस्ट निकली भ्रामक

Ratna Netam
25 July 2026 2:37 PM IST
फर्जी दावे से सावधान! सेना को लेकर वायरल पोस्ट निकली भ्रामक
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नई दिल्ली : सोशल मीडिया पर भारतीय सेना को लेकर फैलाए जा रहे एक बड़े दावे को प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) फैक्ट चेक ने पूरी तरह फर्जी और भ्रामक करार दिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल किया जा रहा था, जिसमें दावा किया गया कि जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण भारतीय सेना के 30 हजार जवानों ने इस्तीफा दे दिया है। PIB फैक्ट चेक ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि यह वीडियो फर्जी है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किया गया है।

PIB फैक्ट चेक ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट जारी कर लोगों को इस भ्रामक दावे से सावधान किया। PIB ने बताया कि कुछ पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स द्वारा एक AI-जनरेटेड वीडियो प्रसारित किया जा रहा है, जिसे गलत तरीके से चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि से जोड़कर पेश किया जा रहा है।

PIB फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया कि वायरल वीडियो में जिस तरह की बातें दिखाई जा रही हैं, वह पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। CDS जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, जिसमें जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के कारण 30 हजार भारतीय सेना के जवानों के इस्तीफा देने की बात कही गई हो। PIB ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे फर्जी वीडियो और भ्रामक सूचनाओं को बिना पुष्टि किए आगे साझा न करें।

दरअसल, सोशल मीडिया के दौर में फर्जी खबरों और एडिटेड वीडियो के जरिए गलत जानकारी फैलाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। AI तकनीक के इस्तेमाल से बनाए गए वीडियो कई बार इतने वास्तविक नजर आते हैं कि आम लोगों के लिए उनकी सच्चाई पहचानना मुश्किल हो जाता है। इसी वजह से सरकार की ओर से समय-समय पर फैक्ट चेक के माध्यम से ऐसी भ्रामक सूचनाओं की जांच की जाती है।

PIB फैक्ट चेक ने अपने संदेश में कहा कि वायरल वीडियो में आवाज और तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ की गई है। इसे इस तरह तैयार किया गया है कि देखने वालों को लगे कि यह बयान वास्तव में CDS की ओर से दिया गया है। लेकिन जांच में पाया गया कि ऐसा कोई आधिकारिक बयान सेना या रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी नहीं किया गया है।

इस मामले में अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में गलत सूचनाएं फैलाना गंभीर विषय है, क्योंकि इससे लोगों में भ्रम और गलत धारणा पैदा हो सकती है। खासतौर पर सेना जैसे संवेदनशील संस्थान से जुड़ी फर्जी खबरों का असर समाज में गलत संदेश दे सकता है।

PIB फैक्ट चेक लगातार सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली खबरों और दावों की जांच करता है। इसका उद्देश्य लोगों तक सही जानकारी पहुंचाना और फर्जी खबरों के प्रसार को रोकना है। PIB ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संवेदनशील खबर को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि जरूर करें।

गौरतलब है कि हाल के समय में AI तकनीक के जरिए बनाए गए नकली वीडियो और ऑडियो के मामले बढ़े हैं। ऐसे में सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। सरकार ने भी लोगों से अपील की है कि वे किसी भी वायरल सामग्री पर तुरंत भरोसा न करें और उसकी सत्यता की जांच करें। भारतीय सेना और रक्षा से जुड़े इस मामले में भी PIB ने स्पष्ट कर दिया है कि 30 हजार जवानों के इस्तीफे का दावा पूरी तरह झूठा और भ्रामक है।

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