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जंतर-मंतर पर खाने की मदद भेजने से पहले सावधान! जानिए क्या है वहां का असली हाल

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर इन दिनों चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच ऑनलाइन फूड ऑर्डरिंग का सबसे बड़ा केंद्र बन चुका है। यहां ऑनलाइन भोजन आपूर्ति का एक ऐसा अभूतपूर्व नेटवर्क खड़ा हो गया है, जो दिल्ली में पहले शायद ही कभी देखने को मिला हो। भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा सऊदी अरब, अमेरिका और बांग्लादेश जैसे कई देशों से ऑनलाइन माध्यम से प्रदर्शनकारियों के लिए लगातार भारी मात्रा में भोजन, फल, पैकेज्ड पानी और अन्य खाद्य सामग्रियां भेजी जा रही हैं।
खपत से कई गुना अधिक पहुंच रही सप्लाई
सुबह के नाश्ते से लेकर देर रात तक जंतर-मंतर पर खाने-पीने के सामान की आपूर्ति का सिलसिला लगातार जारी है। स्थिति यह है कि प्रदर्शनकारियों के लिए लोग जरूरत से कहीं अधिक भोजन भेज रहे हैं, जिसका 10 प्रतिशत हिस्सा भी ठीक से इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। प्रदर्शन स्थल से इतर आसपास के जरूरतमंद लोगों और गरीबों में खाना बांटने के बावजूद बड़े पैमाने पर खाद्य सामग्री बचकर खराब हो रही है। इस अन्न की बर्बादी और उससे फैलने वाली गंदगी व बदबू से चिंता बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने समर्थकों से अपील की है कि वे बिना सोचे-समझे खाना भेजने के बजाय प्रदर्शनकारियों से उनकी आवश्यकता पूछकर ही ऑनलाइन आर्डर भेजें।
डिलिवरी कंपनियों और कर्मचारियों पर बढ़ा दबाव
देश-विदेश से लगातार आ रहे ऑनलाइन ऑर्डर्स के कारण फूड डिलीवरी कंपनियों पर भारी दबाव देखने को मिल रहा है। स्थिति को संभालने और लगातार बढ़ते ऑर्डर्स की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कंपनियों ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों से 400 से अधिक डिलीवरी बॉयज को बुलाकर विशेष रूप से जंतर-मंतर क्षेत्र में तैनात किया है। सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बैरिकेड्स के चलते डिलीवरी बॉयज केवल निर्धारित पिक-अप पॉइंट्स तक ही पहुंच पा रहे हैं, जहां से स्वयंसेवक और प्रदर्शनकारी सामान को मुख्य स्थल तक ला रहे हैं।
पिज्जा-बर्गर से लेकर फास्ट फूड और पारंपरिक व्यंजनों की भरमार
प्रदर्शन स्थल पर पिज्जा, बर्गर, समोसा, जलेबी, कचौरी, वड़ा पाव, पाव भाजी, डोसा, इडली-वड़ा, दाल-चावल, रोटी-सब्जी, फ्राइड राइस, नूडल्स, ताजे फल, जूस और पैकेज्ड पानी जैसी हर प्रकार की खाने-पीने की चीजें भारी मात्रा में पहुंच रही हैं। प्रदर्शनकारियों की संख्या के मुकाबले भोजन की आपूर्ति इतनी ज्यादा है कि उसका एक बड़ा हिस्सा व्यर्थ जा रहा है।
अन्न की बर्बादी पर जताई चिंता
कॉकरोच जनता पार्टी के अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया के जरिए देश-विदेश के समर्थकों के स्नेह और मदद के प्रति आभार जताया, लेकिन साथ ही अन्न की हो रही बर्बादी पर दुख भी व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जरूरत से ज्यादा आर्डर आने और उनके उपयोग न हो पाने के कारण भारी मात्रा में भोजन और पानी खराब हो रहा है।
काम बढ़ा, पर कमाई नहीं हुई
दूसरी ओर, इस भारी भीड़ और दबाव के बीच ड्यूटी कर रहे डिलीवरी बॉयज (राहुल, संजय और मेश्राम) का कहना है कि सामान्य दिनों की तुलना में उनके पास ऑर्डरों की संख्या कई गुना बढ़ गई है, लेकिन उनकी आमदनी में कोई खास इजाफा नहीं हुआ है। अधिकांश रेस्टोरेंट और क्लाउड किचन जंतर-मंतर से महज एक किलोमीटर के दायरे में हैं, जिसके कारण प्रति डिलीवरी उन्हें सामान्य तौर पर करीब 20 रुपये ही मिलते हैं। हालांकि एक साथ कई आर्डर मिलने से चक्कर कम काटने पड़ते हैं, लेकिन काम का शारीरिक दबाव और तनाव काफी बढ़ गया है, जबकि आय पहले जैसी ही बनी हुई है।





