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दवा कंपनियों के अनैतिक प्रचार पर रोक, नए नियमों से बढ़ेगी जवाबदेही

Ratna Netam
24 July 2026 5:54 PM IST
दवा कंपनियों के अनैतिक प्रचार पर रोक, नए नियमों से बढ़ेगी जवाबदेही
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नई दिल्ली : दवा कंपनियों की मार्केटिंग गतिविधियों में पारदर्शिता और नैतिकता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने यूनिफॉर्म कोड फॉर फार्मास्युटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिसेज (यूसीपीएमपी), 2024 के तहत कई सख्त प्रावधान लागू किए हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य दवा कंपनियों की अनैतिक प्रचार गतिविधियों पर रोक लगाना और दवाओं के जिम्मेदार प्रचार को बढ़ावा देना है।

केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि नए नियमों के तहत अब दवा कंपनियों के लिए कई व्यवस्थाएं अनिवार्य कर दी गई हैं। इनमें एथिक्स कमेटी फॉर फार्मास्युटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिसेज (ईसीपीएमपी) का गठन, एथिक्स ऑफिसर की नियुक्ति, शिकायतों के समाधान की व्यवस्था और नियमों के पालन से जुड़ी स्व-घोषणा देना शामिल है।

सरकार के अनुसार, दवा कंपनियों को अब अपनी मार्केटिंग गतिविधियों में अधिक जवाबदेही दिखानी होगी। कंपनियों को निर्धारित मार्केटिंग खर्च का खुलासा भी करना होगा, जिससे यह पता लगाया जा सके कि प्रचार और अन्य गतिविधियों पर कितना खर्च किया जा रहा है। इसके अलावा नियमों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों के लिए एक स्पष्ट प्रक्रिया भी तैयार की जाएगी।

रसायन एवं उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि फार्मास्युटिकल्स विभाग ने 12 अप्रैल 2024 को यूसीपीएमपी, 2024 को अधिसूचित किया था। इस नए कोड ने पुराने यूनिफॉर्म कोड फॉर फार्मास्युटिकल मार्केटिंग प्रैक्टिसेज, 2015 की जगह ली है। बाद में सितंबर 2025 में इसमें कुछ संशोधन भी किए गए, ताकि नियमों को और प्रभावी बनाया जा सके।

सरकार ने बताया कि दवा कंपनियों और मेडिकल प्रतिनिधियों द्वारा डॉक्टरों के साथ किए जाने वाले संपर्क और प्रचार गतिविधियों को भी नए नियमों के दायरे में लाया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दवाओं के प्रचार में किसी तरह का अनुचित दबाव, गलत जानकारी या अनैतिक तरीका अपनाया न जाए।

फार्मा सेक्टर में लंबे समय से यह चिंता जताई जाती रही है कि कुछ कंपनियां अपने उत्पादों के प्रचार के लिए ऐसे तरीके अपनाती हैं, जिनसे चिकित्सा क्षेत्र में पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। डॉक्टरों को प्रभावित करने वाली मार्केटिंग गतिविधियों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। सरकार का कहना है कि नए नियमों से इन गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलेगी।

यूसीपीएमपी 2024 के तहत कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके प्रचार संबंधी दावे वैज्ञानिक आधार पर हों और मरीजों के हितों को प्राथमिकता दी जाए। दवा कंपनियों को नियमों के पालन की जिम्मेदारी खुद उठानी होगी और उन्हें नियमित रूप से अपनी गतिविधियों से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

विशेषज्ञों के अनुसार, दवा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ने से डॉक्टरों और मरीजों के बीच विश्वास मजबूत होगा। साथ ही, दवाओं की गुणवत्ता, सही जानकारी और सुरक्षित उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह कदम देश के फार्मास्युटिकल सेक्टर को अधिक जिम्मेदार और नैतिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

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