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60 करोड़ लोगों तक पहुंचा आयुष्मान भारत

Kavita2
25 Sept 2026 2:32 PM IST
60 करोड़ लोगों तक पहुंचा आयुष्मान भारत
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नई दिल्ली। आयुष्मान भारत योजना ने अपने आठ साल पूरे कर लिए हैं। केंद्र सरकार के मुताबिक इस योजना के तहत 60 करोड़ से ज्यादा लाभार्थियों को सालाना पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना की आठवीं वर्षगांठ पर इसकी उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसे इस सोच के साथ शुरू किया गया था कि हर भारतीय को अच्छी और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच मिल सके।

आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना यानी AB PM-JAY की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को हुई थी। योजना मुख्य रूप से पात्र परिवारों को अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध कराती है। इसके तहत प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर दिया जाता है।

आठ साल के दौरान योजना का दायरा लगातार बढ़ा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से 24 सितंबर को जारी जानकारी के मुताबिक AB PM-JAY के तहत 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को कवर उपलब्ध है। योजना के माध्यम से अब तक 13 करोड़ से ज्यादा अस्पताल भर्ती की सुविधा दी जा चुकी है और इन उपचारों का मूल्य दो लाख करोड़ रुपये से अधिक है।

सरकार के विस्तृत आंकड़ों के अनुसार 31 अगस्त 2026 तक योजना के तहत करीब 13.25 करोड़ अस्पताल भर्ती दर्ज की गईं, जिनके उपचार का मूल्य लगभग 2.03 लाख करोड़ रुपये रहा। ये सेवाएं देशभर में 38 हजार से ज्यादा सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों के नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध कराई गईं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना के आठ साल पूरे होने पर कहा कि आयुष्मान भारत की शुरुआत प्रत्येक भारतीय को गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराने के विचार के साथ की गई थी। उन्होंने सरकार के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को पांच लाख रुपये का वार्षिक स्वास्थ्य कवर उपलब्ध है।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि इस पहल से चिकित्सा खर्च में बचत हुई है और इससे गरीब तथा मध्यम वर्ग के परिवारों को फायदा पहुंचा है। उन्होंने आयुष्मान भारत के सभी लाभार्थियों को योजना के आठ साल पूरे होने पर शुभकामनाएं भी दीं।

आयुष्मान भारत केवल अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों को आर्थिक सुरक्षा देने तक सीमित नहीं है। इसके अलग-अलग घटकों के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं, डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था और स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें आयुष्मान आरोग्य मंदिर, आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन और पीएम-आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन शामिल हैं।

सरकार के मुताबिक आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में अब तक 500 करोड़ से अधिक लोगों की विजिट दर्ज की जा चुकी हैं। प्रधानमंत्री ने इसे जमीनी स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। इन केंद्रों का उद्देश्य लोगों को उनके आसपास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

योजना के आठ साल के सफर में डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार भी हुआ है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत एक सितंबर 2026 तक 97.8 करोड़ से अधिक ABHA बनाए जा चुके थे और 121 करोड़ से अधिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड लिंक किए गए थे। डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में 5.6 लाख से अधिक स्वास्थ्य सुविधाएं और 11 लाख स्वास्थ्य पेशेवर पंजीकृत हैं।

AB PM-JAY के तहत पात्र लाभार्थी सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित उपचार पैकेज के अनुसार कैशलेस इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इससे इलाज के समय बड़ी राशि की तत्काल व्यवस्था करने की समस्या को कम करने का लक्ष्य रखा गया है।

योजना में समय के साथ नए लाभार्थी समूहों को भी शामिल किया गया है। सरकार ने 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामाजिक-आर्थिक स्थिति की परवाह किए बिना स्वास्थ्य कवर का विस्तार किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस विस्तार से करीब छह करोड़ अतिरिक्त वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सुरक्षा के दायरे में लाने का लक्ष्य है।

आयुष्मान भारत के आठ साल पूरे होने के अवसर पर सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में हुए विस्तार को प्रमुख उपलब्धि के रूप में पेश कर रही है। खास तौर पर अस्पताल में भर्ती होने पर होने वाले बड़े खर्च से परिवारों को वित्तीय सुरक्षा उपलब्ध कराना योजना का प्रमुख उद्देश्य रहा है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार आठवीं वर्षगांठ के समय 48.51 करोड़ से अधिक लोगों के आयुष्मान कार्ड बन चुके थे। यह आंकड़ा 21 सितंबर 2026 तक का है। वहीं पात्र लाभार्थियों की कुल कवरेज 60 करोड़ से अधिक बताई गई है। यानी आयुष्मान कार्ड धारकों और योजना के तहत पात्र कुल लाभार्थियों के आंकड़े अलग-अलग हैं।

योजना के आठ वर्ष पूरे होने के साथ सरकार ने प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल हेल्थ नेटवर्क पर भी जोर दिया है। इसका उद्देश्य केवल बीमारी के बाद अस्पताल में उपचार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्राथमिक स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान बनाना और स्वास्थ्य संबंधी डिजिटल रिकॉर्ड को व्यवस्थित करना भी है।

आयुष्मान भारत की आठवीं वर्षगांठ के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आरोग्य मंथन 2026 का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें AB PM-JAY के आठ वर्ष और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के पांच वर्ष पूरे होने के अवसर पर अब तक की प्रगति और भविष्य की प्राथमिकताओं पर चर्चा की जाएगी।

आठ वर्षों में 60 करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक पांच लाख रुपये के वार्षिक स्वास्थ्य कवर की पहुंच, 13 करोड़ से अधिक अस्पताल भर्ती और दो लाख करोड़ रुपये से ज्यादा मूल्य के उपचार के आंकड़ों के साथ आयुष्मान भारत सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य योजनाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठवीं वर्षगांठ पर कहा कि इसका मूल उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण और किफायती स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों की पहुंच में लाना है।

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