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PM आवास घेराव की कोशिश, राहुल-अखिलेश पर पुलिस कार्रवाई

Saba Naaz
21 July 2026 8:37 PM IST
PM आवास घेराव की कोशिश, राहुल-अखिलेश पर पुलिस कार्रवाई
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नई दिल्ली। नीट पेपर लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से चल रहा आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से चल रहे प्रदर्शन के बीच सोमवार को निकाले गए 'चलो संसद' मार्च के बाद राजधानी में तनाव की स्थिति बन गई थी। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचे, वहीं कांग्रेस नेताओं के पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन के बाद पुलिस ने राहुल गांधी, अखिलेश यादव और अन्य नेताओं को हिरासत में लेकर छत्रसाल स्टेडियम पहुंचाया।

CJP की ओर से आयोजित 'चलो संसद' मार्च के दौरान सोमवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों के संसद की ओर बढ़ने की कोशिश के बाद सुरक्षा बलों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान कई जगहों पर तनाव की स्थिति बनी। पुलिस और प्रदर्शनकारियों दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। दिल्ली पुलिस के अनुसार, हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में अब तक पांच एफआईआर दर्ज की गई हैं और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

मंगलवार सुबह से ही जंतर-मंतर पर दोबारा प्रदर्शनकारी जुटने लगे थे। CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ किया कि आंदोलन जारी रहेगा और प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने संसद मार्च जारी रखने की बात भी कही। प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ने को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।

इसी बीच कांग्रेस नेताओं ने भी प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, केसी वेणुगोपाल और अन्य नेताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तथा केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दिया। कांग्रेस नेताओं की मांग थी कि नीट पेपर लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था को लेकर जवाबदेही तय की जाए।

करीब चार घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को हटाने की कार्रवाई की। पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य नेताओं को हिरासत में लिया। राहुल गांधी और अखिलेश यादव को बाद में छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया।

वहीं CJP ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को भी पद से हटा दिया। पार्टी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जानकारी देते हुए कहा कि वायरल वीडियो में दिखाए गए उनके कथित असंवेदनशील व्यवहार को स्वीकार नहीं किया जा सकता। पार्टी ने कहा कि आंदोलन के मूल्यों और सिद्धांतों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके बाद विजेता दहिया को सभी संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया।

प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों का हाल जानने के लिए कई राजनीतिक नेता अस्पताल पहुंचे। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आरएमएल अस्पताल जाकर घायल प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों से मुलाकात की। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी अस्पताल पहुंचे और घायलों के इलाज की जानकारी ली।

CJP नेताओं ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। इनमें सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और नीट परीक्षा से जुड़े मामलों में जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की मांग शामिल है।

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो भी आंदोलन से जुड़ी हुई हैं। उनकी ओर से वांगचुक को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार वांगचुक के स्वास्थ्य पैरामीटर फिलहाल स्थिर हैं, हालांकि उनका ब्लड शुगर स्तर कम बना हुआ है।

प्रदर्शन के चलते दिल्ली के कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ। नोएडा-दिल्ली बॉर्डर, डीएनडी फ्लाईवे और अन्य मार्गों पर लंबा जाम देखने को मिला। सुरक्षा कारणों से कई इलाकों में बैरिकेडिंग की गई और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

फिलहाल CJP का आंदोलन जारी है और पार्टी ने आगे भी प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है। वहीं पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि राजधानी में कानून व्यवस्था बनी रहे।

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