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BRICS समिट पर रामफोसा बोले किसी एक देश का दबदबा नहीं आपसी सम्मान और संप्रभुता जरूरी

SHIDDHANT
13 Sept 2026 7:03 PM IST
BRICS समिट पर रामफोसा बोले किसी एक देश का दबदबा नहीं आपसी सम्मान और संप्रभुता जरूरी
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Delhi दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने 18वें BRICS लीडर्स समिट में अपनी भागीदारी को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने भारत की मेजबानी में हुए सम्मेलन और इससे जुड़े कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि BRICS का प्रमुख जोर वैश्विक शासन व्यवस्था में बहुपक्षीय प्रणाली को आगे बढ़ाने पर है। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिसमें किसी एक देश या पक्ष का दूसरों पर दबदबा न हो।
रामफोसा ने कहा कि सम्मेलन से जुड़ी बैठकें करीब 30 शहरों में आयोजित की गईं और इतने बड़े आयोजन की मेजबानी करना अपने आप में व्यापक प्रयास की मांग करता है। उन्होंने सम्मेलन में BRICS के साझेदार देशों और प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधियों की भागीदारी पर भी खुशी जाहिर की।
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति के मुताबिक, सम्मेलन में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव के साथ विश्व व्यापार संगठन (WTO) के महानिदेशक, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक और अन्य संबंधित संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन के बाद सामने आए फैसलों को घोषणापत्र में व्यापक रूप से शामिल किया गया है।
रामफोसा ने BRICS की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि सम्मेलन में सबसे महत्वपूर्ण विषयों में वैश्विक शासन और बहुपक्षीय व्यवस्था को मजबूत करना शामिल रहा। उन्होंने कहा कि BRICS सदस्य ऐसी बहुपक्षीय व्यवस्था का समर्थन करते हैं, जहां किसी एक देश या ताकत का अन्य देशों पर वर्चस्व न हो।
उन्होंने सदस्य देशों के बीच आपसी सम्मान को भी महत्वपूर्ण बताया। रामफोसा ने कहा कि BRICS में शामिल देशों के साथ-साथ संगठन से बाहर के देशों को भी एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। इसके अलावा दुनिया के प्रत्येक देश की संप्रभुता का सम्मान किया जाना आवश्यक है। राष्ट्रपति रामफोसा ने आर्थिक विकास और आम लोगों के जीवन में सुधार को भी BRICS के एजेंडे का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि देशों को अपनी अर्थव्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने के साथ लोगों के जीवन को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
उनका बयान ऐसे समय आया है जब BRICS वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं में उभरती एवं विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका बढ़ाने को लेकर चर्चा के केंद्र में है। रामफोसा की टिप्पणी में भी बहुपक्षवाद, संप्रभुता, आर्थिक विकास और समान भागीदारी पर विशेष जोर दिखाई दिया। उन्होंने संकेत दिया कि BRICS केवल सदस्य देशों के बीच सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर ऐसी व्यवस्था को प्रोत्साहित करने की दिशा में काम कर रहा है जिसमें देशों के बीच सम्मान और सहयोग को प्राथमिकता मिले।
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