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ऑपरेशन रक्षक में बहादुरी दिखाने वाले सेना के डॉग टायसन को मिला सम्मान

Kavita2
16 Aug 2026 1:56 PM IST
ऑपरेशन रक्षक में बहादुरी दिखाने वाले सेना के डॉग टायसन को मिला सम्मान
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नई दिल्ली। भारतीय सेना के जांबाज असॉल्ट डॉग टायसन को उसकी बहादुरी और असाधारण साहस के लिए स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सम्मानित किया गया। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियान ऑपरेशन रक्षक के तहत अपने अदम्य साहस का प्रदर्शन करने वाले टायसन का नाम इस साल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मंजूर किए गए 89 मेंशन-इन-डिस्पैचेस (MiD) में शामिल किया गया है।

रीमाउंट वेटरनरी कोर (RVC) के जर्मन शेफर्ड डॉग टायसन को यह सम्मान पाने वाले 89 सदस्यों में एकमात्र पशु नायक होने का गौरव हासिल हुआ है। सैन्य क्षेत्र में यह सम्मान युद्ध या अभियान के दौरान असाधारण बहादुरी और उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।

ऑपरेशन रक्षक में दिखाई बहादुरी

टायसन भारतीय सेना की 2 पैरा स्पेशल फोर्सेज यूनिट से जुड़ा हुआ है। इस साल की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर में चलाए गए उग्रवाद विरोधी अभियान ऑपरेशन रक्षक के दौरान टायसन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

सेना के असॉल्ट डॉग्स कठिन परिस्थितियों में जवानों की मदद करते हैं। वे दुश्मन की गतिविधियों का पता लगाने, विस्फोटकों की पहचान करने और जोखिम भरे इलाकों में सुरक्षा बलों की सहायता करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

ऑपरेशन रक्षक जैसे अभियानों में जहां हर कदम पर खतरा रहता है, वहां टायसन जैसे प्रशिक्षित कुत्ते जवानों की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

89 मेंशन-इन-डिस्पैचेस में शामिल

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा मंजूर किए गए 89 मेंशन-इन-डिस्पैचेस में टायसन का नाम शामिल किया गया।

मेंशन-इन-डिस्पैचेस भारतीय सेना का एक प्रतिष्ठित सम्मान है, जो युद्ध क्षेत्र या सैन्य अभियानों के दौरान असाधारण प्रदर्शन, बहादुरी और समर्पण के लिए प्रदान किया जाता है।

टायसन का नाम इस सूची में शामिल होना भारतीय सेना के सेवा पशुओं की महत्वपूर्ण भूमिका को भी दर्शाता है।

सेना के डॉग्स की अहम भूमिका

भारतीय सेना में प्रशिक्षित कुत्तों का इस्तेमाल लंबे समय से किया जाता रहा है। ये डॉग्स आतंकवाद विरोधी अभियानों, सीमा सुरक्षा, खोज और बचाव कार्यों तथा विस्फोटक पहचान जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में जवानों की सहायता करते हैं।

इनकी सूंघने की क्षमता और तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता कई बार बड़े खतरों को टालने में मदद करती है।

सेना के अधिकारियों के अनुसार, डॉग्स केवल एक उपकरण नहीं बल्कि सैन्य टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। वे अपने हैंडलर्स और यूनिट के साथ लंबे समय तक प्रशिक्षण और ऑपरेशन में रहते हैं।

टायसन की उपलब्धि पर गर्व

2 पैरा स्पेशल फोर्सेज से जुड़े टायसन को मिले इस सम्मान को सेना के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है।

सोशल मीडिया और सैन्य हलकों में भी टायसन की बहादुरी की चर्चा हो रही है। लोगों ने इसे भारतीय सेना के उन अनदेखे नायकों को सम्मान देने वाला कदम बताया है, जो कठिन परिस्थितियों में जवानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं।

ऑपरेशन रक्षक का महत्व

ऑपरेशन रक्षक जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण सैन्य अभियान है। इस अभियान के तहत सुरक्षा बलों ने कई संवेदनशील क्षेत्रों में आतंकवाद और उग्रवाद के खिलाफ कार्रवाई की है।

इन अभियानों में सेना के जवानों के साथ-साथ प्रशिक्षित सैन्य डॉग्स की भूमिका भी बेहद अहम रही है।

टायसन जैसे डॉग्स न केवल सुरक्षा अभियानों में मदद करते हैं, बल्कि कई बार अपनी जान जोखिम में डालकर जवानों को सुरक्षित रखने में योगदान देते हैं।

पशु नायकों को मिलने वाला विशेष सम्मान

युद्ध और सैन्य अभियानों में जानवरों की भूमिका का इतिहास काफी पुराना है। दुनिया भर की सेनाओं में घोड़े, कुत्ते और अन्य पशुओं ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

भारतीय सेना भी अपने सेवा पशुओं को सम्मान देती रही है। टायसन को मिला मेंशन-इन-डिस्पैचेस इस बात का उदाहरण है कि सैन्य अभियानों में पशु सहयोगियों के योगदान को भी मान्यता दी जाती है।

स्वतंत्रता दिवस पर मिला सम्मान

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर देशभर में वीर जवानों और सैन्य कर्मियों को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में टायसन का नाम भी बहादुरी के लिए चुने गए लोगों में शामिल रहा।

यह सम्मान न केवल टायसन की बहादुरी को दर्शाता है, बल्कि भारतीय सेना के उन सभी सेवा पशुओं के प्रति सम्मान भी प्रकट करता है, जो देश की सुरक्षा में अपना योगदान देते हैं।

सेना और टायसन के लिए यादगार उपलब्धि

टायसन की यह उपलब्धि भारतीय सेना के इतिहास में एक खास स्थान रखती है। एक पशु नायक के रूप में उसका नाम सैन्य सम्मान पाने वालों की सूची में शामिल होना उसकी सेवा और साहस का प्रमाण है।

ऑपरेशन रक्षक जैसे चुनौतीपूर्ण अभियान में टायसन ने जिस तरह से अपनी भूमिका निभाई, वह सेना के प्रशिक्षण और समर्पण की मिसाल है।

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