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आर्टिलरी सम्मेलन में पहुंचे सेना प्रमुख, 'ऑपरेशन सिंदूर' से मिले सबक पर चर्चा
SHIDDHANT
12 Dec 2025 8:19 PM IST

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Delhi दिल्ली। भारतीय सेना के स्कूल ऑफ आर्टिलरी में आर्टिलरी सम्मेलन आयोजित किया गया। यहां 'ऑपरेशन सिंदूर' से मिले सबक और आधुनिकीकरण पर चर्चा की गई। सम्मेलन में 'ऑपरेशन सिंदूर' से मिली ऑपरेशन सीखों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही आर्मी में तकनीकी प्रगति, आधुनिक हथियार प्रणालियों के समावेश, संरचनात्मक सुधार और भविष्य की क्षमताओं पर भी चर्चा हुई। देवलाली आर्टिलरी स्कूल में यह द्विवार्षिक आर्टिलरी सम्मेलन 11 व 12 दिसंबर को आयोजित किया गया। सेना के अनुसार, यह सम्मेलन हाइब्रिड प्रारूप में हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन की अध्यक्षता थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने की। सम्मेलन में आर्टिलरी रेजिमेंट के वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑपरेशनल, आधुनिकीकरण और संगठनात्मक परिवर्तन से जुड़ी प्राथमिकताओं की व्यापक समीक्षा की। ऑपरेशन सिंदूर से मिले सबक और आधुनिकीकरण पर मंथन किया गया। इस दौरान शक्तिबान रेजिमेंट्स और दिवयस्त्र बैटरियों के पुनर्गठन व गठन को विशेष महत्व दिया गया।
बता दें कि शक्तिबान रेजिमेंट्स भविष्य के युद्धों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई हैं। शक्तिबान रेजिमेंट्स ड्रोन, काउंटर ड्रोन सिस्टम और लॉइटर म्यूनिशन जैसे अत्याधुनिक हथियारों व उपकरणों से लैस हैं। यह रेजिमेंट आर्टिलरी की शक्ति में बड़ा परिवर्तनकारी कदम है। यहां इस सम्मेलन में आर्टिलरी आधुनिकीकरण रोडमैप की प्रस्तुति दी गई। लेफ्टिनेंट जनरल अदोष कुमार, डायरेक्टर जनरल आर्टिलरी, तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने आर्टिलरी के आधुनिकीकरण कार्यक्रम, प्रशिक्षण सुधार व मानव संसाधन विकास पर विस्तृत जानकारी दी। यह प्रस्तुति रेजिमेंट के सतत परिवर्तन और भविष्य की दिशा तय करने में अत्यंत उपयोगी रही। हाइब्रिड प्रारूप के माध्यम से 25 आउटस्टेशन लोकेशन्स में तैनात अधिकारी एवं जेसीओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के द्वारा इस सम्मेलन से जुड़े। इससे व्यापक सहभागिता और समग्र मूल्यांकन सुनिश्चित हुआ।
देवलाली स्थित ड्रोन एक्सपीरियंस सेंटर में सेना प्रमुख ने आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्हें बताया गया कि यहां सिम्युलेटर लैब, इनक्यूबेशन सेंटर व ड्रोन मैन्यूवर एरीना के माध्यम से प्रशिक्षुओं को मिशन प्लानिंग, निगरानी और लक्ष्यभेदन से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाता है। ड्रोन संचालन, लोइटर म्यूनिशन और मिनी-आरपीएस मॉड्यूल के लाइव डेमो प्रस्तुत किए गए। जनरल द्विवेदी ने प्रशिक्षकों की पेशेवर दक्षता की सराहना की और कहा कि ऐसी अत्याधुनिक क्षमताएं आधुनिक युद्धक्षेत्र में सेना की तैयारी को अधिक मजबूत बनाती हैं। सेना प्रमुख ने नासिक स्थित कॉम्बैट आर्मी एविएशन ट्रेनिंग स्कूल का भी निरीक्षण किया और उसकी संचालन तैयारियों की समीक्षा की। दौरे के अंत में जनरल द्विवेदी ने नासिक एवं देवलाली सैन्य स्टेशनों के पूर्व सैनिकों से संवाद किया। उन्होंने पूर्व सैनिकों के उत्कृष्ट योगदान और रेजिमेंट से निरंतर जुड़े रहने की भावना की सराहना की। इस अवसर पर उन्होंने पांच वयोवृद्धों को वेटरन अचीवर्स अवार्ड प्रदान किए।
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