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PWD और सिंचाई-बाढ़ नियंत्रण विभाग के मध्यस्थता मामलों की होगी समीक्षा

SHIDDHANT
27 Aug 2025 7:52 PM IST
PWD और सिंचाई-बाढ़ नियंत्रण विभाग के मध्यस्थता मामलों की होगी समीक्षा
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DELHI दिल्ली: सरकार ने भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई करते हुए ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जो लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग में पिछले 20 वर्षों में हुए सभी मध्यस्थता मामलों की विस्तृत समीक्षा करेगी। यह समिति उन सभी विवादों की जांच करेगी, जिनमें 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक की धनराशि शामिल रही है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि किन-किन मामलों में सरकार के खिलाफ निर्णय आया, कुल कितना वित्तीय नुकसान हुआ और भुगतान की स्थिति क्या रही।

समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव (पीडब्ल्यूडी/आई एंड एफसी) करेंगे। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे वर्षवार और निर्णयवार डेटा तैयार करें, ताकि बीते दो दशकों में हुए विवादों और वित्तीय नुकसान की सटीक तस्वीर सामने लाई जा सके। सरकारी सूत्रों के अनुसार, कई बार ठेकेदारों और कंपनियों ने अनुबंधों में मौजूद मध्यस्थता की शर्त का दुरुपयोग किया और सरकार को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। इसी वजह से मुख्यमंत्री ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए यह समिति बनाई है।

समिति को यह जिम्मेदारी भी सौंपी गई है कि वह न केवल आंकड़ों की समीक्षा करे, बल्कि यह भी देखे कि भविष्य में इस तरह की स्थितियां दोबारा न बनें। इस दिशा में एक बड़ा बदलाव यह होगा कि अब पीडब्ल्यूडी और सिंचाई-बाढ़ नियंत्रण विभाग के नए कॉन्ट्रैक्ट में मध्यस्थता की धारा हटा दी जाएगी। यानी भविष्य में अगर कोई विवाद हुआ तो मामला सीधे अदालत में जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से पारदर्शिता बढ़ेगी और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही विवादों का समाधान होगा। इससे भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों की संभावना भी काफी हद तक कम होगी। दिल्ली सरकार की इस पहल को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक निर्णायक कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई न केवल बीते मामलों की हकीकत सामने लाएगी बल्कि आने वाले वर्षों में सरकारी विभागों के अनुबंधों को भी अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाएगी।

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