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पुरानी दिल्ली और कश्मीरी गेट में AQI ‘गंभीर’, मथुरा रोड में भी प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक

SHIDDHANT
28 Dec 2025 12:05 AM IST
पुरानी दिल्ली और कश्मीरी गेट में AQI ‘गंभीर’, मथुरा रोड में भी प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक
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Delhi दिल्ली: राजधानी दिल्ली में वायु गुणवत्ता लगातार गंभीर स्थिति में बनी हुई है। विशेषकर पुरानी दिल्ली और आईएसबीटी कश्मीरी गेट क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अत्यधिक खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। वहीं मथुरा रोड समेत अन्य प्रमुख इलाकों में भी वायु गुणवत्ता बहुत खराब दर्ज की गई। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (DPCC) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, पुरानी दिल्ली और कश्मीरी गेट में AQI 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि इस स्तर पर वायु प्रदूषण का प्रभाव सामान्य लोगों और स्वास्थ्य संवेदनशील समूहों, जैसे बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी समस्याओं से पीड़ित लोगों पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।
मथुरा रोड और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ दर्ज की गई है। विशेषज्ञों के अनुसार, ठंडी हवाओं और स्थिर मौसम की वजह से प्रदूषक कण हवा में लंबे समय तक बने रहते हैं, जिससे वायु की शुद्धता और स्वास्थ्य पर असर बढ़ जाता है। पीएम2.5 और पीएम10 कणों का स्तर सामान्य सीमा से कई गुना अधिक है। विशेषज्ञों ने नागरिकों को सलाह दी है कि जब तक वायु गुणवत्ता में सुधार नहीं होता, बाहर निकलते समय मास्क पहनें, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है और लंबी समय तक बाहरी गतिविधियों से बचें।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता की यह खराब स्थिति मुख्य रूप से धुंध, वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्य और ठंडी हवाओं के कारण फैलते धूल कणों के मिश्रण के कारण उत्पन्न हुई है। विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर प्रदूषण नियंत्रण के लिए तत्काल उपाय नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य पर और अधिक गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। सरकारी एजेंसियां फिलहाल प्रदूषण कम करने के लिए कुछ विशेष कदम उठा रही हैं, जैसे सड़कों पर पानी की छिड़काव, वाहनों की संख्या नियंत्रित करना और निर्माण कार्यों के दौरान धूल नियंत्रण उपाय। इसके साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे निजी वाहनों का उपयोग कम करें और सार्वजनिक परिवहन का अधिक से अधिक उपयोग करें।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए नागरिकों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव, वाहन उत्सर्जन और औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण के बिना इस समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। इस बीच, दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने भी अस्पतालों को चेतावनी दी है कि सांस लेने से संबंधित समस्याओं वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी के लिए तैयार रहें। लोगों को विशेष रूप से सांस लेने में दिक्कत, खांसी, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी समस्याओं के प्रति सचेत रहने की सलाह दी गई है।
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