दिल्ली-एनसीआर

RTE क्रियान्वयन को लेकर सरकार से अपील

Ratna Netam
30 Jun 2026 5:36 PM IST
RTE क्रियान्वयन को लेकर सरकार से अपील
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प्रवेश सुनिश्चित करने पर जोर

Ghaziabad गाजियाबाद : इंडियन पेरेंट्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा त्यागी ने शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के हजारों बच्चों का चयन आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में होने के बावजूद उन्हें प्रवेश नहीं मिल पा रहा है, जो कानून की मूल भावना और बच्चों के संवैधानिक अधिकारों के खिलाफ है।सीमा त्यागी ने कहा कि पिछले पांच वर्षों के आंकड़े चिंताजनक स्थिति को दर्शाते हैं। उनके अनुसार वर्ष 2022-23 से 2026-27 के बीच आरटीई के तहत लगभग 29,230 बच्चों को निजी स्कूलों में सीटें आवंटित की गईं, लेकिन इनमें से केवल 16,974 बच्चों को ही प्रवेश मिल सका। इस तरह बड़ी संख्या में चयनित बच्चे आज भी अपने शिक्षा के अधिकार से वंचित हैं।

उन्होंने कहा कि यदि चयनित बच्चों को भी निजी विद्यालय प्रवेश देने से इनकार कर रहे हैं तो यह न केवल कानून के शासन पर सवाल है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था की गंभीर खामी भी है। आरटीई अधिनियम का उद्देश्य केवल चयन सूची जारी करना नहीं, बल्कि हर पात्र बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।सीमा त्यागी ने प्रदेश सरकार, जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की कि आरटीई के तहत चयनित सभी बच्चों का समयबद्ध तरीके से प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। साथ ही अभिभावकों की शिकायतों का त्वरित समाधान किया जाए ताकि किसी भी बच्चे की शिक्षा बाधित न हो।

उन्होंने यह भी कहा कि जो निजी विद्यालय आरटीई के तहत चयनित बच्चों को प्रवेश देने से इनकार कर रहे हैं या सरकारी आदेशों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। ऐसे स्कूलों पर आरटीई अधिनियम, उत्तर प्रदेश नियमावली और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए उनकी मान्यता तक निरस्त की जानी चाहिए।उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब तक प्रत्येक चयनित बच्चे का प्रवेश सुनिश्चित नहीं होगा, तब तक शिक्षा का अधिकार अधूरा ही रहेगा। सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी पात्र बच्चा केवल प्रशासनिक या संस्थागत लापरवाही के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।

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