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कूरियर का पता अपडेट करने के नाम पर भेजी APK फाइल, खाते से उड़ा दिए 3.97 लाख रुपये

Kavita2
2 Oct 2026 5:15 PM IST
कूरियर का पता अपडेट करने के नाम पर भेजी APK फाइल, खाते से उड़ा दिए 3.97 लाख रुपये
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नई दिल्ली। दक्षिणी पूर्वी साइबर थाना पुलिस ने कूरियर डिलीवरी का पता अपडेट कराने के नाम पर लोगों को जाल में फंसाकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में कथित मास्टरमाइंड नासिर हुसैन समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अन्य आरोपितों की पहचान शौकीन और आशीष आर्य के रूप में हुई है। आरोप है कि गिरोह लोगों को व्हाट्सएप पर APK फाइल भेजता था और उसे कूरियर सर्विस से जुड़ी फाइल बताकर डाउनलोड करवाता था। इसके बाद बैंकिंग संबंधी जानकारी हासिल कर खातों से रकम निकाल ली जाती थी।

मामले का खुलासा एक व्यक्ति के साथ करीब 3.97 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत के बाद हुआ। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार गुप्ता को 7 मई को व्हाट्सएप पर एक मैसेज मिला था। मैसेज में कूरियर सर्विस से जुड़ी '.apk' फाइल भेजी गई थी। संदेश में दावा किया गया था कि कूरियर की डिलीवरी के लिए पता अपडेट करना जरूरी है।

शिकायतकर्ता ने मैसेज को सही मानते हुए उसमें भेजी गई फाइल खोल ली। इसके बाद उनसे कूरियर डिलीवरी का पता अपडेट करने की प्रक्रिया के तहत दो रुपये का भुगतान करने के लिए कहा गया। बेहद कम रकम होने के कारण शिकायतकर्ता को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ और उन्होंने भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी।

बताया गया कि दो रुपये का भुगतान करने के दौरान शिकायतकर्ता ने अपनी एचडीएफसी बैंक की नेट-बैंकिंग से जुड़ी जानकारी दर्ज की। इसके कुछ समय बाद उनके बैंक खाते से बड़ी रकम निकलने लगी। खाते से दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन में रुपये निकाले गए।

पहले ट्रांजैक्शन में शिकायतकर्ता के बैंक खाते से 1,99,009.44 रुपये निकाल लिए गए। इसके बाद दूसरे ट्रांजैक्शन में 1,98,009.44 रुपये की निकासी हुई। इस तरह कुछ ही समय में शिकायतकर्ता के खाते से कुल 3,97,018.88 रुपये निकल गए। बैंक खाते से इतनी बड़ी रकम निकलने की जानकारी मिलने पर उन्हें साइबर ठगी का पता चला।

पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से की। शिकायत मिलने के बाद दक्षिणी पूर्वी साइबर थाना पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने शिकायतकर्ता को मिले व्हाट्सएप मैसेज, बैंक खाते से हुए लेनदेन और ठगी में इस्तेमाल किए गए माध्यमों से संबंधित जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस को साइबर ठगी करने वाले गिरोह के बारे में जानकारी मिली।

पुलिस ने जांच को आगे बढ़ाते हुए कथित मास्टरमाइंड नासिर हुसैन तक पहुंच बनाई। इसके बाद मामले में शौकीन और आशीष आर्य की भूमिका भी सामने आने का दावा किया गया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। अब आरोपितों से पूछताछ कर गिरोह के पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, आरोपित साइबर ठगी के लिए कूरियर डिलीवरी को हथियार बनाते थे। लोगों को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर बताया जाता था कि उनके कूरियर की डिलीवरी नहीं हो पा रही है और इसके लिए उन्हें अपना पता अपडेट करना होगा। मैसेज के साथ एक APK फाइल भेजी जाती थी।

APK एंड्रॉयड एप्लिकेशन इंस्टॉल करने वाली फाइल होती है। शिकायत के अनुसार, इसी तरह की फाइल को कूरियर सर्विस से संबंधित बताकर पीड़ित को भेजा गया था। फाइल खोलने के बाद दो रुपये जैसी मामूली रकम का भुगतान करने के लिए कहा गया, जिससे पीड़ित को यह प्रक्रिया सामान्य लगी।

पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि गिरफ्तार आरोपितों ने इसी तरीके से कितने लोगों को निशाना बनाया है। आरोपितों से जुड़े बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल जानकारी की जांच के जरिए अन्य मामलों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही ठगी की रकम कहां भेजी गई और उसका इस्तेमाल किस तरह किया गया, इसकी भी जांच की जा रही है।

इस मामले ने एक बार फिर साइबर अपराधियों के नए तरीकों को सामने ला दिया है। कूरियर और पार्सल डिलीवरी जैसी रोजमर्रा की सेवाओं के नाम पर भेजे जाने वाले मैसेज लोगों को आसानी से भरोसे में ले सकते हैं। खासतौर पर जब केवल एक या दो रुपये जैसी छोटी रकम के भुगतान की बात कही जाती है, तो लोग बिना ज्यादा जांच किए लिंक या फाइल खोल देते हैं।

पुलिस ने इस मामले में नासिर हुसैन, शौकीन और आशीष आर्य को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच के दौरान आरोपितों के मोबाइल और अन्य डिजिटल माध्यमों से मिलने वाली जानकारी के आधार पर गिरोह के नेटवर्क से जुड़े और लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

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