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अफगानिस्तान में फिर 6.2 तीव्रता का भूकंप, हजारों लोग बेघर

SHIDDHANT
4 Sept 2025 11:38 PM IST
अफगानिस्तान में फिर 6.2 तीव्रता का भूकंप, हजारों लोग बेघर
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Afghanistan अफगानिस्तान: जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेस ने दी जानकारी, संयुक्त राष्ट्र ने जताई गंभीर चिंता अफगानिस्तान एक बार फिर से भूकंप के झटकों से कांप उठा है। जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेस (GFZ) के अनुसार, गुरुवार को देश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया। इसकी गहराई 10 किलोमीटर (लगभग 6.21 मील) बताई गई है। यह झटका ऐसे समय में आया है जब अभी कुछ दिन पहले आए भूकंपों ने अफगानिस्तान में भारी तबाही मचाई थी।
हालिया भूकंपों की तबाही
इस हफ्ते की शुरुआत में आए भूकंपों ने अफगानिस्तान के पूर्वी इलाकों में भारी जनहानि और विनाश किया था। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अब तक 2,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3,600 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। सबसे अधिक तबाही कुनार और नांगरहार प्रांतों में देखने को मिली, जहां कई गांव पूरी तरह से नष्ट हो गए। हजारों लोग बेघर हो गए और उन्हें खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर होना पड़ा। रविवार को आए पहले बड़े भूकंप की तीव्रता 6 थी और उसकी गहराई भी 10 किलोमीटर थी। यह झटका हाल के वर्षों में अफगानिस्तान के सबसे घातक भूकंपों में से एक माना जा रहा है।




मानवीय संकट गहराया
लगातार आए भूकंपों ने देश में मानवीय संकट और गहरा कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि प्रभावित इलाकों में भोजन, आश्रय और चिकित्सा आपूर्ति की गंभीर कमी हो रही है। सहायता समूहों का कहना है कि उनके पास संसाधन बेहद सीमित हैं और लगातार आ रहे भूकंपों ने राहत कार्य को और कठिन बना दिया है। संयुक्त राष्ट्र की मानवीय मामलों की एजेंसियों ने कहा है कि तत्काल सहायता पहुंचाना बेहद जरूरी है, क्योंकि हजारों लोग ठंडे मौसम और असुरक्षित हालात में रह रहे हैं। घायलों की संख्या लगातार बढ़ रही है और कई क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाना मुश्किल साबित हो रहा है।
राहत और बचाव में चुनौतियां
अफगानिस्तान के पहाड़ी इलाकों और खराब सड़क संपर्क के कारण राहत कार्य प्रभावित हो रहे हैं। नष्ट हो चुके गांवों तक पहुंचना बेहद कठिन है। स्थानीय प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की टीम लगातार बचाव कार्य में जुटी हैं, लेकिन संसाधनों की कमी और लगातार आने वाले झटकों से काम की गति धीमी हो गई है।
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