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यूक्रेन में भारत के मनोनीत राजदूत अंजनी कुमार ने सौंपी प्रमाण-पत्र की प्रति

नई दिल्ली। यूक्रेन में भारत के मनोनीत राजदूत अंजनी कुमार ने सोमवार को यूक्रेन के विदेश मंत्रालय में वहां के उप-विदेश मंत्री ओलेक्सांद्र मिशेंको से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने ‘लेटर ऑफ क्रेडेंस’ यानी प्रमाण-पत्र की एक प्रति यूक्रेन के उप-विदेश मंत्री को सौंपी। मुलाकात में भारत और यूक्रेन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।
यूक्रेन स्थित भारतीय दूतावास ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से यह जानकारी साझा की। दूतावास की ओर से बताया गया कि भारत के मनोनीत राजदूत ने यूक्रेन के विदेश मंत्रालय में उप-विदेश मंत्री के साथ मुलाकात की और दोनों देशों के संबंधों को आगे बढ़ाने को लेकर विचार-विमर्श किया।
राजनयिक जिम्मेदारी संभालने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
India's Ambassador-designate to Ukraine, Mr. Anjani Kumar, presented a copy of his Letter of Credence to the Deputy Foreign Minister of Ukraine, H.E. Mr. Olexandr Mischenko, at the Ministry of Foreign Affairs today. They discussed further strengthening of bilateral relations. pic.twitter.com/svwIKjYLcs
— India in Ukraine (@IndiainUkraine) August 10, 2026
किसी देश में राजदूत के रूप में जिम्मेदारी संभालने की प्रक्रिया में ‘लेटर ऑफ क्रेडेंस’ महत्वपूर्ण राजनयिक दस्तावेज होता है। इसकी प्रति संबंधित देश के विदेश मंत्रालय को सौंपना राजदूत के औपचारिक दायित्वों की दिशा में अहम कदम माना जाता है।
अंजनी कुमार की यूक्रेन में भारत के मनोनीत राजदूत के रूप में नियुक्ति के बाद प्रमाण-पत्र की प्रति सौंपे जाने से उनके राजनयिक दायित्वों की औपचारिक प्रक्रिया आगे बढ़ी है। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को लेकर बातचीत भी हुई।
द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर जोर
मुलाकात के दौरान भारत और यूक्रेन के बीच संबंधों को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई। दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक, व्यापारिक और मानवीय क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं मौजूद हैं। ऐसे में राजनयिक स्तर पर होने वाली बैठकों को संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
यूक्रेन और भारत के संबंध पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के बीच विशेष महत्व रखते हैं। रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद भारत ने विभिन्न स्तरों पर सभी पक्षों के साथ संवाद और कूटनीति के माध्यम से समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है। ऐसे समय में यूक्रेन में भारत के नए राजदूत की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने दी जानकारी
भारतीय दूतावास ने सोमवार को एक्स पर पोस्ट कर अंजनी कुमार और ओलेक्सांद्र मिशेंको की मुलाकात की जानकारी दी। पोस्ट के माध्यम से बताया गया कि भारत के मनोनीत राजदूत ने यूक्रेन के उप-विदेश मंत्री को अपने प्रमाण-पत्र की प्रति सौंपी।
दूतावास ने यह भी जानकारी दी कि बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-यूक्रेन संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। हालांकि, बैठक में किन विशिष्ट मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
रूस-यूक्रेन संघर्ष के बीच महत्वपूर्ण भूमिका
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष ने दोनों देशों के साथ भारत के संबंधों को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण बना दिया है। भारत लगातार संवाद और कूटनीति के जरिए विवाद के समाधान की वकालत करता रहा है। भारत ने दोनों पक्षों के बीच शांति और बातचीत की जरूरत पर जोर दिया है।
ऐसे माहौल में यूक्रेन में भारत के राजदूत के रूप में अंजनी कुमार की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्हें भारत के हितों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद और सहयोग को मजबूत करने की जिम्मेदारी निभानी होगी।
व्यापार और सहयोग की संभावनाएं
भारत और यूक्रेन के बीच कृषि, दवा, शिक्षा, तकनीक और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं रही हैं। दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए भी राजनयिक स्तर पर लगातार प्रयास किए जाते रहे हैं।
यूक्रेन में युद्ध के कारण व्यापार और संपर्क से जुड़ी चुनौतियां सामने आई हैं। ऐसे में भविष्य में परिस्थितियों के अनुकूल होने पर दोनों देशों के बीच आर्थिक और कारोबारी सहयोग को बढ़ाने की संभावनाओं पर भी काम किया जा सकता है।
मानवीय सहयोग भी अहम
रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान भारत की ओर से मानवीय सहायता और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहे हैं। भारत ने संकट के दौरान यूक्रेन से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए अभियान चलाया था। इसके अलावा भारत ने मानवीय सहायता भी उपलब्ध कराई है।
ऐसे में भारत और यूक्रेन के बीच राजनयिक संवाद में मानवीय मुद्दों का महत्व भी बना रहेगा। भारतीय दूतावास दोनों देशों के बीच संपर्क और समन्वय में अहम भूमिका निभाता है।
संबंधों को नई दिशा देने की उम्मीद
अंजनी कुमार की ओर से प्रमाण-पत्र की प्रति सौंपे जाने और यूक्रेन के उप-विदेश मंत्री से मुलाकात को भारत-यूक्रेन राजनयिक संबंधों की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच राजनीतिक संवाद, आर्थिक सहयोग और अन्य क्षेत्रों में साझेदारी को आगे बढ़ाने पर जोर दिए जाने की उम्मीद है।
फिलहाल बैठक में दोनों पक्षों ने आपसी संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब यूक्रेन से जुड़े घटनाक्रमों पर पूरी दुनिया की नजर है। भारत की ओर से राजनयिक स्तर पर संवाद जारी रखना और दोनों देशों के बीच संपर्क को मजबूत बनाए रखना आने वाले समय में महत्वपूर्ण रहेगा।





