दिल्ली-एनसीआर

शिक्षा में नवाचार की पहल, CBSE ने खोला अनुभव केंद्र

Kiran
28 Oct 2026 10:51 AM IST
शिक्षा में नवाचार की पहल, CBSE ने खोला अनुभव केंद्र
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नई दिल्ली में हाल ही में खुले CBSE एक्सपीरियंस सेंटर में छात्रों के लिए कई चीजें मौजूद हैं। इनमें भारत के शैक्षिक इतिहास का सफर, डॉ. बी.आर. अंबेडकर और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम जैसी महान हस्तियों के साथ होलोग्राफिक बातचीत, करियर के विकल्पों को समझने का मौका और हिमालय से लेकर चंद्रमा तक का वर्चुअल टूर शामिल है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी द्वारा उद्घाटन किए गए इस केंद्र में 12 बड़े ज़ोन और 21 प्रदर्शनी (एग्ज़िबिट) हैं। इन्हें इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि छात्र किताबों और पारंपरिक कक्षा की पढ़ाई से आगे बढ़कर कुछ नया सीख सकें।
जोशी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि हमें रटने की आदत और केवल परीक्षा के अंकों पर बहुत ज़्यादा ध्यान देने की प्रवृत्ति से बाहर निकलना चाहिए। इसके बजाय, हमें एक ऐसी शिक्षा प्रणाली की ओर बढ़ना चाहिए जो छात्रों की व्यक्तिगत रुचियों, क्षमताओं और सीखने की शक्ति को पहचान सके।
उन्होंने कहा कि पढ़ाई केवल किताबों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। छात्रों को ऐसे अवसर मिलने चाहिए जिससे वे अवधारणाओं (कॉन्सेप्ट्स) को समझ सकें, अपने ज्ञान का इस्तेमाल कर सकें और वास्तविक जीवन के अनुभवों के ज़रिए आत्मविश्वास विकसित कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि यह केंद्र 'राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020' के उद्देश्यों को दर्शाता है, जो अनुभव-आधारित और सर्वांगीण शिक्षा पर ज़ोर देती है।
इस केंद्र की शुरुआत 'शिक्षा की कहानी' नाम की एक फिल्म से होती है। इसमें सरस्वती नदी की आवाज़ के ज़रिए भारत में शिक्षा के विकास को दिखाया गया है—गुरुकुल प्रणाली और नालंदा जैसे ऐतिहासिक शिक्षा केंद्रों से लेकर आज के आधुनिक स्कूलों और डिजिटल क्लासरूम तक। जोशी ने कहा कि छात्रों को केवल वैज्ञानिक अवधारणाओं को पढ़ना ही नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें देखना, प्रयोग करना और व्यावहारिक अनुभवों के ज़रिए समझना भी चाहिए। नवाचार (इनोवेशन) और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने में 'अटल टिंकरिंग लैब्स' की भूमिका का ज़िक्र करते हुए उन्होंने बताया कि देश भर में ऐसी 10,000 लैब पहले से ही काम कर रही हैं, और सरकार ने 50,000 और लैब स्थापित करने का फैसला किया है।
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