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दिल्ली में अमित शाह ने की सुरक्षा समीक्षा रामलीला मैदान में जुटेगा विपक्ष

Ratna Netam
24 Oct 2026 5:14 PM IST
दिल्ली में अमित शाह ने की सुरक्षा समीक्षा रामलीला मैदान में जुटेगा विपक्ष
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार, 24 अक्टूबर 2026 को दिल्ली पुलिस मुख्यालय का दौरा किया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ राजधानी की कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा की। इस दौरान दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी पुलिस मुख्यालय पहुंचीं। यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों के विरोध प्रदर्शन जारी हैं। विपक्ष ने निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
कानून-व्यवस्था पर वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा
अमित शाह के दिल्ली पुलिस मुख्यालय पहुंचने का उद्देश्य राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की समीक्षा करना था। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने राजधानी में सुरक्षा की मौजूदा स्थिति और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर जानकारी दी।यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब दिल्ली में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक विरोध के साथ-साथ छात्र संगठनों की गतिविधियां भी बढ़ी हैं। हाल के दिनों में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन हुए हैं और कुछ स्थानों पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया है।हालांकि, बैठक में लिए गए किसी नए फैसले या जारी किए गए विशेष निर्देशों की विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी पहुंचीं पुलिस मुख्यालय
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की मौजूदगी को भी इस बैठक के महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल किया गया। राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना दिल्ली पुलिस और संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों की प्रमुख जिम्मेदारी है। गृह मंत्री की समीक्षा बैठक में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।बैठक के दौरान किन विशेष घटनाओं या सुरक्षा चुनौतियों पर विस्तार से विचार किया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
SIR के खिलाफ विपक्ष का विरोध तेज
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन INDIA के अन्य दल निर्वाचन आयोग पर लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि इस प्रक्रिया में अनियमितताओं के कारण पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने का खतरा है।विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी से जुड़े आरोप विपक्ष की ओर से लगाए गए हैं; इन्हें सभी मामलों में प्रमाणित तथ्य नहीं माना जा सकता।शुक्रवार को वामपंथी दलों और छात्र नेताओं ने दिल्ली में बंगला साहिब गुरुद्वारे के आसपास मार्च निकाला था। प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली
कांग्रेस सांसद जेबी माथर ने शनिवार को घोषणा की कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सहयोगी दल 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करेंगे। यह फैसला गठबंधन के दलों के साथ चर्चा के बाद लिया गया है।माथर ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के बीच कोई मतभेद नहीं है। उनके अनुसार, रैली के जरिए SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की चिंताओं को सार्वजनिक रूप से उठाया जाएगा।दिल्ली पुलिस ने इस रैली के आयोजन के लिए पहले ही अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी कर दिया है। आयोजन के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जाएगा।
राजनीतिक विरोध के बीच सुरक्षा व्यवस्था पर नजर
अमित शाह की पुलिस मुख्यालय में हुई बैठक और आगामी विपक्षी रैली के बीच दिल्ली की कानून-व्यवस्था पर ध्यान बना हुआ है। एक ओर गृह मंत्री ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की, तो दूसरी ओर विपक्ष ने SIR के मुद्दे पर अपना आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है।आने वाले दिनों में रामलीला मैदान की रैली और निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा तथा यातायात प्रबंधन महत्वपूर्ण रहेगा। फिलहाल विपक्ष की मुख्य मांग मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा है, जबकि SIR प्रक्रिया को लेकर उठाए गए आरोपों पर राजनीतिक बहस जारी है।
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