दिल्ली-एनसीआर

अशोक सिंघल के समर्पण को अमित शाह ने किया नमन बोले देशभक्ति थी प्रेरणा

Ratna Netam
27 Sept 2026 7:56 PM IST
अशोक सिंघल के समर्पण को अमित शाह ने किया नमन बोले  देशभक्ति थी प्रेरणा
x
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को विश्व हिंदू परिषद (VHP) के पूर्व नेता अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी वर्ष के उद्घाटन समारोह में उन्हें याद किया। इस दौरान शाह ने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण अशोक सिंघल के लंबे संघर्ष, त्याग और समर्पण का परिणाम है।राजधानी दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने अशोक सिंघल के योगदान की चर्चा की। उन्होंने कहा कि सिंघल ने लंबे समय तक एक बड़े उद्देश्य के लिए काम किया और अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा इसी अभियान को समर्पित किया।अमित शाह ने कहा कि आज उस त्याग का फल मिल गया है। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण उस उद्देश्य की पूर्ति है, जिसके लिए हिंदू समाज ने लंबे समय तक संघर्ष किया और एकजुट होकर प्रयास किए।
गृह मंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल का जीवन समर्पण और अनुशासन का उदाहरण रहा है। उन्होंने कहा कि सिंघल अधिक उम्र में भी लगातार काम करते थे और उनकी ऊर्जा के पीछे देशभक्ति की भावना थी।शाह ने कहा कि अशोक सिंघल ऐसे व्यक्ति थे, जो जीवन के अंतिम समय तक सक्रिय रहे। उन्होंने बताया कि सिंघल कई घंटे तक काम करते थे और समाज से जुड़े मुद्दों को लेकर लगातार प्रयास करते रहते थे।कार्यक्रम के दौरान अशोक सिंघल के जीवन और उनके सामाजिक योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने उनके संगठनात्मक कार्यों और विभिन्न आंदोलनों में उनकी भूमिका का उल्लेख किया।अशोक सिंघल विश्व हिंदू परिषद के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे थे। उन्होंने लंबे समय तक संगठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रमुख नेताओं में उनकी गिनती होती रही।
अमित शाह ने कहा कि किसी भी बड़े उद्देश्य को पूरा करने के लिए धैर्य, संघर्ष और लंबे समय तक प्रयास की जरूरत होती है। उन्होंने अशोक सिंघल के जीवन को इसी भावना का उदाहरण बताया।उन्होंने कहा कि सिंघल ने अपने जीवन में व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से ऊपर उठकर समाज और देश से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार, सिंघल का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा।गृह मंत्री ने अपने संबोधन में राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के सफर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा में कई लोगों ने योगदान दिया और लंबे समय तक प्रयासों के बाद मंदिर निर्माण का सपना पूरा हुआ।
उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल का योगदान इस पूरे अभियान में महत्वपूर्ण रहा। शाह ने उनके संघर्ष और संगठन क्षमता की सराहना की।कार्यक्रम में अशोक सिंघल के समर्थकों और उनसे जुड़े लोगों ने भी उनके जीवन से जुड़े अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि सिंघल हमेशा अपने लक्ष्य को लेकर दृढ़ रहते थे और लगातार मेहनत करते थे।अशोक सिंघल का जन्म शताब्दी वर्ष उनके जीवन, विचारों और सामाजिक कार्यों को याद करने के उद्देश्य से मनाया जा रहा है। इस दौरान देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
अमित शाह ने कहा कि समाज के लिए समर्पित लोगों का योगदान हमेशा याद रखा जाता है। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल ने अपने कार्यों से एक अलग पहचान बनाई।उन्होंने सिंघल की कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि वे अनुशासन और मेहनत को बहुत महत्व देते थे। उनके लिए राष्ट्र और समाज से जुड़े कार्य सर्वोपरि थे।कार्यक्रम में राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण से जुड़े संघर्ष और उससे जुड़े लोगों की भूमिका पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने अशोक सिंघल के योगदान को याद करते हुए उनके विचारों को आगे बढ़ाने की बात कही।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अशोक सिंघल का जीवन त्याग और सेवा की भावना से प्रेरित था। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व समाज को नई दिशा देने का काम करते हैं।कुल मिलाकर, अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी वर्ष के उद्घाटन समारोह में अमित शाह ने उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के पीछे अशोक सिंघल का त्याग, संघर्ष और समर्पण महत्वपूर्ण रहा है। शाह ने उनके जीवन को देशभक्ति और सेवा का उदाहरण बताया।
Next Story