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खड़गे के बयान पर अमित शाह का पलटवार, कांग्रेस पर साधा निशाना

Ratna Netam
25 Oct 2026 7:29 PM IST
खड़गे के बयान पर अमित शाह का पलटवार, कांग्रेस पर साधा निशाना
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पटना। बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को खड़गे के बयान की आलोचना की। अमित शाह ने कांग्रेस पर राजनीतिक मर्यादा की सीमाएं पार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं की ओर से प्रधानमंत्री मोदी और उनके परिवार को लेकर पहले भी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई हैं।विवाद खड़गे की उस टिप्पणी को लेकर है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था, 'मोदी का बाप भी जाएगा।' भाजपा ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष के शब्दों को अनुचित बताया और कहा कि सार्वजनिक जीवन में राजनीतिक विरोध के दौरान भाषा की मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।
अमित शाह ने सोशल मीडिया पर साधा निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपनी पोस्ट में लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने पटना में प्रधानमंत्री मोदी के पिता के बारे में टिप्पणी करके राजनीतिक मर्यादा की सभी सीमाएं पार कर दी हैं।शाह ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है, जब कांग्रेस की ओर से प्रधानमंत्री मोदी या उनके परिवार के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने अपने बयान में कांग्रेस नेताओं की पिछली टिप्पणियों का भी जिक्र किया।गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की माता को लेकर भी पहले विवादित टिप्पणियां सामने आई थीं। इसके अलावा उन्होंने 'मौत का सौदागर' और 'चायवाला' जैसे शब्दों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत और पारिवारिक पृष्ठभूमि को राजनीतिक निशाना बनाने का आरोप लगाया।
नितिन नवीन ने भी कांग्रेस अध्यक्ष की आलोचना की
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने भी खड़गे की टिप्पणी पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष जैसे वरिष्ठ नेता से इस तरह की भाषा की अपेक्षा नहीं की जाती। भाजपा नेताओं ने इस बयान को राजनीतिक शिष्टाचार के खिलाफ बताते हुए कांग्रेस नेतृत्व से जवाब मांगा है।भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय प्रधानमंत्री मोदी पर व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रही है। वहीं, खड़गे के बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
पटना के कार्यक्रम में कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह पूरा घटनाक्रम बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे।इसी दौरान सभा में मौजूद एक व्यक्ति ने प्रधानमंत्री मोदी को लेकर टिप्पणी की। खड़गे ने उसके जवाब में विवादित शब्दों का इस्तेमाल किया। इसके बाद कार्यक्रम में हंगामा हो गया।मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की पहचान संतोष कुमार के रूप में हुई। उन्होंने बाद में कहा कि उनकी बात को गलत समझा गया था। उनका कहना था कि वह प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता से हटने की संभावना के संदर्भ में बोल रहे थे, लेकिन उनकी पूरी बात नहीं सुनी गई। कार्यक्रम में कुछ लोगों द्वारा उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट किए जाने की भी खबर सामने आई।
मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया पर भी बोले खड़गे
पटना में अपने संबोधन के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने केंद्र सरकार, भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की आलोचना की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी सवाल उठाए।खड़गे ने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों में गड़बड़ी के कारण लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उन्होंने मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की।कांग्रेस अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री मोदी के पुराने चुनावी वादों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने विदेशों से काला धन वापस लाने के मुद्दे का उल्लेख करते हुए केंद्र सरकार से जवाब मांगा। हालांकि, चुनावी गड़बड़ी को लेकर लगाए गए आरोप कांग्रेस का राजनीतिक पक्ष हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि इन बयानों से नहीं होती।
राजनीतिक भाषा और मर्यादा पर छिड़ी बहस
खड़गे की टिप्पणी और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया के बाद राजनीतिक संवाद में इस्तेमाल होने वाली भाषा पर फिर चर्चा शुरू हो गई है। भाजपा इस बयान को प्रधानमंत्री और उनके परिवार के प्रति अपमानजनक बता रही है।दूसरी ओर, कांग्रेस अध्यक्ष के भाषण में चुनावी प्रक्रिया, सरकारी नीतियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर उठाए गए सवाल भी शामिल थे। इन मुद्दों पर दोनों दलों के बीच राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं।फिलहाल, पटना में दिए गए बयान को लेकर अमित शाह और नितिन नवीन की आलोचना के बाद विवाद तेज हो गया है। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक विरोध, व्यक्तिगत टिप्पणियों और सार्वजनिक जीवन में भाषा की मर्यादा को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
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