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अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने का दावा किया
SHIDDHANT
28 Sept 2025 8:13 PM IST

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Delhi दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को नई दिल्ली में 'नक्सल मुक्त भारत' मोदी के नेतृत्व में लाल आतंक को समाप्त करने के समापन समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मैं फिर कह रहा हूं कि 31 मार्च 2026 तक इस देश से हथियारी नक्सलवाद खत्म हो जाएगा। अमित शाह ने कहा कि मैंने बयान दिया था कि 31 मार्च 2026 तक देश नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा, लेकिन सवाल ये है कि इस देश में नक्सलवादी समस्या क्यों पनपी, क्यों बढ़ी, क्यों विकसित हुई, इसका वैचारिक पोषण किसने किया? और जब तक भारत का समाज इस सिद्धांत का, नक्सलवाद के विचार का वैचारिक पोषण, लीगल समर्थन और वित्तीय पोषण करने वाले समाज में बैठे हुए लोगों को समझ नहीं लेता है और उन लोगों को हम वापस नहीं लाते हैं तब तक नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई समाप्त नहीं होगी। हमें इस विचार के आगे बहुत कुछ करने की जरूरत होगी।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने तो देश तीन मुख्य आंतरिक सुरक्षा हॉटस्पॉट से जूझ रहा था- जम्मू-कश्मीर क्षेत्र, नॉर्थ-ईस्ट और वामपंथी उग्रवाद वाला इलाका। ये इलाके लगभग चार-पांच दशकों से अशांति का कारण बने हुए थे, जिनमें हजारों लोगों की जान गई और शांति व स्थिरता भंग हुई। इसके अलावा, भारत के बजट का एक बड़ा हिस्सा, जो गरीबों की भलाई पर खर्च किया जा सकता था, इन इलाकों में पैदा हुई चुनौतियों से निपटने में लगा दिया गया। उन्होंने कहा कि मोदी के सत्ता में आने के बाद सरकार ने इन हॉटस्पॉट को मुख्य प्राथमिकता के तौर पर पहचाना और इन इलाकों की समस्याओं को हल करने के लिए एक लंबी अवधि की, अच्छी तरह से परिभाषित रणनीति लागू की।
उन्होंने कहा कि आंतरिक सुरक्षा और देश की सीमाओं की सुरक्षा... भारतीय जनसंघ बना तब से और भारतीय जनता पार्टी तक हमारी विचारधारा का एक प्रमुख अंग है। एक प्रकार से भारतीय जनसंघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी तक हमने जो यात्रा तय की, उसके मूल उद्देश्यों में तीन चीजें बहुत प्रमुख हैं। पहला- देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा, दूसरा- सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और तीसरा- भारतीय संस्कृति के सभी अंगों का पुनर्उत्थान करना।
अमित शाह ने आगे कहा कि एक समय भारत के बाकी हिस्सों से अलग-थलग माना जाने वाला नॉर्थ-ईस्ट क्षेत्र अब कई तरह के परिवहन साधनों से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। आज उत्तर-पूर्व ट्रेन से जुड़ा, रेलवे से जुड़ा, वाटरवेज से जुड़ा। साथ ही साथ आज दिल्ली और नॉर्थ-ईस्ट के बीच में दिलों की दूरी भी दूर करने का काम हमारी सरकार ने किया। आज नॉर्थ-ईस्ट विकास और शांति के राह पर बढ़ रहा है। इसी तरह जम्मू-कश्मीर से धारा 370 समाप्त कर उसे विकास के रास्ते पर लाने का काम हुआ।
उन्होंने आगे कहा कि नॉर्थ-ईस्ट में सुरक्षा कर्मियों की मृत्यु में 2004-2014 की तुलना में 2014-2024 में 70 प्रतिशत की कमी आई है। 2004-2014 की तुलना में 2014-2024 में नागरिकों की मृत्यु में 85 प्रतिशत की कमी आई है। 12 महत्वपूर्ण शांति समझौते करके देश के दुश्मनों द्वारा हाथ में सप्लाई किए हुए ऑटोमेटिक हथियार लेकर घूमने वाले 10,500 युवाओं को सरेंडर कराकर मेनस्ट्रीम में लाने का काम भाजपा की सरकार ने किया।
गृह मंत्री ने कहा कि पशुपति से तिरुपति तक का यह इलाका कभी रेड कॉरिडोर के नाम से जाना जाता था। अपने चरम पर इस क्षेत्र में देश के 70 प्रतिशत इलाके शामिल थे और लगभग 12 करोड़ लोग नक्सलवाद के प्रभाव और खतरे में रहते थे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने संवाद, सुरक्षा और समन्वय, तीनों पहलू पर काम करने की शुरुआत की। आज नतीजा ये है कि मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि 31 मार्च 2026 तक इस देश से हथियारी नक्सलवाद समाप्त हो जाएगा।
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