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भीषण गर्मी के बीच PM की अपील, सावधानी और एक-दूसरे का ध्यान रखने का संदेश

Kavita2
27 May 2026 1:51 PM IST
भीषण गर्मी के बीच PM की अपील, सावधानी और एक-दूसरे का ध्यान रखने का संदेश
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Delhi दिल्ली: देश में बढ़ते तापमान और तेज लू के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से सावधानी बरतने और एक-दूसरे का ध्यान रखने की अपील की है। भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक संदेश साझा किया, जिसमें जनसुरक्षा और सतर्कता पर जोर दिया गया।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि मौजूदा मौसम की परिस्थितियां लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल सकती हैं, इसलिए सभी को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि गर्मी के इन कठिन दिनों में छोटी-छोटी सावधानियां बड़े जोखिमों से बचा सकती हैं।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे पर्याप्त पानी पिएं, धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचें और विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों तथा बीमार लोगों का अधिक ध्यान रखें। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि समाज में एक-दूसरे की मदद और देखभाल की भावना इस चुनौतीपूर्ण मौसम में बेहद जरूरी है।

देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे लू का प्रभाव भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने भी कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है और लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।



इस बीच केंद्र और राज्य सरकारें भी गर्मी से निपटने के लिए आवश्यक कदम उठा रही हैं। अस्पतालों में हीटवेव से प्रभावित मरीजों के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं और राहत केंद्रों पर पेयजल एवं प्राथमिक उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

प्रधानमंत्री की यह अपील ऐसे समय में आई है जब देश के कई हिस्से लगातार गर्म हवाओं और उच्च तापमान से प्रभावित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते मौसम पैटर्न के कारण गर्मी की तीव्रता बढ़ रही है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

सरकार की ओर से पहले भी लोगों को हीटवेव से बचाव के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जाते रहे हैं, जिनमें हल्के कपड़े पहनने, धूप में छाता या टोपी का उपयोग करने और इलेक्ट्रोलाइट युक्त तरल पदार्थों का सेवन करने जैसी सलाह शामिल है।

फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम को गंभीरता से लें और आवश्यक सावधानियों का पालन करें, ताकि गर्मी के इस दौर में स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम किया जा सके।

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