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नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा CJP का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद भी प्रदर्शनकारी धरना स्थल पर जुटे रहे। वांगचुक ने अनशन तोड़ने की जानकारी दी, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच किस मुद्दे पर सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही वह एक वीडियो संदेश जारी कर पूरी जानकारी साझा करेंगे।
प्रदर्शन के बीच सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच बातचीत को लेकर भी हलचल तेज रही। शुक्रवार को दोनों पक्षों के बीच मुलाकात होने की संभावना जताई गई। इससे पहले केंद्रीय स्तर पर बातचीत के कई दौर हो चुके हैं, लेकिन अब तक आंदोलन से जुड़े सभी मुद्दों पर अंतिम सहमति सामने नहीं आई है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CJP और सरकार के बीच दूसरे दौर की बातचीत भी हुई। बैठक के दौरान CJP प्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह को अपना पत्र सौंपा। हालांकि, बैठक के बाद यह साफ नहीं हो सका कि किन मुद्दों पर सहमति बनी है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक जानकारी दी जा सकती है।
CJP की ओर से शिक्षा व्यवस्था, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। साथ ही हाल में सामने आए पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की जा रही है।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष पर प्रदर्शन को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि एक ओर विपक्ष युवाओं के मुद्दों को लेकर राजनीति कर रहा है, जबकि दूसरी ओर प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और पेपर लीक पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में गंभीर है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
अनुराग ठाकुर ने NEET पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए कहा कि मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है और उन्हें जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
वहीं, कांग्रेस की ओर से सरकार पर सवाल उठाए जाने के बाद भाजपा ने पलटवार किया। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी छात्रों के मुद्दों पर बाद में सक्रिय हुई और पहले से चल रहे आंदोलन में शामिल होने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक कदम बताया।
CJP की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और सभी की नजर सरकार और CJP के बीच होने वाली आगे की बातचीत पर टिकी हुई है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों पक्षों के बीच किस तरह का समाधान निकलता है और प्रदर्शन को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।





