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सुखबीर बादल से मुलाकात के बीच BJP का बड़ा बयान पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी पार्टी

Ratna Netam
8 Aug 2026 7:47 PM IST
सुखबीर बादल से मुलाकात के बीच BJP का बड़ा बयान पंजाब में अकेले चुनाव लड़ेगी पार्टी
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नई दिल्ली : शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हुई मुलाकात के बाद पंजाब की राजनीति में गठबंधन को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां अपने दम पर कर रही है और राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की तैयारी में जुटी है।
भाजपा प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि पार्टी पंजाब में पूरी तरह तैयार है और सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मोगा में आयोजित रैली के दौरान ही पार्टी की चुनावी रणनीति को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी थी। भाजपा ने अब पंजाब विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
सुखबीर सिंह बादल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात को लेकर उठ रहे सवालों पर आरपी सिंह ने कहा कि अकाली दल प्रमुख ने पंजाब के मौजूदा हालात को लेकर प्रधानमंत्री से चर्चा की। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अलग-अलग राज्यों के नेताओं से नियमित रूप से मुलाकात करते हैं और पंजाब उनके लिए महत्वपूर्ण राज्यों में शामिल है।
बैठक के दौरान पंजाब की कानून-व्यवस्था, नशे की समस्या और पेपर लीक जैसे कई मुद्दों पर चर्चा होने की बात कही गई। सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब से जुड़े विभिन्न विषयों को प्रधानमंत्री के सामने रखा। हालांकि, भाजपा की ओर से सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की बात स्पष्ट किए जाने के बाद अकाली दल और भाजपा के बीच भविष्य के राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
आरपी सिंह ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के प्रयागराज दौरे को लेकर भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी इच्छा के अनुसार कहीं भी जा सकते हैं, लेकिन छात्रों के साथ उनके जुड़ाव को लेकर सवाल उठते हैं। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जब दिल्ली में छात्रों का विरोध प्रदर्शन चल रहा था, उस समय राहुल गांधी 21 दिनों तक विदेश में रहे। उन्होंने कहा कि विदेश से लौटने के बाद भी राहुल गांधी जंतर-मंतर नहीं गए और इसके बजाय अपना अलग कैंप लगाया।
आरपी सिंह ने आरोप लगाया कि कुछ लोग अपने राजनीतिक हितों के लिए पहले से चल रहे आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों को अपने पक्ष में करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि छात्र पूरे घटनाक्रम को समझ रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने विपक्ष पर छात्रों को राजनीतिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल करने का आरोप भी लगाया।
युवाओं को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख का जिक्र करते हुए आरपी सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री युवाओं को देश की संपत्ति और भविष्य मानते हैं। उनके मुताबिक देश को आगे ले जाने में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश में बड़ी संख्या में नए स्टार्टअप सामने आएंगे और युवा अपनी प्रतिभा, ऊर्जा तथा नए विचारों के जरिए देश की अर्थव्यवस्था और विकास को नई दिशा दे सकते हैं।
ई20 ईंधन को लेकर राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों पर भी भाजपा प्रवक्ता ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने राहुल गांधी के एक वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि किसी भी वीडियो को जारी करने से पहले उसके तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए। आरपी सिंह ने दावा किया कि राहुल गांधी ने जिस कार का पेट्रोल टैंक खोलकर वीडियो में प्रदर्शन किया था, उस पर स्पष्ट रूप से ‘E20 Compatible’ लिखा हुआ था। उनका कहना था कि इसका मतलब है कि संबंधित वाहन ई20 ईंधन के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त था।
आरपी सिंह ने राहुल गांधी को पंजाब के किसानों से बातचीत करने की सलाह भी दी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के किसान ई20 के पक्ष में हैं और इस मुद्दे पर जमीनी स्थिति को समझने के लिए राहुल गांधी को किसानों से सीधे बातचीत करनी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आरएसएस को लेकर दिए गए बयान पर भी आरपी सिंह ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह मल्लिकार्जुन खड़गे को एक ऐसी किताब भेजेंगे, जिसमें आरएसएस की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई है। उन्होंने कहा कि 1925 में आरएसएस की स्थापना से पहले भी संगठन के पहले सरसंघचालक डॉ. केबी हेडगेवार स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े हुए थे। भाजपा प्रवक्ता के अनुसार, डॉ. हेडगेवार को छात्र जीवन के दौरान तीन बार गिरफ्तार किया गया था और देश की आजादी के लिए आरएसएस से जुड़े कार्यकर्ताओं को भी कई बार गिरफ्तार किया गया था।
इस पूरी राजनीतिक गतिविधि के बीच सुखबीर सिंह बादल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात ने पंजाब की राजनीति में नए सिरे से चर्चाओं को जन्म दिया है। हालांकि भाजपा ने फिलहाल सभी 117 विधानसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने की अपनी तैयारी को लेकर स्पष्ट संदेश दिया है। ऐसे में आने वाले समय में पंजाब की राजनीति में भाजपा और अकाली दल के बीच संबंध किस दिशा में जाते हैं, इस पर राजनीतिक दलों और मतदाताओं की नजर बनी रहेगी।
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