दिल्ली-एनसीआर

MCD के 2 इंजीनियर्स का कमाल ;कागजों में गिराया अवैध निर्माण

Jyoti Nirmalkar
25 July 2024 2:32 AM GMT
MCD के 2 इंजीनियर्स का कमाल ;कागजों में गिराया अवैध निर्माण
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दिल्ली DELHI : दिल्ली नगर निगम के दो इंजीनियर्स ने गजब का कारनामा किया है। उन्होंने असल में नहीं बल्कि कागजों में अवैध निर्माण को ढहाया दिखाया। जिसपर हाईकोर्ट ने निगम कमिश्नर को फटकार लगाई। इंजीनियर्स पर भी ऐक्शन। कागजों में अवैध निर्माण ढहाने का खुलासा होने पर बुधवार को DELHIदिल्ली नगर निगम आयुक्त खुद अदालत के समक्ष पेश हुए। निगम आयुक्त ने उच्च न्यायालय को बताया कि इस मामले में उन्होंने दो इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। न्यायमूर्ति पुरुषैन्द्र कुमार कौरव की पीठ के समक्ष पेश हुए दिल्ली नगर निगम आयुक्त ने बताया कि इस मामले में सेंट्रल जोन के एक सहायक अभियंता व एक कनिष्ठ अभियंता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निगम आयुक्त के साथ पीठ के समक्ष निगम के कार्यकारी अधीक्षक भी हाजिर हुए। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों के खिलाफ पहले अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई। 23 जुलाई 2024 को निलंबन आदेश जारी किया है। हालांकि, निगम आयुक्त और कार्यकरी अधीक्षक को इस मामले में कड़ी फटकार लगाई। पीठ ने कहा कि इस तरह के सभी कृत्यों की जिम्मेदारी विभाग प्रमुख की बनती है। यह था मामला ; निगम नेHIGHCOURT हाईकोर्ट में एक हलफनामा दाखिल किया। निगम का कहना था कि उन्हें एक संपत्ति पर अवैध निर्माण की शिकायत मिली। 4 जनवरी 2024 को उन्होंने उस संपत्ति के बेसमेंट और भूतल पर अवैध निर्माण होते पाया। 12 अप्रैल 2024 को इस अवैध निर्माण को ढहाने के आदेश पारित किए गए। पीठ ने कहा कि पहले स्तर पर तो यही खामी रही कि अवैध निर्माण चार जनवरी को देखा गया और तीन माह लग गए अवैध निर्माण को ढहाने के आदेश देने में। इसके बाद निर्माण ढहाने की कार्रवाई सिर्फ कागजों में की गई।
एम्स के पास कचरा फेंकने को लेकर एमसीडी को नोटिस ; दूसरे मामले में NGT एनजीटी ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पास कचरा फेंके जाने का आरोप लगाने वाली एक याचिका पर केंद्र और दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को नोटिस जारी किया है। एनजीटी एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें दावा किया गया कि एम्स के गेट नंबर छह के सामने करीब 30 मीटर के क्षेत्र में कचरा फेंका जा रहा है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव की पीठ ने हालिया आदेश में कहा, ‘याचिकाकर्ता की शिकायत यह है कि फेंका जा रहा कचरा एम्स के आसपास वायु प्रदूषण का एक प्रमुख स्रोत है और इस तरह खुले में कचरा डालने से आसपास के क्षेत्र में भारी वायु प्रदूषण हो रहा है।’
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