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त्रिपुरा के युवक का अपमान करने का आरोप, दिल्ली पुलिस से समन्वय के निर्देश

nidhi
22 Oct 2026 8:07 AM IST
त्रिपुरा के युवक का अपमान करने का आरोप, दिल्ली पुलिस से समन्वय के निर्देश
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केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने जताई नाराजगी
नई दिल्ली: त्रिपुरा के एक युवक के साथ दिल्ली में कथित नस्ली दुर्व्यवहार का वीडियो सामने आने के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर के व्यवहार की निंदा करते हुए कार्रवाई की बात कही। रिजिजू ने सोशल मीडिया पर कहा कि औपचारिक शिकायत दर्ज कराने में देरी हुई है, लेकिन दिल्ली पुलिस और त्रिपुरा पुलिस मामले में कार्रवाई करेंगी। उन्होंने ऐसे व्यवहार को सहन करने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाया और कहा कि इससे समाज में नफरत फैलती है।
विवाद का केंद्र कंटेंट क्रिएटर आमिर शौकीन से जुड़ा एक वीडियो है। इसमें त्रिपुरा के युवक की शारीरिक बनावट, नाम और क्षेत्रीय पहचान को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां की गई हैं। वीडियो प्रसारित होने के बाद पूर्वोत्तर के विभिन्न संगठनों और राजनीतिक नेताओं ने नाराजगी जताई। मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग के साथ यह सवाल भी उठा है कि मनोरंजन के नाम पर किसी व्यक्ति की पहचान को निशाना बनाना किस तरह स्वीकार किया जा सकता है।
रिजिजू ने समाज की जिम्मेदारी पर भी दिया जोर
केंद्रीय मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया में केवल संबंधित कंटेंट क्रिएटर की आलोचना नहीं की, बल्कि ऐसे व्यवहार को सामान्य मान लेने वालों की भूमिका का भी उल्लेख किया। उनका कहना था कि अपमानजनक आचरण को सहन करने वाले लोग भी नफरत के प्रसार के लिए जिम्मेदार हैं। उनकी टिप्पणी के बाद मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया है। हालांकि, मंत्री की कार्रवाई संबंधी घोषणा को गिरफ्तारी या अदालत द्वारा दोष सिद्ध हो जाने की सूचना नहीं माना जा सकता। उपलब्ध विवरण में ऐसी किसी अंतिम कार्रवाई की पुष्टि नहीं है।
मुख्यमंत्री ने पुलिस को दिए समन्वय के निर्देश
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने भी मामले का संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक को दिल्ली पुलिस के साथ समन्वय करने का निर्देश दिया। कार्यालय की ओर से कहा गया कि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी। इस निर्देश का महत्व इसलिए है क्योंकि कथित घटना दिल्ली की बताई जा रही है, जबकि प्रभावित युवक त्रिपुरा का है। दोनों राज्यों की पुलिस के बीच संपर्क से शिकायत और संबंधित सामग्री पर आगे की प्रक्रिया बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
युवा संगठन ने पुलिस को दी शिकायत
यूथ टिपरा फेडरेशन ने 21 अक्टूबर को अगरतला के न्यू कैपिटल कॉम्प्लेक्स थाने में शिकायत दी। संगठन ने कंटेंट क्रिएटर पर नस्ली उत्पीड़न, ऑनलाइन बदसलूकी और अपमानजनक सामग्री प्रसारित करने का आरोप लगाया है। शिकायत में संबंधित सोशल मीडिया खाते और वीडियो का उल्लेख करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई। संगठन ने दिल्ली पुलिस तथा साइबर अपराध से संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर जांच करने का आग्रह भी किया है।
शिकायत के मुताबिक, संबंधित वीडियो 19 सितंबर 2026 को अपलोड किया गया था और उसमें दिल्ली में हुई बातचीत दिखाई गई है। यहां वीडियो अपलोड होने की तारीख और वास्तविक रिकॉर्डिंग की तारीख अलग हो सकती हैं। संगठन का आरोप है कि युवक की क्षेत्रीय पहचान को लेकर की गई टिप्पणियों से केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि व्यापक समुदाय का अपमान हुआ। उसने मांग की कि मामले को सामान्य हास्य सामग्री बताकर नजरअंदाज न किया जाए। ये शिकायतकर्ता संगठन के आरोप हैं, जिनकी जांच संबंधित एजेंसियों को करनी है।
कंटेंट क्रिएटर ने मांगी माफी, वीडियो को बताया स्क्रिप्टेड
विवाद बढ़ने के बाद आमिर शौकीन ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी। उसने दावा किया कि वीडियो पहले से तय बातचीत पर आधारित था और उसमें मौजूद युवक उसका परिचित है। उसके अनुसार, युवक पहले अहमदाबाद में उसके एक मित्र के कैफे में काम करता था। शौकीन ने बातचीत को आपसी मजाक बताया और कहा कि उसका उद्देश्य किसी को अपमानित करना नहीं था। उसने त्रिपुरा के लोगों से भी खेद व्यक्त किया। यह स्पष्टीकरण कंटेंट क्रिएटर का पक्ष है। वीडियो के स्क्रिप्टेड होने, युवक की सहमति और पूरी बातचीत के संदर्भ की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध विवरण में नहीं है। दूसरी ओर, टिपरा मोथा विधायक पॉल डांग्शू ने कहा कि नस्ली दुर्व्यवहार को मजाक अथवा सोशल मीडिया सामग्री तैयार करने के नाम पर उचित नहीं ठहराया जा सकता। इस तरह विवाद में माफी के साथ जवाबदेही की मांग भी बनी हुई है।
विभिन्न राजनीतिक दलों ने जताई नाराजगी
त्रिपुरा के कई राजनीतिक नेताओं और युवा संगठनों ने घटना की निंदा की है। प्रद्योत बिक्रम माणिक्य देबबर्मा ने कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि राज्य और उसके लोगों की पहचान का अपमान स्वीकार्य नहीं है। विपक्ष के नेता जितेंद्र चौधरी ने भी युवक और पूर्वोत्तर के लोगों से बिना शर्त माफी की मांग की। अलग-अलग राजनीतिक पृष्ठभूमि के नेताओं की प्रतिक्रियाओं से यह मामला व्यापक सामाजिक चिंता के रूप में सामने आया है। फिलहाल शिकायत दिए जाने, मुख्यमंत्री के निर्देश और केंद्रीय मंत्री की प्रतिक्रिया की जानकारी सामने आई है। आगे प्राथमिकी, पूछताछ या अन्य कार्रवाई की स्थिति पुलिस की अधिकृत सूचना से स्पष्ट होगी। जांच में वीडियो का पूरा संदर्भ और संबंधित पक्षों के बयान महत्वपूर्ण होंगे। शिकायतकर्ता संगठनों का कहना है कि क्षेत्रीय पहचान तथा शारीरिक बनावट के आधार पर किसी को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने वाली सामग्री के प्रति स्पष्ट जवाबदेही तय होनी चाहिए।
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