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कांग्रेस प्रदर्शन में पुलिसकर्मी से मारपीट का आरोप, वीडियो वायरल

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मी से कथित मारपीट का मामला सामने आया है। बुधवार, 7 अक्टूबर को जंतर-मंतर के पास हुए प्रदर्शन में दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल अंकित कसाना ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने उन्हें घेरकर पीटा। घटना के बाद कांस्टेबल का रोते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में पुलिसकर्मी अपने साथ हुई कथित मारपीट के बारे में बताते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और घटनास्थल के वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
40 से 50 लोगों ने घेरकर पीटने का आरोप
कांस्टेबल अंकित कसाना के मुताबिक, वह बुधवार को दिल्ली में विपक्षी दलों के प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की ड्यूटी पर तैनात थे। इसी दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। कांस्टेबल का आरोप है कि करीब 40 से 50 लोगों की भीड़ ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया।
उन्होंने बताया कि भीड़ में मौजूद लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान उनकी वर्दी भी फाड़ दी गई। कांस्टेबल ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने उनके चेहरे और शरीर पर नाखूनों से खरोंच मारी और उंगली पर काट लिया।
घटना के बाद कांस्टेबल काफी परेशान दिखाई दिए। उनके रोते हुए वीडियो के सामने आने के बाद पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
अस्पताल में कराया गया मेडिकल परीक्षण
कथित मारपीट के बाद कांस्टेबल अंकित कसाना को मेडिकल परीक्षण के लिए दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया। वहां उनके स्वास्थ्य की जांच की गई।
कांस्टेबल ने मीडिया से बातचीत में बताया कि प्रदर्शन के दौरान अचानक भीड़ ने उन्हें घेर लिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ मारपीट की गई और उन्हें चोटें आईं।
उनका कहना है कि वह प्रदर्शन के दौरान अपनी सरकारी ड्यूटी निभा रहे थे। इसी दौरान उनके साथ यह घटना हुई। पुलिसकर्मी ने अपने साथ कथित मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी प्रदर्शन में शामिल
बुधवार को दिल्ली में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन से जुड़े कई विपक्षी दलों के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
इस प्रदर्शन में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर की ओर मार्च निकालना चाहते थे।
दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों और अनुमति संबंधी नियमों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोका। इसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक तथा धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई।
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में लिया। इस दौरान कुछ नेताओं ने सड़क पर बैठकर विरोध भी जताया। विपक्षी नेताओं ने पुलिस पर प्रदर्शन रोकने और बल प्रयोग करने का आरोप लगाया।
अंकित कासना #दिल्ली पुलिस में बतौर कांस्टेबल। एक इंसानियत भी कुछ होता है। जो बोला सही बोला। नेता अगर मुद्दों के लिए राजनीति कर रहे हैं तो पुलिस लॉ एंड आर्डर व्यवस्था को देख रही है। @DCPNewDelhi @DCP_NorthWest @DcpNorthDelhi @DCPSEastDelhi @DCPDwarka @dcp_southwest https://t.co/zt162v9k4V
— Hussainjaved (#India News ) (@hussainjaved81) October 7, 2026
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर प्रदर्शन
कांग्रेस और विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। विपक्ष ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि मतदाता सूची में संशोधन के दौरान अनियमितताएं हुई हैं और पात्र मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। कांग्रेस ने इन आरोपों को लेकर अपना विरोध तेज कर दिया है।
वहीं चुनाव आयोग और भाजपा ने मतदाता सूची में गड़बड़ी तथा पक्षपात के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन बनाने के लिए पुनरीक्षण की प्रक्रिया चलाई जा रही है।
इसी विवाद को लेकर दिल्ली में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
महिला पुलिसकर्मियों से भी बदसलूकी के आरोप
बुधवार के प्रदर्शन के दौरान केवल कांस्टेबल अंकित कसाना ही नहीं, बल्कि कुछ महिला पुलिसकर्मियों के साथ भी कथित धक्का-मुक्की और मारपीट की शिकायतें सामने आई हैं।
दिल्ली पुलिस को ऐसे कई मोबाइल वीडियो मिले हैं, जिनमें प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों और भीड़ के बीच टकराव दिखाई दे रहा है।
पुलिस अब इन वीडियो की जांच कर रही है। अधिकारियों का प्रयास है कि घटनास्थल पर मौजूद लोगों की पहचान की जाए और यह पता लगाया जाए कि किन व्यक्तियों ने पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट की।
फिलहाल सभी आरोपों की जांच की जा रही है। किसी व्यक्ति की भूमिका के बारे में अंतिम निष्कर्ष वीडियो और अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद ही निकाला जाएगा।
वीडियो फुटेज खंगाल रही दिल्ली पुलिस
दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के आसपास हुए प्रदर्शन के दौरान सामने आई घटनाओं की जांच शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए गए वीडियो और अन्य उपलब्ध फुटेज की मदद से घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कांस्टेबल अंकित कसाना और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट किसने की थी।
जांच के आधार पर सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और ड्यूटी के दौरान उन पर हमला करने से संबंधित भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस मामले में एफआईआर दर्ज होने और आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर अंतिम आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।
दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर बढ़ा विवाद
दिल्ली में बुधवार को हुए प्रदर्शन के बाद राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया है। एक ओर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने की बात कह रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पुलिसकर्मियों के साथ कथित मारपीट के आरोप सामने आए हैं।
विपक्षी नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस ड्यूटी पर तैनात अपने कर्मचारियों के साथ कथित हिंसा की जांच कर रही है।
कांग्रेस ने गुरुवार, 8 अक्टूबर को भी देशभर में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पार्टी का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर उसका आंदोलन जारी रहेगा।
फिलहाल कांस्टेबल अंकित कसाना का रोते हुए वीडियो चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होगा कि घटना के दौरान किन लोगों ने कथित तौर पर मारपीट की और उनके खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।





