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दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को बंद रहेंगी शराब की सभी दुकानें

Ratna Netam
8 Oct 2026 8:54 PM IST
दिल्ली में 9 और 10 अक्टूबर को बंद रहेंगी शराब की सभी दुकानें
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नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बढ़ती राजनीतिक गतिविधियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सरकार ने बड़ा एहतियाती कदम उठाया है। दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने आदेश जारी कर 9 और 10 अक्टूबर 2026 को राजधानी की सभी लाइसेंस प्राप्त खुदरा शराब दुकानों को पूरी तरह बंद रखने का निर्देश दिया है। यह फैसला दिल्ली पुलिस से मिले इनपुट और मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, आदेश का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और संभावित अप्रिय घटनाओं को रोकना है।
गुरुवार, 8 अक्टूबर को जारी आधिकारिक परिपत्र के अनुसार, दिल्ली में निर्धारित श्रेणियों के अंतर्गत संचालित सभी खुदरा शराब दुकानों को शुक्रवार और शनिवार को बंद रखना होगा। आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन दोनों दिनों में संबंधित लाइसेंस वाली दुकानों से शराब की बिक्री नहीं की जा सकेगी। आदेश को एहतियाती कदम बताते हुए विभाग ने दिल्ली पुलिस से प्राप्त सुरक्षा संबंधी जानकारियों का हवाला दिया है।
आबकारी विभाग द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि मौजूदा स्थिति और दिल्ली पुलिस से प्राप्त सूचनाओं को देखते हुए सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इसके तहत फॉर्म एल-6, एल-6 एवं एल-6 एफजी, एल-8, एल-10 तथा एल-8 एवं एल-14 श्रेणी के लाइसेंस वाली सभी खुदरा शराब दुकानें 9 और 10 अक्टूबर को पूरी तरह बंद रहेंगी। यह आदेश राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में संचालित संबंधित लाइसेंसधारकों पर लागू होगा।
दिल्ली में शराब दुकानों को बंद रखने का यह निर्णय ऐसे समय आया है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों का विरोध प्रदर्शन जारी है। कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन के साथ-साथ कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और कई छात्र संगठन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
सीजेपी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है। संगठन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण से जुड़े मुद्दों पर विरोध दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित प्रदर्शन में विभिन्न छात्र संगठनों की भागीदारी की भी जानकारी सामने आई है।
इस प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी की है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की जा रही है। विशेष रूप से जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाई गई है। पुलिस का उद्देश्य बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के एकत्र होने की स्थिति में सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना है।
रिपोर्टों के अनुसार, दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की अतिरिक्त कंपनियां भी तैनात की गई हैं। गृह मंत्रालय की ओर से 8 से 12 अक्टूबर तक दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए 221 कंपनियों की तैनाती की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा एजेंसियों को महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं। कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनाव आयोग से पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग और भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को खारिज किया है।
इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और INDIA गठबंधन के अन्य सांसदों ने चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया था। कुछ प्रदर्शनों के दौरान पुलिस और विपक्षी नेताओं के बीच टकराव की स्थिति भी बनी। पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था। इन घटनाओं के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त की गई है।
दिल्ली में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर जंतर-मंतर पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने इस स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद सीजेपी और उससे जुड़े संगठनों की ओर से विरोध कार्यक्रम की घोषणा की गई है। ऐसे में पुलिस संभावित भीड़ और यातायात संबंधी व्यवस्थाओं पर नजर रख रही है।
इसी पृष्ठभूमि में शराब दुकानों को बंद रखने का फैसला लिया गया है। प्रशासन ने इसे सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए निवारक उपाय बताया है। दो दिनों के लिए खुदरा बिक्री रोकने का उद्देश्य संभावित तनाव की स्थिति में अतिरिक्त सावधानी बरतना है।
दिल्ली के आबकारी नियमों के अनुसार, निर्धारित शुष्क दिवसों पर खुदरा शराब दुकानों को बंद रखने का प्रावधान है। हालांकि, 9 और 10 अक्टूबर की बंदी मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए जारी विशेष आदेश के अंतर्गत लागू की गई है। यह नियमित त्योहार या राष्ट्रीय अवकाश के कारण घोषित बंदी से अलग है।
आबकारी विभाग के आदेश में जिन लाइसेंस श्रेणियों का उल्लेख किया गया है, उनके अंतर्गत संचालित खुदरा शराब दुकानों को दोनों दिनों में कारोबार बंद रखना होगा। हालांकि, आदेश में होटल, बार, क्लब और रेस्टोरेंट में शराब परोसने से संबंधित सभी लाइसेंस श्रेणियों का उल्लेख नहीं है। इसलिए इस आदेश के आधार पर ऐसे सभी प्रतिष्ठानों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होने का दावा नहीं किया जा सकता।
राष्ट्रीय राजधानी में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण प्रशासन कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्क है। पुलिस प्रदर्शनकारियों की संभावित गतिविधियों, भीड़ के जमाव और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा पर ध्यान दे रही है। दिल्ली में शराब दुकानों की दो दिवसीय बंदी भी इन्हीं एहतियाती व्यवस्थाओं का हिस्सा है।
फिलहाल आबकारी विभाग के आदेश के अनुसार, शुक्रवार 9 अक्टूबर और शनिवार 10 अक्टूबर को दिल्ली की सभी संबंधित लाइसेंस प्राप्त खुदरा शराब दुकानें बंद रहेंगी। सरकार ने यह निर्णय पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर लिया है। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां राजधानी की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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