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दिवाली पर अक्षरधाम मंदिर की चमक-धमक, रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाया परिसर

SHIDDHANT
20 Oct 2025 7:43 PM IST
दिवाली पर अक्षरधाम मंदिर की चमक-धमक, रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाया परिसर
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Delhi दिल्ली। देशभर में दिवाली के उत्सव के दौरान राजधानी दिल्ली का अक्षरधाम मंदिर परिसर इस वर्ष विशेष रूप से आकर्षक और मंत्रमुग्ध कर देने वाला रहा। मंदिर की इमारतें और आसपास के मार्ग रंग-बिरंगी रोशनी और दीयों से सजाए गए, जिससे दर्शकों और श्रद्धालुओं को दिवाली का असली आनंद मिला। अक्षरधाम मंदिर प्रशासन और दिल्ली पर्यटन विभाग ने मिलकर पूरे परिसर को दीपों और LED लाइटों से सजाया। मुख्य द्वार, गलियारों, फव्वारे और मंदिर के ऊंचे शिखर सभी जगहों को रोशनी और फूलों से अलंकृत किया गया। इस सजावट ने न केवल श्रद्धालुओं को बल्कि पर्यटकों को भी मंत्रमुग्ध कर दिया।
मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं ने बताया कि दिवाली के समय अक्षरधाम का वातावरण अद्भुत होता है। दीपों की रौशनी में मंदिर के शिल्प और मूर्तियां और भी आकर्षक नजर आती हैं। बच्चों और युवाओं ने मंदिर के आसपास रंगोली बनाई और दीयों की सजावट की, जिससे त्योहार का उत्साह और बढ़ गया। अक्षरधाम प्रशासन के अधिकारी ने कहा, “हमारे लिए यह खुशी की बात है कि अक्षरधाम परिसर को दिवाली के अवसर पर सुरक्षित, स्वच्छ और सुंदर रूप से सजाया गया। श्रद्धालु और पर्यटक यहां दिवाली का जश्न मना सकते हैं और हमारी संस्कृति का अनुभव कर सकते हैं।”
मंदिर परिसर में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इनमें शास्त्रीय नृत्य, भजन-संगीत और बच्चों के लिए दीपोत्सव वर्कशॉप शामिल थीं। स्थानीय परिवार और पर्यटक इन कार्यक्रमों में शामिल होकर मंदिर के माहौल का आनंद ले रहे थे। इस वर्ष, प्रशासन ने सुरक्षा और crowd management के विशेष इंतजाम किए। मंदिर में आने वाले हर श्रद्धालु की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया। मंदिर परिसर में आगंतुकों के लिए मार्ग चिन्हित किए गए और पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई।
अक्षरधाम मंदिर की रोशनी ने न केवल धार्मिक श्रद्धा को बढ़ाया बल्कि शहरवासियों और पर्यटकों के लिए एक सांस्कृतिक और पर्यटन केंद्र का भी रूप लिया। पर्यटक और स्थानीय लोग मंदिर के चारों ओर फोटो खींचते और दीपमालाओं के बीच अपनी यादगार पल बिता रहे थे। विशेष रूप से यह देखा गया कि दीपावली पर मंदिर परिसर में आने वाले लोग पारिवारिक और सामाजिक मेल-जोल का आनंद भी ले रहे थे। मंदिर के शांति और सौंदर्य ने त्योहार को और भी खास बना दिया। अक्षरधाम की दिवाली सजावट ने यह साबित कर दिया कि भारत में त्योहार केवल रोशनी और रंगों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक अनुभूति का भी प्रतीक है।
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