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AgustaWestland case : क्रिश्चियन मिशेल की रिहाई याचिका दूसरी बेंच को भेजी गई

Kavita2
24 April 2026 2:44 PM IST
AgustaWestland case : क्रिश्चियन मिशेल की रिहाई याचिका दूसरी बेंच को भेजी गई
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Delhi दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने 3,600 करोड़ रुपये के बहुचर्चित अगस्ता वेस्टलैंड VVIP हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की जेल से रिहाई की याचिका को दूसरी बेंच को भेज दिया है। यह फैसला शुक्रवार को सुनाया गया, जिसके बाद मामले की सुनवाई अब जस्टिस विक्रम नाथ की अगुवाई वाली बेंच करेगी।

इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने 8 अप्रैल को मिशेल की याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें उसने जेल से रिहाई की मांग की थी। हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि याचिका में कोई ठोस आधार नहीं है। मिशेल को दिसंबर 2018 में दुबई से भारत प्रत्यर्पित किया गया था।

सुप्रीम कोर्ट की चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली भी शामिल थे, ने इस तथ्य पर ध्यान दिया कि इससे पहले इसी मामले से जुड़ी कुछ याचिकाओं की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच कर चुकी है। इसी आधार पर मामले को संबंधित बेंच को ट्रांसफर कर दिया गया।

मिशेल ने अपनी याचिका में भारत-UAE प्रत्यर्पण संधि (Extradition Treaty) के प्रावधानों को चुनौती दी है। उसने 7 अगस्त 2025 के ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को भी चुनौती दी है, जिसमें CrPC की धारा 436A के तहत उसकी रिहाई की मांग खारिज कर दी गई थी।

याचिका में कहा गया कि संधि के अनुसार प्रत्यर्पित व्यक्ति पर केवल उन्हीं आरोपों में मुकदमा चलाया जा सकता है, जिनके लिए उसे भारत लाया गया था, न कि उससे जुड़े अन्य मामलों में। मिशेल ने यह भी दावा किया कि उसने जेल में सात साल की अवधि पूरी कर ली है, इसलिए उसकी हिरासत अब गैर-कानूनी हो गई है।

हालांकि दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि प्रत्यर्पण संधि से जुड़े मुद्दों पर पहले ही सुप्रीम कोर्ट विचार कर चुका है और इन्हें दोबारा उठाना उचित नहीं है। कोर्ट ने यह भी माना कि मिशेल पर लगे आरोप उसी मूल अपराध से जुड़े हैं, जिसके आधार पर उसे भारत लाया गया था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, मिशेल इस घोटाले में जांच के दायरे में आए तीन कथित बिचौलियों में से एक है, जबकि अन्य दो गुइडो हैश्के और कार्लो गेरोसा हैं।

CBI और ED दोनों ने उसके खिलाफ मामले दर्ज किए हैं। फरवरी 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने CBI केस में उसे जमानत दी थी और मार्च 2025 में ED केस में भी उसे जमानत मिल चुकी है, लेकिन शर्तें पूरी न होने के कारण वह अभी जेल में ही है।

ट्रायल कोर्ट ने उसकी रिहाई के लिए 5 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड और समान राशि की कैश सिक्योरिटी की शर्त रखी है, जबकि ED केस में 10 लाख रुपये की अतिरिक्त जमानत राशि तय की गई है। साथ ही उसे पासपोर्ट जमा करने की शर्त से छूट दी गई है, लेकिन FRRO को निर्देश दिया गया है कि वह देश से बाहर जाने से उसे रोके।

CBI के अनुसार इस घोटाले में करीब 2,666 करोड़ रुपये के सरकारी नुकसान का अनुमान है, जबकि ED का आरोप है कि मिशेल को लगभग 225 करोड़ रुपये की अवैध राशि मिली थी।

अब इस मामले की अगली सुनवाई संबंधित बेंच में होगी, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

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