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ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन मनोज झा का बड़ा ऐलान
Ratna Netam
13 Oct 2026 7:30 PM IST

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नई दिल्ली। देश में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक विपक्ष का आंदोलन जारी रहेगा। मनोज झा ने यह बयान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के आवास पर आयोजित INDIA गठबंधन की हाई-टी बैठक के बाद दिया। उन्होंने चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए विपक्षी दलों के एकजुट रुख पर जोर दिया।राहुल गांधी के आवास पर मंगलवार को आयोजित हाई-टी बैठक में INDIA गठबंधन के कई वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े विवाद और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष की अगली रणनीति पर चर्चा करना था। इसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और संयुक्त विरोध प्रदर्शनों को आगे बढ़ाने के मुद्दे प्रमुख रहे।
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि विपक्ष चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रखने का विपक्ष का रुख बना रहेगा।मनोज झा ने कहा कि विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को गंभीरता से उठा रहे हैं। उनके बयान का मुख्य केंद्र चुनाव आयोग की जवाबदेही और विपक्षी गठबंधन की एकजुटता रहा। उन्होंने यह संदेश दिया कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के मुद्दे पर विपक्ष अपने विरोध को जारी रखने के पक्ष में है।
दरअसल, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं। कांग्रेस, आरजेडी और INDIA गठबंधन के अन्य दलों ने इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में किए गए बदलावों से पात्र नागरिकों के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं।हालांकि, चुनाव आयोग और भाजपा ने चुनावी प्रक्रिया में राजनीतिक पक्षपात तथा गड़बड़ी के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का उद्देश्य गलत, दोहराई गई और अपात्र प्रविष्टियों को हटाकर सूची को अद्यतन करना है। इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं।
इससे पहले सोमवार, 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी दलों ने दिल्ली में विरोध मार्च आयोजित किया था। इस दौरान विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधकों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति भी सामने आई। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन से संबंधित घटनाओं को लेकर प्राथमिकी दर्ज की थी।विपक्षी गठबंधन ने चुनाव आयोग से जुड़े विवाद को कानूनी स्तर पर भी उठाया है। विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इसमें एसआईआर प्रक्रिया और मतदाता सूची में किए गए बदलावों की स्वतंत्र जांच की मांग शामिल है।
मंगलवार को राहुल गांधी के आवास पर आयोजित बैठक को इसी राजनीतिक घटनाक्रम की अगली कड़ी माना जा रहा है। बैठक में विपक्षी सांसदों और नेताओं के बीच साझा रणनीति पर बातचीत हुई। इसका उद्देश्य विभिन्न दलों की मांगों में समन्वय बनाना और आगामी विरोध कार्यक्रमों पर चर्चा करना था।आरजेडी सांसद मनोज झा का बयान इस बात का संकेत देता है कि उनकी पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने के पक्ष में है। उन्होंने चुनाव आयोग की जवाबदेही पर जोर देते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर अपना रुख बनाए रखेगा।
वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की संवैधानिक प्रक्रिया भी निर्धारित है। इस्तीफा देना मुख्य चुनाव आयुक्त का व्यक्तिगत निर्णय होता है, जबकि पद से हटाने के लिए संविधान और संबंधित कानून के तहत संसदीय प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है।फिलहाल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध जारी है। मंगलवार की हाई-टी बैठक के बाद मनोज झा ने साफ किया कि विपक्ष इस मुद्दे को छोड़ने के पक्ष में नहीं है। अब यह देखना होगा कि INDIA गठबंधन अपने आगामी कार्यक्रमों को किस रूप में आगे बढ़ाता है।
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