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छठ पूजा को लेकर प्रशासन अलर्ट, घाटों पर महिलाओं के लिए भी होंगे खास इंतजाम

Ratna Netam
6 Nov 2026 6:35 PM IST
छठ पूजा को लेकर प्रशासन अलर्ट, घाटों पर महिलाओं के लिए भी होंगे खास इंतजाम
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नई दिल्ली। छठ महापर्व को लेकर राजधानी दिल्ली में तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और संबंधित विभागों की ओर से घाटों पर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसी कड़ी में दिल्ली के उपराज्यपाल ने DDA की ओर से की जा रही तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को घाटों पर श्रद्धालुओं के लिए सभी जरूरी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि छठ पूजा में शामिल होने वाले व्रतियों और उनके परिजनों को बुनियादी सुविधाओं के लिए किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए।उपराज्यपाल ने घाटों पर साफ-सफाई, पेयजल, रोशनी, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की आवाजाही से जुड़ी व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूजा स्थलों पर आने वाले लोगों की संख्या को देखते हुए पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए। घाटों पर किसी भी तरह की अव्यवस्था या लापरवाही से बचने के लिए संबंधित एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने पर भी जोर दिया गया।
श्रद्धालुओं को मुफ्त मिलेंगी जरूरी सुविधाएं
छठ पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु घाटों पर पहुंचते हैं। व्रती महिलाएं और पुरुष कई घंटों तक पूजा-अर्चना करते हैं और सूर्यदेव को अर्घ्य अर्पित करते हैं। ऐसे में घाटों पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है। उपराज्यपाल ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को जरूरी सुविधाएं बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।घाटों पर पेयजल, सफाई, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। पूजा स्थलों पर पर्याप्त रोशनी होने से सुबह और शाम के समय श्रद्धालुओं को आवागमन में आसानी होगी। वहीं साफ-सफाई की नियमित व्यवस्था से घाटों को स्वच्छ बनाए रखने में मदद मिलेगी।
छठ घाटों की तैयारियों में तेजी
दिल्ली में छठ महापर्व को लेकर इस साल बड़े स्तर पर इंतजाम किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले ही अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर तैयारियों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। सरकार की योजना के अनुसार, इस साल राजधानी में 1,400 से अधिक छठ घाट तैयार किए जाने हैं, जबकि पिछले साल 1,326 घाट बनाए गए थे। अधिकारियों को घाटों पर बुनियादी सुविधाओं की तैयारी 6 नवंबर तक पूरी करने का लक्ष्य दिया गया था।छठ पूजा 13 नवंबर से 16 नवंबर 2026 तक मनाई जाएगी। इस दौरान 15 नवंबर को शाम का अर्घ्य और 16 नवंबर को सुबह उषा अर्घ्य दिया जाएगा। पर्व के प्रमुख दिनों में घाटों पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने तैयारियों को समय से पूरा करने पर जोर दिया है।
महिलाओं के लिए शौचालय और चेंजिंग रूम की व्यवस्था
छठ पूजा के दौरान महिलाओं की सुविधा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर पर्याप्त संख्या में शौचालय और कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। छठ व्रत में शामिल होने वाली महिलाओं को कई घंटों तक घाटों पर रहना पड़ता है। ऐसे में इन सुविधाओं का पर्याप्त होना जरूरी है।दिल्ली सरकार की ओर से बड़े और मध्यम आकार के घाटों पर जरूरत के अनुसार ढके हुए टेंट लगाने की भी योजना है। पूजा स्थल, मंच के पीछे और श्रद्धालुओं के बैठने वाले स्थानों पर अतिरिक्त टेंट लगाए जाएंगे। इससे मौसम में बदलाव और ठंड बढ़ने की स्थिति में श्रद्धालुओं को राहत मिल सकेगी।
सुरक्षा के लिए CCTV और अतिरिक्त निगरानी
छठ पूजा के दौरान घाटों पर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। प्रमुख और अधिक भीड़ वाले घाटों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने तथा संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास मार्गों की व्यवस्था, पुलिस की तैनाती और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के इंतजाम किए जा रहे हैं।इसके अलावा अधिक भीड़ वाले घाटों के आसपास दमकल वाहनों की तैनाती और आपातकालीन सहायता की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य पूजा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को कम करना और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है।
सफाई और कचरा प्रबंधन के लिए विशेष निर्देश
छठ पूजा में स्वच्छता का विशेष धार्मिक और सामाजिक महत्व है। पूजा के दौरान घाटों पर फल, फूल, प्रसाद और अन्य पूजन सामग्री का इस्तेमाल होता है। इससे बड़ी मात्रा में कचरा भी जमा हो सकता है। इस स्थिति को देखते हुए संबंधित एजेंसियों को लगातार सफाई कराने और पर्याप्त संख्या में बड़े कूड़ेदान लगाने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना है कि शाम के अर्घ्य से पहले, रात की पूजा के बाद और सुबह उषा अर्घ्य के तुरंत बाद घाटों की सफाई की जाए। 15 और 16 नवंबर को अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए सफाई कर्मचारियों और अतिरिक्त टीमों को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने की योजना बनाई गई है।
16 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश
छठ महापर्व के अंतिम दिन यानी 16 नवंबर को सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। इस अवसर पर दिल्ली सरकार ने सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को पूजा में शामिल होने और सुबह के धार्मिक अनुष्ठानों के बाद घर लौटने में सुविधा देना है।दिल्ली में पूर्वांचल और बिहार, झारखंड तथा उत्तर प्रदेश से जुड़े बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। उनके लिए छठ महापर्व विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है। ऐसे में राजधानी में व्यापक स्तर पर घाटों की व्यवस्था करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं की यात्रा और सुरक्षा का ध्यान रखना भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
समय से पूरी हों सभी तैयारियां
उपराज्यपाल की ओर से DDA की तैयारियों का जायजा लेने और मुफ्त सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देने के बीच संबंधित विभागों के सामने सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने की जिम्मेदारी है। घाटों पर साफ पानी, पर्याप्त रोशनी, स्वच्छ शौचालय, महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम और सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखना जरूरी होगा।सरकार और प्रशासन का जोर इस बार दिल्ली में छठ पूजा को व्यवस्थित, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने पर है। 1,400 से अधिक घाटों की तैयारी के साथ श्रद्धालुओं के लिए मुफ्त बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल से लाखों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अब सभी की नजर इस बात पर रहेगी कि पूजा शुरू होने से पहले घाटों पर किए जा रहे इंतजाम कितनी अच्छी तरह जमीन पर उतरते हैं।
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