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NDPS केस में 10 किलो गांजा मामले में आरोपी बरी

Kavita2
27 Jun 2026 3:35 PM IST
NDPS केस में 10 किलो गांजा मामले में आरोपी बरी
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Delhi दिल्ली : एक अदालत ने 10 किलोग्राम गांजा रखने के आरोप में गिरफ्तार एक व्यक्ति को सबूतों और कानूनी प्रक्रिया में गंभीर खामियों का हवाला देते हुए बरी कर दिया है। आरोपी पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन कोर्ट ने जांच प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण पाया।

मामले की सुनवाई स्पेशल जज जितेंद्र प्रताप सिंह द्वारा की जा रही थी। यह केस वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था, जिसमें आरोपी अमजद मंडल पर 10 किलो गांजा रखने का आरोप लगाया गया था।

कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष NDPS एक्ट की धारा 52A के तहत निर्धारित अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन करने में विफल रहा। इस प्रावधान के अनुसार जब भी नशीले पदार्थ की बरामदगी होती है, तो उसकी विस्तृत सूची (इन्वेंट्री) तैयार करना, उसकी फोटोग्राफी करना और उसे मजिस्ट्रेट के समक्ष सत्यापन के लिए प्रस्तुत करना आवश्यक होता है।

अदालत ने पाया कि इस मामले में बरामदगी के दौरान आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन ठीक से नहीं किया गया, जिससे सबूतों की विश्वसनीयता पर सवाल उठे। कोर्ट ने कहा कि NDPS मामलों में प्रक्रिया का पालन केवल औपचारिकता नहीं बल्कि अभियोजन की मजबूती का आधार होता है।

फैसले में यह भी संकेत दिया गया कि कानून के तहत निर्धारित प्रक्रियाओं में किसी भी तरह की लापरवाही या चूक आरोपी के अधिकारों को प्रभावित कर सकती है और ऐसे मामलों में दोष सिद्ध करना मुश्किल हो जाता है।

अदालत के अनुसार, जब तक सबूत कानून के अनुसार सही तरीके से एकत्र और प्रमाणित नहीं किए जाते, तब तक केवल बरामदगी के आधार पर दोषसिद्धि संभव नहीं है।

इस फैसले के बाद आरोपी अमजद मंडल को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। यह निर्णय NDPS मामलों में जांच एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है कि प्रक्रिया संबंधी नियमों का सख्ती से पालन अनिवार्य है।

कुल मिलाकर, यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में केवल बरामदगी ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि कानूनी प्रक्रियाओं का सही पालन भी उतना ही जरूरी है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया निष्पक्ष और मजबूत बनी रहे।

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