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कैप्टन स्मित की बहादुरी को ABVP का सलाम अशोक चक्र देने की मांग

Ratna Netam
3 Oct 2026 7:57 PM IST
कैप्टन स्मित की बहादुरी को ABVP का सलाम  अशोक चक्र देने की मांग
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ईटानगर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में आयोजित अपनी दो दिवसीय ‘अखिल भारतीय पदाधिकारी बैठक’ में कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की सराहना करते हुए उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित करने की मांग की है। संगठन के मुताबिक, बैठक में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया गया। इसके अलावा देश के मौजूदा शैक्षिक परिदृश्य, छात्रावासों की स्थिति, छात्र संघ चुनाव, छात्र संघों की बहाली और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।ABVP की यह बैठक 2 और 3 अक्टूबर 2026 को आयोजित की गई। इसमें संगठन के विभिन्न स्तरों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया और देशभर में छात्रों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया।बैठक में विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत के शैक्षिक संस्थानों और छात्रावासों की स्थिति पर चर्चा की गई। संगठन ने अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के अलग-अलग क्षेत्रों में विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं और उनके सामने आने वाली समस्याओं को लेकर अपनी आगामी कार्ययोजना पर मंथन किया।
कैप्टन स्मित मच्छार के लिए प्रस्ताव
बैठक का एक प्रमुख विषय भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से जुड़ा रहा। ABVP ने हालिया विमानन आपात स्थिति के दौरान यात्रियों की सुरक्षा के लिए दिखाई गई उनकी कथित बहादुरी और सूझबूझ की प्रशंसा की।संगठन ने प्रस्ताव के माध्यम से मांग की कि कैप्टन स्मित मच्छार को भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से सम्मानित किया जाए।कैप्टन स्मित को अशोक चक्र देने की मांग हाल के दिनों में अन्य सार्वजनिक मंचों से भी उठी है। हालांकि किसी वीरता पुरस्कार को प्रदान करने का अंतिम निर्णय निर्धारित सरकारी प्रक्रिया और संबंधित अधिकारियों के मूल्यांकन के बाद ही होता है।
शिक्षा के मौजूदा हालात पर मंथन
दो दिवसीय बैठक में देश के मौजूदा शैक्षिक परिदृश्य पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। ABVP के पदाधिकारियों ने उच्च शिक्षा संस्थानों में विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों, कैंपस सुविधाओं और छात्र कल्याण से संबंधित विषयों पर चर्चा की।संगठन की ओर से विभिन्न राज्यों में चल रही गतिविधियों की समीक्षा भी की गई। बैठक में पदाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी परिस्थितियों और छात्रों की समस्याओं की जानकारी साझा की।इसके आधार पर आने वाले महीनों में संगठन की गतिविधियों और अभियानों की रूपरेखा पर भी चर्चा की गई।
छात्र हॉस्टलों की स्थिति पर विशेष फोकस
बैठक में छात्रावासों की स्थिति प्रमुख मुद्दों में शामिल रही। खास तौर पर अरुणाचल प्रदेश सहित पूर्वोत्तर भारत के छात्र हॉस्टलों की मौजूदा स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया गया।देश के अलग-अलग हिस्सों में उच्च शिक्षा के लिए बड़ी संख्या में विद्यार्थी अपने घरों से दूर रहकर पढ़ाई करते हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक छात्रावास महत्वपूर्ण होते हैं। हॉस्टलों में रहने, भोजन, स्वच्छता, सुरक्षा और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विषय विद्यार्थियों के रोजमर्रा के जीवन को सीधे प्रभावित करते हैं।ABVP ने इन मुद्दों को अपने छात्र-केंद्रित अभियानों का हिस्सा बनाने और अलग-अलग क्षेत्रों से जानकारी जुटाने पर जोर दिया।
‘अखिल भारतीय हॉस्टल सर्वेक्षण 2026’ पर चर्चा
बैठक में ‘अखिल भारतीय हॉस्टल सर्वेक्षण 2026’ को लेकर भी विशेष चर्चा हुई। इसके माध्यम से विभिन्न शैक्षिक संस्थानों के छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं और विद्यार्थियों के सामने आने वाली समस्याओं से संबंधित जानकारी जुटाने पर जोर दिया गया।संगठन इस सर्वेक्षण के जरिए देश के विभिन्न हिस्सों में छात्रावासों की वास्तविक स्थिति को समझने का प्रयास कर रहा है। इसमें छात्रों के अनुभव और हॉस्टल से जुड़ी समस्याओं को सामने लाने पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है।सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी के आधार पर संबंधित संस्थानों और अधिकारियों के सामने छात्रावासों से जुड़े मुद्दे उठाने की योजना पर भी बैठक में चर्चा की गई।
छात्र संघ चुनाव भी रहे एजेंडे में
देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में चल रहे छात्र संघ चुनावों पर भी बैठक में चर्चा हुई। अलग-अलग राज्यों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघों की व्यवस्था अलग-अलग है। कुछ संस्थानों में नियमित चुनाव होते हैं, जबकि कई जगह छात्र संघों की बहाली को लेकर मांग उठती रही है।ABVP ने छात्र संघों को विद्यार्थियों की समस्याएं उठाने और कैंपस में प्रतिनिधित्व का माध्यम बताते हुए इस विषय पर अपनी संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा की।बैठक में उन शैक्षिक संस्थानों की स्थिति पर भी विचार किया गया, जहां लंबे समय से छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं या छात्र संघों को बहाल करने की मांग की जा रही है।
पूर्वोत्तर भारत पर विशेष ध्यान
ईटानगर में बैठक आयोजित किए जाने के बीच पूर्वोत्तर भारत से जुड़े छात्र मुद्दों को भी प्रमुखता मिली। अरुणाचल प्रदेश सहित पूर्वोत्तर के विभिन्न राज्यों में भौगोलिक परिस्थितियां, दूरदराज के शैक्षिक संस्थान और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता जैसे विषय छात्रों के लिए महत्वपूर्ण हैं।बैठक में इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की गतिविधियों से जोड़ने और स्थानीय इकाइयों के माध्यम से छात्र हित के मुद्दे उठाने पर विचार किया गया।
आगामी कार्यक्रमों की बनी कार्ययोजना
दो दिवसीय बैठक में केवल मौजूदा समस्याओं पर चर्चा नहीं हुई, बल्कि आने वाले कार्यक्रमों और अभियानों की कार्ययोजना भी तैयार की गई। संगठनात्मक विस्तार, छात्र संपर्क, शैक्षिक मुद्दों पर अभियान और विभिन्न विश्वविद्यालयों में गतिविधियों को लेकर पदाधिकारियों ने चर्चा की।बैठक में अलग-अलग राज्यों में संगठन के कामकाज की समीक्षा करते हुए भविष्य की प्राथमिकताओं को लेकर विचार साझा किए गए।ABVP खुद को शिक्षा और छात्र हित से जुड़े विषयों पर काम करने वाला स्वतंत्र सामाजिक संगठन बताता है। संगठन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार इसकी गतिविधियों का केंद्र शिक्षा, विद्यार्थी, शिक्षक और समाज से जुड़े विषय हैं।
कैप्टन स्मित के सम्मान की मांग बनी चर्चा का विषय
ईटानगर की बैठक में कैप्टन स्मित मच्छार को अशोक चक्र देने की मांग प्रमुख प्रस्तावों में शामिल रही। हाल के दिनों में कैप्टन स्मित के लिए इस सम्मान की मांग अन्य लोगों और संगठनों की ओर से भी सामने आई है।ABVP ने अपने प्रस्ताव में यात्रियों की सुरक्षा के लिए उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की। साथ ही संगठन ने केंद्र सरकार से उन्हें अशोक चक्र से सम्मानित करने पर विचार करने की मांग की।कुल मिलाकर ईटानगर में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय पदाधिकारी बैठक में शिक्षा और छात्र हित से जुड़े मुद्दों के साथ संगठन की आगामी रणनीति पर चर्चा हुई। छात्र हॉस्टलों की स्थिति, अखिल भारतीय हॉस्टल सर्वेक्षण 2026, छात्र संघ चुनाव और छात्र संघों की बहाली बैठक के प्रमुख विषय रहे। वहीं कैप्टन स्मित मच्छार के लिए अशोक चक्र की मांग से जुड़ा प्रस्ताव बैठक के प्रमुख फैसलों में शामिल रहा।
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